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‘अधिकार लेने की पीडीए पंचायत’: जनभागीदारी, होनहार बेटी का सम्मान और राजनीतिक संदेश का संगम, राजेश अग्रवाल ने रखा विकास का एजेंडा, अधिकारों की लड़ाई को दी नई धार, महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी और जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव भी मंच से गरजे

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नीरज सिसौदिया, बरेली

शहर विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता, पार्षद, बरेली विकास प्राधिकरण के सदस्य और पूर्व शहर विधानसभा प्रत्याशी राजेश अग्रवाल ने रविवार को कैंट-सदर क्षेत्र स्थित शहनाई बारात घर में आयोजित भव्य “अधिकार लेने की पीडीए पंचायत” के माध्यम से एक बार फिर जनता के बीच अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष शुभलेश यादव, महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता, स्थानीय व्यापारी और नागरिक शामिल हुए।

कार्यक्रम केवल एक राजनीतिक सभा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें सामाजिक सरोकार, शिक्षा के प्रति सम्मान और पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की राजनीतिक भागीदारी जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया। पूरे आयोजन के केंद्र में राजेश अग्रवाल नजर आए, जिन्होंने अपने संबोधन में शहर के विकास, रोजगार, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठाते हुए जनता के बीच अपनी राजनीतिक प्रतिबद्धता को दोहराया।

30 वर्षों के जनसंपर्क और जनसंघर्ष का किया उल्लेख

अपने संबोधन में राजेश अग्रवाल ने कहा कि वह पिछले लगभग 30 वर्षों से लगातार जनता के बीच रहकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों के सुख-दुख में साथ खड़े होना, आम नागरिकों की समस्याओं को उठाना और आर्थिक तथा सामाजिक मुद्दों पर संघर्ष करना उनकी राजनीतिक यात्रा का मूल आधार रहा है।

उन्होंने कहा कि शहर के लोगों को अच्छी तरह पता है कि जब भी जनता के हितों पर कोई संकट आया है, तब उन्होंने आगे बढ़कर आवाज उठाई है। उनका कहना था कि राजनीति केवल चुनाव जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और जनता की सेवा का रास्ता है। उन्होंने दावा किया कि शहर के विकास और आम लोगों के अधिकारों के लिए उन्होंने हमेशा संघर्ष किया है और आगे भी करते रहेंगे।

शहर के विकास को बनाया मुख्य मुद्दा

राजेश अग्रवाल ने अपने भाषण में बरेली शहर के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि आज भी शहर में रोजगार, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत आवश्यकताओं पर अपेक्षित काम नहीं हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से जनप्रतिनिधि इन विषयों पर गंभीरता से कार्य करने में विफल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यदि समाजवादी पार्टी उन्हें भविष्य में अवसर देती है तो वह शहर के लिए रोजगार सृजन, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में प्राथमिकता के आधार पर कार्य करेंगे। उनका कहना था कि किसी भी शहर की प्रगति केवल सड़कों और भवनों से नहीं होती, बल्कि वहां के युवाओं को रोजगार, बच्चों को शिक्षा और नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने से होती है।

राजेश अग्रवाल ने कहा कि बरेली में अपार संभावनाएं हैं, लेकिन योजनाबद्ध विकास के अभाव में इन संभावनाओं का पूरा लाभ जनता तक नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने शहर के समग्र विकास के लिए जनभागीदारी और जवाबदेह नेतृत्व की आवश्यकता पर बल दिया।

पीडीए पंचायत के जरिए सामाजिक और राजनीतिक संदेश

“अधिकार लेने की पीडीए पंचायत” को समाजवादी पार्टी की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है जिसके तहत पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों को एक साझा मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विभिन्न सामाजिक वर्गों के लोगों की मौजूदगी ने इस संदेश को और मजबूत किया।

राजेश अग्रवाल ने कहा कि लोकतंत्र में अधिकार मांगने से नहीं बल्कि संगठित होकर लेने से मिलते हैं। उन्होंने सामाजिक न्याय, समान अवसर और राजनीतिक भागीदारी की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि समाज के सभी वर्गों को सम्मान और प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।

कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी विभिन्न स्थानीय समस्याओं और जनहित से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। इससे कार्यक्रम केवल भाषणों तक सीमित न रहकर संवाद का मंच भी बना।

मेधावी छात्रा कोशकी यादव का सम्मान बना आकर्षण का केंद्र

कार्यक्रम का सबसे भावनात्मक और प्रेरणादायक क्षण उस समय देखने को मिला जब सीबीएसई 2026 की परीक्षा में 12वीं कक्षा में 96.3 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले में चौथा स्थान हासिल करने वाली मेधावी छात्रा कोशकी यादव को सम्मानित किया गया।

राजेश अग्रवाल ने छात्रा के माता-पिता की उपस्थिति में उसे सम्मानित किया और प्रोत्साहन स्वरूप एक साइकिल भेंट की। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ छात्रा का उत्साहवर्धन किया।

