नीरज सिसौदिया, बरेली
समाजवादी पार्टी के बरेली जिला अध्यक्ष शिवचरण कश्यप और विवादों का नाता बहुत गहरा है। अब एक बार फिर शिवचरण कश्यप विवादों में आ गए हैं। इस बार मामला एक व्यापारी से 25 लाख रुपए की रंगदारी मांगने और मारपीट करने का है। लेकिन इस बार शिवचरण कश्यप बुरी तरह फंस गए हैं। वह पीड़ित व्यापारी के एक रिश्तेदार के पास माफी मांगने पहुंचे। साथ ही अपनी पार्टी के दो पदाधिकारियों को भी अपने साथ ले गए और दोनों पदाधिकारियों से पैर छूकर माफी भी मंगवाई।
इस कथित वीडियो में सपा के जिला अध्यक्ष शिवचरण कश्यप, सचिव बृजेश श्रीवास्तव और समाजवादी छात्र सभा के अध्यक्ष अविनाश मिश्रा नजर आ रहे हैं। श्रीवास्तव और मिश्रा कथित वीडियो में स्पष्ट रूप से कहते सुनाई दे रहे हैं कि उनसे गलती हुई है और पीड़ित व्यापारी श्याम कृष्ण गुप्ता उनके बड़े भाई जैसे हैं, आगे से ऐसी गलती नहीं होगी। इस पर शिवचरण कश्यप उन्हें टोकते हुए कहते हैं कि जहां भी ये मिलेंगे इनके पैर छूने होंगे। इस पर दोनों पदाधिकारी सहमति जताते हैं। इस बीच पीड़ित श्याम कृष्ण गुप्ता का एक रिश्तेदार खड़ा होता है और वह सपा जिलाध्यक्ष शिवचरण कश्यप की ओर इशारा करते हुए कहता है कि इन्होंने मेरे पैर दबाए आकर तब मैं माफीनामा स्वीकार करने के लिए तैयार हुआ हूं। पीड़ित के रिश्तेदार के इन शब्दों पर भी शिवचरण कश्यप को प्रतिक्रिया नहीं देते। उनकी खामोशी इस बात को और पुष्ट करती है।
साथ ही पार्टी पदाधिकारियों का यह माफीनामा उनके अपराध की पुष्टि करता है। यह साबित करता है कि समाजवादी पार्टी के इन नेताओं ने सरेआम गुंडागर्दी करते हुए सीधे-सादे व्यापारी को अपना शिकार बनाया।
सपा पदाधिकारियों की गुंडागर्दी के इस कुबूलनामे के बाद आम जनता में सीधा सा यह संदेश जा रहा है कि समाजवादी पार्टी में अब भी गुंडा तत्व सक्रिय हैं। चूंकि यूपी में भाजपा की सरकार है इसलिए उनकी गुंडागर्दी चल नहीं पा रही है। अगर सपा फिर से सत्ता में आएगी तो एक बार फिर से उसी गुंडाराज की वापसी हो सकती है जिसका डर व्यापारियों को आज भी सता रहा है।
पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव एक तरफ पार्टी की छवि सुधारने के प्रयास में लगे हुए हैं तो वहीं उनकी ही पार्टी के पदाधिकारियों के काले कारनामे उनकी इस मेहनत पर पानी फेरने में लगे हुए हैं। चुनावी साल से ठीक पहले पार्टी पदाधिकारियों की इस हरकत ने पूरी समाजवादी पार्टी की थू-थू करवा दी है। बरेली जिले में फिलहाल ऐसी मुसीबत खड़ी कर दी गई है कि पार्टी को अगर इस मुसीबत से निकलना है तो उसे ऐसे पदाधिकारियों को पार्टी से तत्काल बर्खास्त कर कड़ा संदेश देना होगा। चूंकि सपा के पदाधिकारी खुद अपना अपराध स्वीकार करते हुए माफी की गुहार लगा रहे हैं और घटना का वीडियो भी खुलेआम वायरल हो रहा है तो सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव इस मामले को भाजपा की साजिश भी करार नहीं दे सकते। अगर अखिलेश यादव इन पदाधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं करते तो जनता के बीच सीधा सा संदेश जाएगा कि अखिलेश यादव खुद गुंडागर्दी को खुला समर्थन दे रहे हैं। बहरहाल, बरेली जिले की नौ विधानसभा सीटों पर समाजवादी पार्टी के इन पदाधिकारियों के कारनामों ने पार्टी की थू-थू करवा दी है। अब पार्टी चाहे जितने पीडीए सम्मेलन करवा ले या मोहब्बत के पैगाम बांट ले, जब तक इन पदाधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती तब तक उस पर गुंंडों की पार्टी का टैग नहीं मिट पाएगा। जनता यह बात बाखूबी जानती है कि अगर आज प्रदेश में सपा की सरकार होती तो इनमें से कोई भी पदाधिकारी माफी तो बिल्कुल भी नहीं मांगता, उल्टे व्यापारी की जान जरूर आफत में पड़ जाती या वह थाने में शिकायत की हिम्मत तक नहीं जुटा पाता। बहरहाल, अखिलेश यादव एक समझदार नेता हैं, इस संबंध में वह क्या निर्णय लेते हैं यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।
पीड़ित व्यापारी ने ये लगाए थे तहरीर में आरोप
सिविल लाइंस के प्रतिष्ठित व्यापारी श्याम कृष्ण ने पुलिस को दी गई तहरीर में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष शिवचरण कश्यप पर 25 लाख रुपये की रंगदारी मांगने, मकान खाली कराने के दबाव, मारपीट और जान से मारने की धमकी के गंभीर आरोप लगाए थे। व्यापारी ने कोतवाली में तहरीर देकर कहा था कि घटना के बाद से वह और उनका परिवार गहरे खौफ में हैं।
श्याम कृष्ण के मुताबिक, उनका मकान सपा कार्यालय के बिल्कुल बगल में है। आरोप है कि शिवचरण कश्यप के पद संभालते ही उनके कार्यकर्ता-अविनाश मिश्रा, समर्थ मिश्रा और बृजेश श्रीवास्तव लगातार दबाव बनाने लगे कि या तो मकान खाली करो या 25 लाख रुपये दो, वरना जीना मुश्किल कर देंगे।
व्यापारी ने तहरीर में बताया था कि 24 जुलाई को शाम 5:40 बजे, स्कूटी घर के सामने खड़ी करने के कुछ देर बाद, शिवचरण कश्यप गाड़ी में बैठकर अपने साथियों को गाली देते हुए कह रहे थे कि स्कूटी तोड़ दो। विरोध करने पर वे गाड़ी से उतरे और इशारा कर अपने साथियों से व्यापारी को पिटवाया, धक्का देकर गिराया और चोटें पहुंचाईं। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।
पीड़ित का कहना है कि शिवचरण अपने गनर के साथ आए थे, ताकि दबाव बनाया जा सके। घटना के बाद से वे रिश्तेदारों के यहां छिपकर रह रहे हैं। आरोप है कि बाद में उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने और एससी-एसटी एक्ट लगाने की धमकी भी दी गई।
श्याम कृष्ण ने पुलिस से अपनी और परिवार की सुरक्षा की मांग करते हुए आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की अपील की थी।





