नीरज सिसौदिया, बरेली
सोशल मीडिया पर इन दिनों समाजवादी पार्टी के ही लोग एक पोस्ट खूब वायरल करने में लगे हैं। इस पोस्ट में लिखा है कि बरेली की शेयर मार्केट में भारी गिरावट, समाजवादी पार्टी पंचायत चुनाव में नहीं उतारेगी उम्मीदवार। इस पोस्ट में स्पष्ट रूप से कमेंट किए जा रहे हैं कि बरेली में पंचायत चुनाव को लेकर सपा के एक प्रमुख जिला पदाधिकारी ने पांच करोड़ रुपए का टार्गेट रखा था। इसके लिए वसूली भी शुरू कर दी गई थी। एक-एक वार्ड से तीन-तीन दावेदारों से टिकट दिलवाने के नाम पर वसूली भी शुरू हो गई थी। कुछ से वसूली की जा चुकी थी और कुछ से होनी बाकी थी। लेकिन इसी बीच समाजवादी पार्टी हाई कमान ने यह ऐलान कर दिया कि पार्टी इस बार पंचायत चुनाव में पार्टी सिंबल पर कोई प्रत्याशी ही नहीं उतारेगी। इसके बाद तो बरेली के उस सपाई पदाधिकारी की मार्केट क्रैश कर गई। सारे दावेदार अपने-अपने पैसे वापस मांगने पहुंच गए। मजबूरी में नेता जी को पैसे लौटाने पड़े। बताया जाता है कि नेताजी ने दावेदारों से कुछ पैसे खर्च हो जाने की बात कहते हुए पूरी राशि लौटा पाने में असमर्थता जता दी है। ऐसे में दावेदार परेशान हैं। हालांकि कुछ राशि सभी दावेदारों को वापस मिल चुकी है।
बता दें कि टिकट की इस कथित सौदेबाजी का खुलासा खुद समाजवादी पार्टी के पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अनिल पटेल नेताजी ने किया था। उन्होंने पार्टी के जिला पदाधिकारी पर टिकट बेचने का आरोप भी लगाया था। साथ ही यह भी सवाल उठाया था कि भाजपा का एक समर्थक नेता सपा का पोस्टर कैसे लगा रहा है। उन्होंने कहा था कि सपा के ही जिला पदाधिकारी की शह पर यह सब किया जा रहा है। लेकिन अब जबकि समाजवादी पार्टी ने खुद ही यह ऐलान कर दिया है कि समाजवादी पार्टी अपने उम्मीदवार नहीं उतारेगी तो सारा खेल यहीं पर खत्म हो गया। बहरहाल,सपा पदाधिकारी के शेयर बाजार में शेयर मार्केट क्रैश होने पर बनने वाली ब्लड बाथ जैसी स्थिति बनी हुई है। सोशल मीडिया पर बरेली का शेयर बाजार चर्चा का विषय बना हुआ है।

बरेली के सपाई शेयर बाजार में ‘ब्लड बाथ’, पांच करोड़ का था टार्गेट, क्रैश हो गई पंचायत चुनाव की मार्केट, कई वार्डों में तीन-तीन प्रत्याशियों से वसूली गई राशि अब लौटाने को हुए मजबूर, पढ़ें कैसे पंचायत चुनाव के लिए लगने लगी थी टिकटों की बोलियां?




