नीरज सिसौदिया, नई दिल्ली
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने इस आम धारणा को ‘‘पूरी तरह गलत” बताते हुए खारिज कर दिया कि उनका संगठन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए ‘‘सब कुछ” तय करता है। उन्होंने कहा कि सुझाव पार्टी को दिए जाते हैं, लेकिन फैसले पार्टी लेती है। भागवत ने यह भी कहा कि भाजपा के नए प्रमुख के चयन में आरएसएस की कोई भूमिका नहीं है। विज्ञान भवन में आयोजित तीन दिवसीय व्याख्यान श्रृंखला के अंतिम दिन सवालों के जवाब में भागवत ने कहा कि आरएसएस और भाजपा नीत सरकार के बीच कोई मतभेद नहीं है, चाहे वह केंद्र में हो या पार्टी द्वारा शासित राज्यों में। क्या संघ भाजपा के लिए हर चीज तय करता है, यहां तक कि अध्यक्ष का चयन भी, इस सवाल पर आरएसएस प्रमुख ने कहा, “यह पूरी तरह से गलत है।” जे पी नड्डा वर्तमान में भाजपा के अध्यक्ष हैं। वह केंद्रीय मंत्री भी हैं। भागवत ने कहा, “हम फैसला नहीं करते। अगर हम फैसला कर रहे होते, तो क्या इसमें इतना समय लगता? हम फैसला नहीं करते। हमें फैसला करने की ज़रूरत नहीं है। अपना समय लीजिए। हमें इस बारे में कुछ कहने की जरूरत नहीं है।” भागवत ने कहा कि आरएसएस के लिए भाजपा के संबंध में निर्णय लेना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास अपने मामलों को संभालने के लिए अपनी विशेषज्ञता है, जैसे आरएसएस के पास अपनी शाखाएं चलाने के लिए है। भागवत ने कहा, “मैं पिछले 50 सालों से शाखाएं संचालित कर रहा हूं। अगर कोई मुझे शाखा संचालित करने की सलाह देता है, तो मैं उसका विशेषज्ञ हूं। वे कई वर्षों से सरकार चला रहे हैं। इसलिए वे सरकार मामलों के विशेषज्ञ हैं। हम एक-दूसरे की विशेषज्ञता जानते हैं।” आरएसएस प्रमुख ने कहा कि सुझाव दिए जा सकते हैं लेकिन निर्णय उन्हें ही लेना होगा क्योंकि यह उनका क्षेत्र है।

नए भाजपा अध्यक्ष के चयन को लेकर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा- हम फैसला नहीं करते, अगर करते तो क्या इतना समय लगता, पढ़ें और क्या-क्या कहा भागवत ने?




