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सपा की समीक्षा बैठक में जिला अध्यक्ष शुभलेश यादव ने दिया एकजुटता का संदेश, चंद्रसेन सागर ने गिनाईं अपनी तैयारियां, स्थानीय नेताओं द्वारा किए जा रहे असहयोग का मुद्दा भी उठाया, पढ़ें और क्या-क्या हुआ बैठक में?

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नीरज सिसौदिया, बरेली
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में अब ज्यादा समय नहीं रह गया है। इसलिए समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष शुभलेश यादव ने बरेली जिले में अपनी चुनावी तैयारियों को तेज कर दिया है। मंगलवार को सपा के जिला कार्यालय में आयोजित फरीदपुर, बिथरी चैनपुर और भोजीपुरा विधानसभा सीटों की बूथ समीक्षा बैठक में संगठन की मजबूती, बूथ प्रबंधन और आगामी चुनावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। हालांकि बैठक केवल संगठनात्मक समीक्षा तक सीमित नहीं रही, बल्कि फरीदपुर विधानसभा सीट पर टिकट की दावेदारी और पार्टी के भीतर समन्वय की कमी जैसे मुद्दे भी खुलकर सामने आए।
जिला अध्यक्ष शुभलेश यादव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में बड़ी संख्या में पार्टी के निवर्तमान पदाधिकारी, बूथ स्तर के कार्यकर्ता और स्थानीय नेता मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र में बूथों की स्थिति की समीक्षा करना और आगामी चुनाव के लिए संगठन को मजबूत बनाने की रणनीति तय करना था।
बैठक के दौरान शुभलेश यादव ने कार्यकर्ताओं से जमीनी स्तर पर सक्रिय रहने और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव जीतने का रास्ता बूथों से होकर गुजरता है और यदि पार्टी को 2027 में सफलता हासिल करनी है तो हर कार्यकर्ता को पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा।
बैठक का सबसे चर्चित घटनाक्रम उस समय सामने आया जब कार्यक्रम समाप्त होने से कुछ समय पहले फरीदपुर विधानसभा सीट से टिकट की एक महिला दावेदार भी पार्टी कार्यालय पहुंच गईं। बताया जाता है कि जब उनकी कुर्सी फरीदपुर विधानसभा सीट से टिकट के प्रबल दावेदार माने जा रहे समाजवादी बाबा साहेब अंबेडकर वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव चंद्रसेन सागर के बगल में लगाई गई तो उससे पहले ही चंद्रसेन सागर अपनी सीट छोड़कर बाहर गैलरी में चले गए। इस घटनाक्रम ने मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
स्थिति को देखते हुए जिला अध्यक्ष शुभलेश यादव ने स्वयं हस्तक्षेप किया और चंद्रसेन सागर से बैठक में रुकने का अनुरोध किया। इसके बाद चंद्रसेन सागर वापस आए और उन्होंने जिला अध्यक्ष से अपनी बात रखने के लिए समय मांगा। अनुमति मिलने पर उन्होंने बैठक को संबोधित करते हुए बूथ स्तर पर किए गए अपने कार्यों की जानकारी दी।
चंद्रसेन सागर ने अपने संगठनात्मक कार्यों का विस्तृत ब्यौरा रखा। उन्होंने कहा कि वह विधानसभा क्षेत्र के बूथों पर संगठनात्मक काम पूरा कर चुके हैं और इसकी रिपोर्ट पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव तक भेजी जा चुकी है।
