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शुरुआत छोटे से करो लेकिन सोच बड़ी रखो,  अशनीर ग्रोवर ने छात्रों को दिए नए उद्यमिता के मूलमंत्र

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नीरज सिसौदिया, बरेली

नए नवाचारों के ज़रिए रोजगार पैदा करने वाले अशनीर ग्रोवर का आगमन कल इनवर्टिस विश्वविद्यालय में हुआ, जहाँ उन्होंने छात्रों के साथ नवाचार से रोगजार कैसे पैदा हो? इस बात पर चर्चा करते हुए उद्योग के मूलमंत्र साझा किए। अशनीर ग्रोवर भारतीय वित्तीय उद्योग में एक जाना-माना नाम है, जो एक प्रसिद्ध उद्योगपति, भारत पे सह-संस्थापक और शार्क टैंक इंडिया के पूर्व जज है। ग्रोवर ने छात्रों के साथ संवाद करते हुए कहा कि किसी भी नवाचार की शुरुआत करने के लिए सबका सहयोग होना बहुत ज़रूरी हैं। नए नवाचार को करने के लिए सबका सहयोग भी ज़रूरी है। असफलता को गले लगाकर आगे बढ़ो, साथ ही उन्होंने कहा कि शुरुआत छोटे से करो लेकिन सोच बड़ी रखो।


इसी अवसर पर अशनीर ने उद्यमिता, स्टार्टअप्स, और जोखिम प्रबंधन विषय पर अपने अनुभवों और ज्ञान को साझा किया। उन्होंने छात्रों के समक्ष अपने जीवन की चुनौतियों, संघर्षों और सफलता की कहानी प्रस्तुत की, जिसमें उन्होंने यह बताया कि कैसे फिनटेक जगत में भारत पे को एक प्रमुख स्थान मिला। ग्रोवर ने छात्रों को विभिन्न स्टार्टअप्स की असफलताओं और उनसे मिलने वाली सीख के बारे में बताया। साथ ही ग्रोवर ने भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में आने वाली चुनौतियों और अवसरों पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने अशनीर ग्रोवर से कई सवाल पूछे, जिनका उन्होंने उत्साहपूर्वक और व्यावहारिक दृष्टिकोण से उत्तर दिया। प्रश्नों के जवाब देते हुए उन्होंने यह भी साझा किया कि एक उद्यमी को किस तरह की मानसिकता अपनानी चाहिए और जोखिमों का प्रबंधन कैसे करना चाहिए?


विश्वविद्यालय के एक्जीक्यूटिव डॉयरेक्टर पार्थ गौतम ने इस अवसर पर कहा अशनीर ग्रोवर जैसे प्रेरणादायक व्यक्तित्व का विश्वविद्यालय में आना छात्रों के लिए एक अनमोल अवसर है। उनका अनुभव और विचार छात्रों को न केवल उद्यमिता के प्रति जागरूक करेंगे, बल्कि नए विचारों को साकार करने के लिए भी प्रेरित करेंगे। इसी मौके पर इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी डीन प्रो. आरके शुक्ला, पत्रकारिता विभाग डीन डॉ. राजेश शर्मा, मैनेजमेंट डीन प्रो. मनीष गुप्ता, अनुप्रयुक्त विज्ञान एवं मानविकी डीन प्रो. पीपी सिंह, कुलानुशासक प्रो. केके दुबे मौजूद, पत्रकारिता एवं जनसंचार विभागाध्यक्ष डॉ. ललित कुमार, विभागाध्यक्ष शिक्षा डॉ. वैभव चौहान, विभागाध्यक्ष बीबीए डॉ. राजीव सिंह भंडारी, विभागाध्यक्ष एमबीए डॉ. अंकिता टंडन, विभागाध्यक्ष बीकॉम डॉ. धीरज गांधी साथ ही विश्वविद्यालय के सभी सहायक प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति रही।

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