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एक दिन, दो पर्व और भाईचारे का बड़ा संदेश: ईस्टर की दुआ से कश्यप जयंती तक डॉ. अनीस बेग ने जिंदा की बरेली की गंगा-जमुनी तहजीब

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नीरज सिसौदिया, बरेली

बरेली की गंगा-जमुनी तहजीब एक बार फिर पूरे शहर में चर्चा का विषय बनी, जब समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. अनीस बेग ने एक ही दिन में दो अलग-अलग धार्मिक आयोजनों में शामिल होकर आपसी प्रेम, सम्मान और भाईचारे का संदेश दिया। ईस्टर के पावन अवसर पर उन्होंने चर्च पहुंचकर शांति और प्रेम का संदेश दिया, वहीं महर्षि कश्यप जन्मोत्सव की शोभायात्रा का भव्य स्वागत कर सामाजिक सौहार्द की एक सुंदर मिसाल पेश की।

 

डॉ. अनीस बेग की इस पहल की शहरभर में सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि बरेली की पहचान हमेशा से उसकी साझा संस्कृति और भाईचारे की परंपरा रही है, जिसे डॉ. बेग ने अपने व्यवहार से फिर जीवंत कर दिया।

सुबह के समय कैंट स्थित बिशप कैथेड्रल चर्च में ईस्टर के अवसर पर विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में कैथोलिक समुदाय के लोग मौजूद रहे। डॉ. अनीस बेग भी इस प्रार्थना सभा में शामिल हुए। चर्च पहुंचने पर बिशप इग्निसीएस डिसूजा ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। डॉ. बेग ने चर्च में कैंडल जलाकर प्रभु ईसा मसीह को नमन किया और सभी लोगों को ईस्टर की शुभकामनाएं दीं।

इस दौरान डॉ. अनीस बेग ने कहा कि ईस्टर प्रेम, क्षमा, त्याग और सत्य की जीत का पर्व है। यह त्योहार हमें सिखाता है कि जीवन में कितनी भी कठिनाइयां क्यों न आएं, प्रेम और सच्चाई की ताकत हर अंधेरे को दूर कर सकती है। उन्होंने कहा कि समाज को आगे बढ़ाने के लिए सभी धर्मों के लोगों को एक-दूसरे के पर्वों में शामिल होकर खुशियां बांटनी चाहिए। बिशप डिसूजा ने भी डॉ. बेग की इस सद्भावना भरी पहल की प्रशंसा की और कहा कि ऐसे प्रयास समाज में शांति और एकता को मजबूत करते हैं।

ईस्टर कार्यक्रम के बाद डॉ. अनीस बेग सीधे महर्षि कश्यप जन्मोत्सव की विशाल शोभायात्रा में पहुंचे। मलकपुर मठिया से शुरू हुई यह शोभायात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होती हुई आगे बढ़ रही थी। बिहारीपुर पुलिस चौकी के सामने डॉ. अनीस बेग ने अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ शोभायात्रा का जोरदार स्वागत किया।

यहां डॉ. बेग के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने शोभायात्रा पर पुष्प वर्षा की, जिससे माहौल पूरी तरह उत्सवमय हो गया। श्रद्धालुओं ने भी इस स्वागत का गर्मजोशी से जवाब दिया। शोभायात्रा में शामिल हजारों लोगों के लिए डॉ. बेग की ओर से जलपान, शरबत और ठंडे पानी की विशेष व्यवस्था की गई। गर्म मौसम को देखते हुए यह सेवा लोगों के लिए काफी राहतभरी रही। श्रद्धालुओं ने इस व्यवस्था की जमकर सराहना की।

शोभायात्रा समिति के पदाधिकारियों ने डॉ. अनीस बेग की सेवा भावना और सम्मानपूर्ण स्वागत से प्रभावित होकर उनका माल्यार्पण कर अभिनंदन किया। इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष शिवचरण कश्यप, हुरिया रहमान, समर्थ मिश्रा, इंजीनियर अनीश सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने मिलकर “महर्षि कश्यप अमर रहें” के जयघोष लगाए और सामाजिक एकता को मजबूत करने का संकल्प लिया।

इस पूरे आयोजन के दौरान सबसे खास बात यह रही कि डॉ. अनीस बेग ने हर मंच से साझा संस्कृति और भाईचारे की बात की। उन्होंने कहा कि बरेली की असली खूबसूरती यहां के मंदिरों की घंटियों, मस्जिदों की अजान और चर्च की प्रार्थनाओं के बीच बसे आपसी विश्वास में है। यही बरेली की पहचान है और यही इसकी सबसे बड़ी ताकत भी है।

डॉ. बेग ने कहा कि समाज को बांटने वाली ताकतों से ऊपर उठकर हमें प्रेम और इंसानियत की राह पर चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीति का असली उद्देश्य भी समाज को जोड़ना और लोगों के बीच विश्वास बढ़ाना होना चाहिए। अगर सभी लोग एक-दूसरे के पर्वों और परंपराओं का सम्मान करें, तो समाज में कभी तनाव की स्थिति पैदा नहीं होगी।

शहर के लोगों ने भी डॉ. अनीस बेग की इस पहल को खूब सराहा। कई सामाजिक संगठनों और बुद्धिजीवियों ने कहा कि आज के समय में जब समाज को बांटने की कोशिशें होती हैं, ऐसे उदाहरण लोगों के लिए प्रेरणा बनते हैं। डॉ. बेग ने जिस तरह एक ही दिन में ईस्टर और महर्षि कश्यप जन्मोत्सव दोनों में शामिल होकर संदेश दिया, वह बरेली की गंगा-जमुनी तहजीब की सच्ची तस्वीर है।

कुल मिलाकर, डॉ. अनीस बेग की यह पहल सिर्फ दो धार्मिक आयोजनों में शामिल होने तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह सामाजिक सौहार्द, आपसी सम्मान और इंसानियत का मजबूत संदेश बनकर सामने आई। बरेली की धरती पर इस तरह की तस्वीरें हमेशा से शहर की पहचान रही हैं, और डॉ. बेग ने उसे एक बार फिर नई मजबूती के साथ लोगों के सामने रखा।

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