जयपुर। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ प्रचारक सत्यनारायण का मंगलवार रात निधन हो गया। वह 91 वर्ष के थे और वह पिछले दो महीने से अस्वस्थ चल रहे थे। सवाई मान सिंह अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। उनकी अंतिम यात्रा बुधवार को भारती भवन से चांदपोल मोक्षधाम पहुंची जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनकी अंतिम यात्रा में संघ के वरिष्ठ प्रचारक शंकर लाल, क्षेत्र संघचालक डॉ रमेश चन्द्र अग्रवाल, क्षेत्र प्रचारक निंबाराम, प्रांत कार्यवाह गेंदालाल, प्रांत प्रचारक बाबुलाल सहित कई गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए। उनके निधन पर गुरुवार को सायंकाल 4 से 5 बजे आदर्श विद्यामंदिर अंबाबाड़ी में श्रद्धांजलि सभा आयोजित होगी। आरएसएस के जयपुर विभाग प्रचार प्रमुख अशोक शर्मा ने बताया कि श्री सत्यनारायण 1947 में संघ के स्वयं सेवक बने और 1961 में संघ के प्रचारक हो गए। गंगानगर, सवाईमाधोपुर, सीकर, टोंक में प्रचारक रहे। देश में आपातकाल के समय जयपुर संघ कार्यालय प्रमुख के नाते काम संभाला। इस दौरान हजारी लाल छद्म नाम से पुलिस की गिरफ्त से दूर रहते हुए आपातकाल के विरुद्ध जनजागरण के काम में सक्रिय रहे।
Related Articles
एसएससी पेपर लीक मामले की सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई, सीबीआई जांच होगी
Share nowनई दिल्ली। एसएससी पेपर लीक मामले की जांच को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों की सीबीआई जांच की मांग सरकार ने स्वीकार कर ली है। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने भी मामले की सुनवाई करने पर सहमति जता दी है। सर्वोच्च न्यायालय में इस मामले की सुनवाई आगामी 12 मार्च से शुरू होगी। हालांकि 4 […]
आमिर खान ने सिद्धार्थ पी मल्होत्रा की फ़िल्म ‘महाराज’ की सफलता के लिए इंटिमेट पार्टी होस्ट की
Share nowपूजा सामंत, मुंबई सिद्धार्थ पी मल्होत्रा अपनी हालिया निर्देशित फिल्म ‘महाराज’ की सफलता का आनंद ले रहे हैं। फिल्ममेकर एक प्रमुख ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने के बाद मिली प्रशंसा का जश्न मना रहे हैं। ‘महाराज’ की सफलता का जश्न मनाने में उनके साथ आमिर खान भी शामिल हैं, जिन्होंने हाल ही में सिद्धार्थ […]
तय थी सांपला की छुट्टी, मलिक के सामने चुनौतियों के पहाड़
Share nowनीरज सिसौदिया आगामी लोकसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी में सियासी उठापटक तेज हो गई है। एक के बाद एक विजय सांपला के खाते में बढ़ती नाकामियों ने आखिरकार उनसे पंजाब प्रदेश भाजपा प्रधान का ताज छीन ही लिया। विजय सांपला का कार्यकाल चुनौतीपूर्ण होने के साथ ही विवादों से भरा भी रहा […]



