नीरज सिसौदिया, बरेली उत्तर प्रदेश की राजनीति में दलित वोटों की अहमियत हमेशा से निर्णायक रही है। 1990 के दशक में जब बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने मायावती के नेतृत्व में दलितों को एकजुट कर सत्ता का स्वाद चखा था, तब से दलित मतदाता हर चुनाव का सबसे बड़ा फैक्टर बने रहे। लेकिन आज हालात […]

