नीरज सिसौदिया, बरेली
बरेली नगर निगम में समाजवादी पार्टी पार्षद दल के नेता गौरव सक्सेना बाईपास गोलीकांड में एफआईआर दर्ज होने के बाद गैर जमानती वॉरंट जारी होने के साथ ही फरार चल रहे हैं।

उन्हें न तो अब तक गिरफ्तार किया जा सका है और न ही उन्हें अदालत से कोई राहत मिल सकी है। ऐसे में यह चर्चा आम होने लगी है कि क्या नगर निगम की आगामी बैठक बिना नेता प्रतिपक्ष के ही होगी या फिर नया नेता प्रतिपक्ष चुना जाएगा। संभावना जताई जा रही है कि नगर निगम बोर्ड की बैठक इसी माह के अंत में या दिसम्बर के पहले सप्ताह में हो सकती है।

इस संबंध में जब महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि हम पुलिस प्रशासन से बात कर रहे हैं। गौरव सक्सेना को अगर आगामी बोर्ड बैठक से पहले कोई राहत नहीं मिलती है और वो बैठक में जाने में असमर्थ रहते हैं तो पार्टी की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। हम पार्टी के पार्षदों के साथ बैठक करके विकल्प तलाशेंगे। किसी वरिष्ठ पार्षद को वैकल्पिक तौर पर यह जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
फिलहाल, समाजवादी पार्टी पार्षद दल के नए नेता के लिए तीन वरिष्ठ पार्षदों के नामों की प्रमुख रूप से चर्चा हो रही है। इनमें पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेश अग्रवाल, वरिष्ठ पार्षद अब्दुल कय्यूम खां उर्फ मुन्ना एवं वरिष्ठ पार्षद आरिफ कुरैशी के नाम शामिल हैं।

माना जा रहा है कि इस बार किसी मुस्लिम पार्षद को यह जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। इनमें एक नाम पार्षद शमीम अहमद का भी बताया जा रहा है।

हालांकि वरिष्ठता के आधार पर चयन किया जाता है तो राजेश अग्रवाल, अब्दुल कय्यूम खां उर्फ मुन्ना और आरिफ कुरैशी सबसे वरिष्ठ पार्षद हैं। लेकिन पिछली बार इन सभी वरिष्ठ पार्षदों की जगह गौरव सक्सेना को यह अवसर प्रदान किया गया था। ऐसे में इस बार भी कुछ भी होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।






