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नाथ नगरी के मंदिरों में इस सावन जमकर होगा भोलेनाथ का जलाभिषेक, डॉक्टर प्रमेंद्र माहेश्वरी ने किया है विशेष इंतजाम, भोले बाबा का हर भक्त कर पाएगा जलाभिषेक, पढ़ें क्या है डॉ. प्रमेंद्र माहेश्वरी की तैयारी?

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नीरज सिसौदिया, बरेली
सावन के महीने में यूं तो इंद्रदेव पूरी धरती को नहलाते हैं लेकिन देवों के देव महादेव के जलाभिषेक का सौभाग्य हर किसी को नहीं मिल पाता। मंदिरों में उमड़ने वाली भक्तों की बेतहाशा भीड़ के आगे सारे इंतजाम अधूरे से लगने लगते हैं। कभी दर्शन के लिए लंबी लाइन लगानी पड़ती है तो कभी भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए जल पात्र ही नहीं मिलता। नाथ नगरी के शिव मंदिरों में पिछले सावन में कई मंदिरों में ऐसा नजारा देखने को मिला लेकिन अबकी बार सावन में ऐसा बिल्कुल नहीं होगा। इस बार नाथ नगरी में भोलेनाथ जमकर नहाएंगे और उनके जलाभिषेक के लिए भक्तों को जल पात्र की कोई कमी नहीं होगी। वरिष्ठ भाजपा नेता और बरेली शहर के जाने-माने ऑर्थो सर्जन डॉक्टर प्रमेंद्र माहेश्वरी ने इस बार नाथ नगरी के मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए जल पात्र (लोटा) का विशेष इंतजाम किया है। नाथ नगरी के सभी प्रमुख मंदिरों में आने वाले भक्तों को जलाभिषेक के लिए नि: शुल्क जल पात्र दिए जाएंगे। सभी मंदिरों को पर्याप्त संख्या में जल पात्र मुहैया करा दिए गए हैं। बरेली के इतिहास में ऐसा इंतजाम संभवत: पहली बार किया जा रहा है।


इस संबंध में डॉक्टर प्रमेंद्र माहेश्वरी बताते हैं, ‘सावन शुरू हो चुका है। हम सभी नाथ नगरी के लोग हैं और हमारा यह प्रयास रहता है कि हम सावन के महीने को अधिक से अधिक उत्साह और उल्लास के साथ मनाएं ताकि पूरी दुनिया में नाथ नगरी का नाम एक धार्मिक नगरी के रूप में प्रचलित हो। हम सभी लोग सावन के महीने में कुछ न कुछ सेवा करना चाहते हैं। कुछ कांवड़ लेकर जाते हैं, कुछ लोग भंडारे लगाते हैं, हमने बहुत बार कांवड़ियों के लिए बहुत सारे मेडिकल कैंप भी लगाए हैं। कई बार मैंने देखा कि मंदिरों में बहुत से श्रद्धालुओं को जल चढ़ाने के लिए कलश (लोटे) भी नहीं मिल पाते हैं, क्योंकि अधिक संख्या में श्रद्धालु आते है तो मन में विचार आया कि इस बार कुछ ऐसा किया जाए कि श्रद्धालुओं को कम से कम परेशानी हो। इसलिए इस बार संकल्प लिया गया कि नाथ नगरी के सभी मंदिरों में कुछ कलश, कुछ लोटे पहुंचाए जाएं जिससे उन्हें कलश लेने के लिए या जल पात्र लेने के लिए लाइन में न लगना पड़े और वो आसानी से भोलेनाथ का जलाभिषेक कर सकें। इसी संकल्प को लेकर, इसी विचार को लेकर हम लोग इस बार सावन में भगवान शंकर की पूजा करेंगे।’


बता दें कि सावन का महीना हिंदू धर्म में एक विशेष महत्व रखता है, जो भगवान शिव की पूजा और आराधना के लिए समर्पित होता है। इस पवित्र महीने के दौरान, भगवान शिव को जल चढ़ाने का विशेष महत्व है। भगवान शिव को जल चढ़ाने से उनकी कृपा और आशीर्वाद प्राप्त होता है, और यह एक व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाने में मदद करता है। यह एक प्रतीकात्मक क्रिया है जो भगवान शिव की शुद्धता और पवित्रता को दर्शाती है।

मान्यता है कि सावन में भोलेनाथ का जलाभिषेक करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जलाभिषेक के बिना शिव जी की पूजा पूरी नहीं होती। यही वजह है कि सावन माह में कांवड़ियों सैकड़ों किलोमीटर की दूरी तय करके भोलेनाथ के धाम जाकर उनका जलाभिषेक करते हैं।
डॉक्टर प्रमेंद्र माहेश्वरी की इस पहल का उद्देश्य शिवभक्तों और कांवड़ियों को भगवान शिव की पूजा और आराधना में सुविधा प्रदान करना है। इससे शिवभक्तों और कांवड़ियों को भगवान शिव को जल चढ़ाने में आसानी होगी, और वे अपनी पूजा और आराधना को और भी पवित्र और अर्थपूर्ण बना सकेंगे।


डॉक्टर प्रमेंद्र माहेश्वरी की इस पहल से समाज में एक अच्छा संदेश जाएगा। यह पहल दिखाती है कि कैसे एक व्यक्ति समाज के लिए कुछ अच्छा कर सकता है। इससे समाज में एकता और सौहार्द की भावना को बढ़ावा मिलेगा, और अन्य लोग भी प्रेरित होंगे।

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