चंद्रसेन सागर ने कहा कि पार्टी नेतृत्व के निर्देश मिलते ही उन्होंने फरीदपुर विधानसभा के सभी 410 बूथों की मतदाता सूची उपलब्ध करा दी थी। वर्तमान में कार्यकर्ता बूथों पर जातिगत आंकड़ों का संकलन कर रहे हैं और लगभग 200 बूथों का कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने भरोसा जताया कि शेष काम भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। हालांकि बैठक के दौरान उनका भाषण केवल संगठनात्मक उपलब्धियों तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने कुछ स्थानीय निवर्तमान पदाधिकारियों पर असहयोग का आरोप भी लगाया। चंद्रसेन सागर ने कहा कि बूथों को मजबूत करने के अभियान में उन्हें संगठन से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। उन्होंने विशेष रूप से निवर्तमान तहसील अध्यक्ष बलराम यादव की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यादव की ओर से उनका कोई सहयोग नहीं किया जा रहा है। संगठनात्मक कार्यों में उन्हें अकेले ही मेहनत करनी पड़ी।
बैठक में मौजूद निवर्तमान तहसील अध्यक्ष बलराम यादव ने जब इस पर प्रतिक्रिया देने की कोशिश की तो माहौल कुछ देर के लिए गरमा गया। चंद्रसेन सागर ने सख्त लहजे में कहा, ‘आपको बोलने का कोई अधिकार नहीं है क्योंकि आपकी लिस्ट में मेरा नाम कहीं नहीं है। आपने जब जाेन प्रभारियों की बैठक का आयोजन कराया था तो टिकट के कई दावेदारों का फोटो और नाम बैनर में लिखवाया था लेकिन मेरा नाम नहीं लिखवाया था। मैं जिला अध्यक्ष जी से अपनी बात कह रहा हूं और जो आदेश मुझे जिला अध्यक्ष जी देंगे मैं उसका पालन करूंगा।’ उन्होंने आरोप लगाया कि बलराम यादव की ओर से आयोजित जोन स्तरीय बैठक के पोस्टर और बैनरों में उनका (चंद्रसेन सागर का) नाम जानबूझकर नहीं रखा गया।
इस पर जिला अध्यक्ष शुभलेश यादव ने संगठन में एकजुटता पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पार्टी का लक्ष्य 2027 में विधानसभा चुनाव जीतना और अखिलेश यादव को दोबारा मुख्यमंत्री बनाना है। यह लक्ष्य तभी हासिल किया जा सकता है जब सभी नेता और कार्यकर्ता आपसी मतभेद भुलाकर एक-दूसरे का सहयोग करें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि जो भी नेता संगठन को मजबूत करने के लिए काम कर रहा है, उसे पूरा सम्मान और सहयोग मिलना चाहिए। व्यक्तिगत मतभेदों को किनारे रखकर पार्टी हित को सर्वोपरि रखना होगा।
बैठक से यह संकेत भी मिला कि समाजवादी पार्टी फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र में बूथ स्तर पर विशेष फोकस कर रही है। जातिगत आंकड़ों के संकलन से लेकर मतदाता सूची के विश्लेषण तक, पार्टी की रणनीति पूरी तरह माइक्रो मैनेजमेंट पर आधारित दिखाई दे रही है। यह वही मॉडल है जिसे सपा नेतृत्व पिछले कुछ चुनावों से लगातार मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
राजनीतिक दृष्टि से देखें तो फरीदपुर विधानसभा सीट पर अभी से सक्रियता बढ़ना इस बात का संकेत है कि टिकट के दावेदार अपने-अपने समर्थकों और संगठनात्मक नेटवर्क को मजबूत करने में जुट गए हैं। आने वाले महीनों में यहां राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।

वहीं, फरीदपुर विधानसभा सीट के एक नेता एवं शिक्षक मंगल को जब शिक्षक एमएलसी चुनाव की तैयारियों संबंधी फाइल सौंपी गई तो उन्होंने फाइल लौटा दी। इसके अलावा फरीदपुर से टिकट के एक अन्य दावेदार हरीश लाखा ने बूथों पर काम करने से यह कहकर मना कर दिया कि वह बाहर जा रहे हैं जिसकी वजह से उनके पास समय नहीं है। बैठक में पूर्व प्रत्याशी विजयपाल सिंह को छोड़कर टिकट के बाकी सभी दावेदार शामिल हुए। भोजीपुरा और बिथरी चैनपुर विधानसभा सीट से आए सभी नेताओं ने बूथों को मजबूत करने पर सहमति जताई।

फिलहाल बूथ समीक्षा बैठक ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सपा संगठन चुनावी मोड में आ चुका है।

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