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कभी बेचते थे लॉटरी, अब हैं अरबपति, ईडी के पास पहुंचा भाजपा के मेयर उमेश गौतम की अरबों की संपत्ति का मामला, जिला सहकारी संघ के पूर्व चेयरमैन ने की शिकायत, बताया कहां-कहां है मेयर की संपत्ति, आप भी जानिए

नीरज सिसौदिया, बरेली
एक मामूली परिवार से ताल्लुक रखने वाले बरेली के भाजपा के मेयर उमेश गौतम की अरबों रुपए की संपत्ति अब जांच के दायरे में है। जिला सहकारी संघ के पूर्व चेयरमैन महेश पांडे ने उनकी संपत्ति का पूरा ब्योरा ईडी के निदेशक को सौंपा है। साथ ही मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की अपील भी की है। उन्होंने ईडी निदेशक को भेजी गई शिकायत में कहा है कि एक जमाने में लॉटरी बेचने वाले उमेश गौतम और उनके परिजनों के पास अरबों रुपए की संपत्ति कैसे आ गई इसकी जांच की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी बताया है कि उमेश गौतम की यह संपत्ति किस-किस शहर में और कहां-कहां है।
ईडी निदेशक को दी गई शिकायत में महेश पांडेय ने कहा है,
‘आपके संज्ञान में लाना चाहूँगा कि उमेश गौतम पुत्र केके गौतम निवासी सिविल लाईन्स बड़े डाकखाने के सामने, बरेली, जोकि मौजूदा समय में नगर निगम बरेली के महापौर हैं, वर्ष 1992-93 में महज एक छोटे लॉटरी के व्यापारी के रूप में थाना कोतवाली के सामने लॉटरी के काउन्टर लगवाया करते थे, इनके द्वारा अपनी राजनीतिक पहुँच व अवैध रूप से लॉटरियों द्वारा अर्जित सम्पत्ति व धन-बल के बूते नगर निगम बरेली की लगभग डेढ़ सौ करोड़ रूपये मूल्य की सम्पत्ति जो कि शाहजहांपुर रोड बरेली में स्थित है, पर कब्जा करके बिना मानचित्र स्वीकृत कराये अथवा स्वीकृत मानचित्र के विपरीत अवैध निर्माण कराया गया तथा राजनीति की आड़ में अवैध रूप से कई हजार करोड़ रुपये की अवैध कमाई की गयी। इनके पिता केके गौतम महज उप्र पुलिस में उप निरीक्षक, निरीक्षक जैसे पदों पर तैनात रहे। जनपद मथुरा में इनके गांव में नाममात्र की पैतृक सम्पत्ति है। जबकि आज की तारीख में उमेश गौतम व उनके परिजनों के नाम लगभग पन्द्रह करोड़ रूपये के वाहन जनपद बरेली, नोएडा व दिल्ली में पंजीकृत हैं। इनके स्वामित्व की इनवर्टिस यूनिवर्सिटी का बाजार मूल्य लगभग दो हजार करोड़ रूपये है। इसी प्रकार सिविल लाईन्स बरेली में डाकखाने के के सामने स इनकी कई करोड़ रूपये की सम्पत्ति मौजूद है। इसी क्रम में नोएडा के सेक्टर-36 में डी-130 व नोएडा के सेक्टर-71 में बी-23 इनके व इनके परिजनों की सम्पत्तियां प्रकाश में आयी हैं। इसके अतिरिक्त इनके स्वयं व इनके परिजनों के नाम बेशुमार बेनामी सम्पत्तियां भी हैं। जिनकी जाँच किया जाना नितान्त आवश्यक है। उमेश गौतम द्वारा नगर निगम बरेली के महापौर पद पर निर्वाचित होने के बाद इन्होंने सरकारी धन की बन्दरबांट करके कई सौ करोड़ की सम्पत्ति एकत्र की है। जो कि आय के ज्ञात स्त्रोतों से कई सौ गुना अधिक है। अतः व्यापक लोकहित को दृष्टिगत रखते हुए तत्काल उपरोक्त वर्णित परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए विस्तृत जांच किये जाने के आदेश सम्बन्धित को देने की कृपा करें।’
बता दें कि शिकायतकर्ता खुद भी भाजपा नेता हैं। इस संबंध में जब मेयर उमेश गौतम से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

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