नीरज सिसौदिया, बरेली
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत समाजवादी पार्टी की ओर से दिग्गज नेता और पूर्व सांसद वीरपाल सिंह यादव ने कमान संभाल ली है। पार्टी हाईकमान से जिम्मेदारी मिलते ही उन्होंने मोर्चा संभाल लिया और एक दिन बाद ही बरेली जिले में पार्टी नेताओं की ओर से चलाए जा रहे अभियान की समीक्षा शुरू कर दी। इसे लेकर शुक्रवार को पार्टी कार्यालय में एक समीक्षा बैठक की गई जिसमें यह स्पष्ट कर दिया गया कि जिले में एक भी यादव मतदाता का वोट नहीं काटने दिया जाएगा और न ही किसी भी मुस्लिम मतदाता को छूटने दिया जाएगा। साथ ही एक-एक वोट पर पैनी नजर रखी जाएगी।

बता दें कि लगभग 25 साल तक लगातार सपा के जिला अध्यक्ष रह चुके वीरपाल सिंह यादव संगठन के काम में माहिर हैं। उनके नेतृत्व में पार्टी ने बरेली में सफलता के आसमान को छुआ था।

बता दें कि पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव ने दो दिन पहले लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता में आरोप लगाया था कि एसआईआर प्रक्रिया की आड़ में चुनाव आयोग यादव और मुस्लिम मतदाताओं के वोट काटने की साजिश कर रहा है। इसके बाद प्रदेशभर में पार्टी नेताओं को यह जिम्मेदारी सौंपी गई कि एक भी वैध मतदाता छूटने न पाए। इसी कड़ी में बुधवार को एक पत्र जारी करके पूर्व जिला अध्यक्ष और पूर्व राज्यसभा सांसद वीरपाल सिंह यादव को बरेली एवं पीलीभीत जिले में पार्टी की ओर से चलाए जा रहे एसआईआर अभियान की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके बाद वीरपाल सिंह यादव ने जिले के कुल 15 ब्लॉक के एसआईआर प्रभारियों की बैठक बुलाई। इसमें सभी विधानसभा क्षेत्रों के अध्यक्ष, पूर्व विधायक और पार्टी के पदाधिकारियों को भी बुलाया गया।

इस अवसर पर पार्टी के राष्ट्रीय सचिव वीरपाल सिंह यादव ने पार्टी नेताओं से एसआईआर के तहत किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली और पार्टी की ओर से बनाए गए बूथ स्तरीय एजेंट की जानकारी ली। वीरपाल सिंह यादव ने बताया कि सभी प्रभारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। ज्यादातर बूथों पर बीएलए बनाए जा चुके हैं। कुछ बूथों पर काम रह गया है। महानगर में काम पूरा हो चुका है। जिले के कुछ इलाके अभी रह गए हैं जिन पर जल्द ही काम पूरा करने को कहा गया है।
बिहार विधानसभा चुनाव में विपक्ष के दलों के गठबंधन इंडिया को हार का सामना करना पड़ा। इसके लिए विपक्ष एसआईआर के तहत मतदाताओं के नाम काटने को जिम्मेदार ठहरा रहा है। क्या यूपी में भी ऐसा हो सकता है? पूछने पर वीरपाल सिंह ने बताया, ‘बिहार की स्थिति अलग थी और यूपी की अलग है। वहां एसआईआर की प्रक्रिया को जल्दबाजी में एक माह के भीतर ही अंजाम दे दिया गया जबकि यूपी चुनाव में अभी काफी वक्त शेष है। यहां हम पूरी तरह सतर्क हैं और मतदाता भी सतर्क है। हम बरेली में एसआईआर के तहत कोई धांधली नहीं होने देंगे।’

बता दें कि बरेली जिले में यादव मतदाताओं की अच्छी-खासी तादाद है। यहां की नौ में से तीन विधानसभा सीटों पर तो यादव मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं। इनमें फरीदपुर में लगभग 70 हजार, बिथरी में लगभग 40 हजार और इतने ही मतदाता आंवला विधानसभा सीट पर हैं। वीरपाल सिंह ने बताया कि हमारी कोशिश यही है कि एक भी वैध मतदाता छूटने न पाए। उन्होंने बताया कि रविवार को वह पीलीभीत में पार्टी नेताओं के साथ एसआईआर को लेकर बैठक करेंगे।

बैठक में कैंट विधानसभा सीट के सौ बूथों के प्रभारी और समाजवादी पार्टी अल्पसंख्यक सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष इंजीनियर अनीस अहमद खां ने एसआईआर के तहत किए गए कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस कार्य के लिए कई टीमें लगा रखी हैं और पूरी तत्परता से मतदाताओं के फॉर्म भरवाने से लेकर उन्हें चुनाव आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कराने तक का काम कराया जा रहा है।

वहीं, बैठक में शहर विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष हसीव खान ने अपने वार्ड में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अकेले उनके वार्ड में लगभग 17 हजार मतदाता हैं। वह इस प्रक्रिया में पूरी तरह से लगे हुए हैं और आगे जो भी आदेश होगा उसके अनुसार काम किया जाएगा। घर-घर जाकर और कैंप लगाकर एसआईआर फॉर्म भरवाने और उन्हें वेबसाइट पर अपलोड करवाने का काम किया जा रहा है।

बैठक में सपा जिला अध्यक्ष शिवचरण कश्यप, महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी, पूर्व विधायक सुल्तान बेग, पूर्व विधायक विजयपाल सिंह, पूर्व जिला अध्यक्ष शुभलेश यादव, चिकित्सा प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष डॉक्टर अनीस बेग, पार्षद एवं शहर विधानसभा सीट से पूर्व प्रत्याशी राजेश अग्रवाल, आलमपुर-जाफराबाद ब्लॉक के एसआईआर प्रभारी अरविंद यादव, महानगर महासचिव पंडित दीपक शर्मा, पार्षद गौरव सक्सेना, कैंट विधानसभा प्रभारी राजेश मौर्य सहित अन्य नेता उपस्थित थे।