इस अवसर पर राजेश अग्रवाल ने कहा कि समाज की प्रगति में बेटियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने घोषणा की कि भविष्य में भी हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की टॉपर बेटियों को सम्मानित किया जाएगा, ताकि अन्य छात्राओं को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिल सके।

उनका कहना था कि शिक्षा ही वह माध्यम है जो समाज और परिवार दोनों का भविष्य बदल सकती है। इसलिए मेधावी छात्रों और विशेष रूप से बेटियों को सम्मान देना समाज की जिम्मेदारी है।

अतिथियों का पारंपरिक सम्मान

कार्यक्रम में पहुंचे सभी प्रमुख अतिथियों और पदाधिकारियों का पारंपरिक तरीके से पगड़ी पहनाकर, शॉल ओढ़ाकर और फूल मालाएं पहनाकर स्वागत किया गया। इससे आयोजन का माहौल और अधिक गरिमामय हो गया।

समारोह को संबोधित करते सपा महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी।

स्थानीय व्यापारियों और गणमान्य नागरिकों की बड़ी उपस्थिति भी कार्यक्रम की विशेषता रही। बड़ी संख्या में व्यापारी वर्ग के लोगों का शामिल होना यह संकेत देता है कि राजेश अग्रवाल विभिन्न सामाजिक और आर्थिक वर्गों के बीच लगातार संवाद बनाए हुए हैं।

कार्यक्रम के दौरान मंच पर मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी संगठन की मजबूती और आगामी राजनीतिक चुनौतियों पर अपने विचार रखे।

भाजपा पर जमकर बरसे शुभलेश यादव

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष शुभलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा आरक्षण से लेकर रोजगार और सामाजिक सौहार्द तक कई मुद्दों पर जनता के साथ न्याय नहीं कर रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जनता के अधिकारों को कमजोर करने का काम कर रही है और समाज में विभाजन की राजनीति कर रही है। शुभलेश यादव ने कहा कि यदि भाजपा के सामने कोई प्रभावी राजनीतिक चुनौती खड़ी है तो वह समाजवादी पार्टी है।

उन्होंने वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा को पूर्ण बहुमत न मिलने के पीछे समाजवादी पार्टी की मजबूत भूमिका रही। साथ ही उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में भी भाजपा को चुनौती देने और सत्ता से बाहर करने की क्षमता यदि किसी दल में है तो वह समाजवादी पार्टी में है।

उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी लगातार जनता के मुद्दों को उठाने का काम कर रही है।

स्थानीय स्तर पर बढ़ती सक्रियता का संकेत

राजनीतिक विश्लेषकों की नजर में यह आयोजन केवल एक सामान्य पार्टी कार्यक्रम नहीं था। शहर विधानसभा क्षेत्र में समाजवादी पार्टी की गतिविधियों को गति देने और जनता के बीच संगठन की पहुंच बढ़ाने के लिहाज से इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

राजेश अग्रवाल पहले भी शहर की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं और विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर आवाज उठाते रहे हैं। पीडीए पंचायत के माध्यम से उन्होंने एक बार फिर यह संदेश देने का प्रयास किया कि उनकी राजनीति का केंद्र आम जनता और स्थानीय मुद्दे हैं।

कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों की भारी भागीदारी और विभिन्न वर्गों की मौजूदगी ने यह संकेत दिया कि राजेश अग्रवाल लगातार जनसंपर्क बनाए हुए हैं और सामाजिक व राजनीतिक गतिविधियों के माध्यम से अपनी सक्रियता को मजबूत कर रहे हैं।

जनता, शिक्षा और अधिकारों को जोड़ने का प्रयास

शहनाई बारात घर में आयोजित यह पीडीए पंचायत कई मायनों में चर्चा का विषय रही। एक ओर जहां राजनीतिक अधिकारों और सामाजिक न्याय की बात हुई, वहीं दूसरी ओर मेधावी छात्रा के सम्मान के माध्यम से शिक्षा के महत्व का संदेश भी दिया गया।

राजेश अग्रवाल ने अपने संबोधन और पूरे आयोजन के जरिए यह स्पष्ट करने का प्रयास किया कि राजनीति केवल चुनावी समीकरणों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसे समाज के विभिन्न वर्गों को साथ लेकर चलने और उनकी समस्याओं के समाधान का माध्यम बनना चाहिए।

कुल मिलाकर, “अधिकार लेने की पीडीए पंचायत” ने समाजवादी पार्टी के स्थानीय संगठन को सक्रियता का नया संदेश दिया, वहीं राजेश अग्रवाल ने इस मंच के माध्यम से खुद को जनता के मुद्दों, शिक्षा के प्रोत्साहन और शहर के विकास के पक्षधर नेता के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया। उनके समर्थकों का मानना है कि इस तरह के कार्यक्रम भविष्य में शहर की राजनीति में उनकी भूमिका को और अधिक मजबूत बनाने का काम करेंगे।

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