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धोबी समाज और दलितों को जोड़ने की तैयारी, सर्वजन आम पार्टी करेगी विधानसभावार सम्मेलन, 29 मार्च को बहेड़ी से होगी शुरुआत, पढ़ें क्या है एसएपी की रणनीति?

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नीरज सिसौदिया, बरेली
बरेली में संत गाडगे की जयंती पर आयोजित हुए ऐतिहासिक सम्मेलन की सफलता से उत्साहित सर्वजन आम पार्टी अब अपने संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने की तैयारी में जुट गई है। पार्टी ने घोषणा की है कि अब पूरे जिले में विधानसभावार सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से धोबी समाज और व्यापक दलित समाज को संगठित करने का अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान की शुरुआत 29 मार्च को बहेड़ी विधानसभा क्षेत्र में होने वाले बड़े सम्मेलन से की जाएगी।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयप्रकाश भास्कर ने इस कार्यक्रम की जानकारी देते हुए कहा कि बरेली में संत गाडगे की जयंती पर आयोजित सम्मेलन को समाज के लोगों का जबरदस्त समर्थन मिला था। उस सम्मेलन में बड़ी संख्या में धोबी समाज और अन्य दलित वर्गों के लोग शामिल हुए थे। इस समर्थन ने पार्टी को यह विश्वास दिलाया है कि समाज अब अपने हक और सम्मान के लिए संगठित होने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि उसी ऊर्जा को आगे बढ़ाते हुए अब विधानसभावार सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।
जयप्रकाश भास्कर का कहना है कि आज भी धोबी समाज और व्यापक दलित समाज सामाजिक और राजनीतिक उपेक्षा का सामना कर रहा है। कई दशकों से विभिन्न राजनीतिक दलों ने चुनाव के समय दलितों से समर्थन तो लिया, लेकिन उन्हें उनका वास्तविक हक और प्रतिनिधित्व नहीं दिया। चुनाव खत्म होते ही उनके मुद्दे और समस्याएं पीछे छूट जाती हैं। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि अब समाज के भीतर एक नई राजनीतिक चेतना पैदा हो रही है और लोग अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने लगे हैं।
उन्होंने कहा कि सर्वजन आम पार्टी इसी उद्देश्य के साथ आगे बढ़ रही है कि दलित समाज, खासकर धोबी समाज को राजनीतिक रूप से मजबूत बनाया जाए। पार्टी का मानना है कि जब तक समाज का अपना मजबूत राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं होगा, तब तक उसकी समस्याओं का समाधान भी पूरी तरह संभव नहीं है। इसलिए पार्टी गांव-गांव और विधानसभा स्तर तक जाकर समाज को जागरूक करने और संगठित करने का काम करेगी।
पार्टी के अनुसार, इस अभियान का बिगुल बरेली के आईएमए हॉल में संत गाडगे जयंती के अवसर पर आयोजित सम्मेलन से फूंका जा चुका है। उस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि यदि समाज एकजुट होकर आगे बढ़े तो वह अपनी ताकत को राजनीतिक रूप से भी स्थापित कर सकता है। इसी संदेश को आगे बढ़ाने के लिए अब विधानसभा स्तर पर बड़े सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे।
इस श्रृंखला का पहला सम्मेलन 29 मार्च को बहेड़ी विधानसभा क्षेत्र में आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन में पूरे विधानसभा क्षेत्र के धोबी समाज के साथ-साथ अन्य दलित समाज के लोगों को आमंत्रित किया गया है। पार्टी नेताओं का दावा है कि इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे और यह सम्मेलन संगठन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
पार्टी की योजना के अनुसार बहेड़ी के बाद अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी इसी तरह के सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। सबसे पहले नवाबगंज विधानसभा में सम्मेलन होगा, इसके बाद बिथरी चैनपुर में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके बाद आंवला और फिर मीरगंज विधानसभा क्षेत्रों में भी बड़े स्तर पर सम्मेलन करने की तैयारी है। पार्टी का लक्ष्य है कि बरेली जिले की सभी 9 विधानसभा सीटों पर समाज के लोगों को जोड़कर एक मजबूत संगठन खड़ा किया जाए।
जयप्रकाश भास्कर का कहना है कि इन सम्मेलनों के माध्यम से पार्टी न केवल संगठन को मजबूत करेगी बल्कि समाज के मुद्दों को भी सामने लाएगी। इन कार्यक्रमों में शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सम्मान और राजनीतिक भागीदारी जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। साथ ही समाज के लोगों को यह भी बताया जाएगा कि यदि वे संगठित होकर अपनी ताकत दिखाएं तो राजनीतिक व्यवस्था में उनकी भागीदारी बढ़ सकती है।
उन्होंने कहा कि पार्टी का उद्देश्य केवल सम्मेलन करना नहीं है, बल्कि समाज के लोगों के बीच जागरूकता पैदा करना है। पार्टी चाहती है कि दलित समाज खुद अपने नेतृत्व को आगे लाए और राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाए। इसके लिए युवा वर्ग को विशेष रूप से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
पार्टी ने यह भी संकेत दिया है कि आगामी विधानसभा चुनाव में वह बरेली जिले की सभी प्रमुख विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। पार्टी का मानना है कि यदि समाज का समर्थन मिला तो वह चुनावी मैदान में भी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा सकती है। इसके लिए अभी से संगठनात्मक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि सर्वजन आम पार्टी अपने अभियान को लगातार इसी तरह आगे बढ़ाती है और समाज के बीच सक्रिय रहती है तो स्थानीय राजनीति में उसका प्रभाव धीरे-धीरे बढ़ सकता है। खासकर उन क्षेत्रों में जहां दलित आबादी का अच्छा खासा प्रभाव है, वहां इस तरह के सम्मेलन राजनीतिक समीकरणों को भी प्रभावित कर सकते हैं।
फिलहाल पार्टी की नजर 29 मार्च को बहेड़ी में होने वाले सम्मेलन पर टिकी हुई है। यह सम्मेलन पार्टी के लिए आगे के अभियान की दिशा तय करेगा। यदि इसमें बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल होते हैं तो पार्टी का मनोबल और बढ़ेगा और अन्य विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले कार्यक्रमों को भी नई गति मिलेगी।
कुल मिलाकर संत गाडगे जयंती पर हुए सम्मेलन से मिली ऊर्जा को सर्वजन आम पार्टी अब पूरे जिले में फैलाने की तैयारी में है। विधानसभावार सम्मेलनों के माध्यम से पार्टी धोबी समाज और दलित समुदाय को संगठित करने का प्रयास कर रही है और आने वाले चुनावों को ध्यान में रखते हुए अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने में जुट गई है।

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