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बरेली में दलित राजनीति का नया सूर्योदय: धोबी समाज की आवाज जयप्रकाश भास्कर ने भरी हुंकार, संत गाडगे महाराज की जयंती पर सर्वजन आम पार्टी का शक्ति प्रदर्शन, हजारों की तादाद में जुटे दलित समाज के लोग

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नीरज सिसौदिया, बरेली

सर्वजन आम पार्टी के तत्वावधान में बरेली के आई.एम.ए. हॉल में महान समाज सुधारक संत गाडगे महाराज की 150वीं जयंती भव्य रूप से मनाई गई। यह आयोजन केवल एक जयंती समारोह तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे बरेली में दलित राजनीति के नए उभार के रूप में देखा जा रहा है। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में दलित समाज के लोग जुटे और पूरे हॉल में उत्साह, जोश और एकजुटता का माहौल नजर आया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सर्वजन आम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयप्रकाश भास्कर (धोबी) रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता पार्टी के जिला अध्यक्ष कालीचरण दिवाकर ने की। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर और संत गाडगे महाराज के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई। इसके बाद उपस्थित लोगों ने संत गाडगे महाराज के जीवन और विचारों पर आधारित कार्यक्रमों को ध्यानपूर्वक सुना।

इस आयोजन में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से दलित समाज के लोग, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, महिलाएं, युवा और बुजुर्ग बड़ी संख्या में पहुंचे। आयोजन स्थल पर सुबह से ही लोगों का आना शुरू हो गया था। कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही हॉल पूरी तरह भर गया। कई लोग बाहर भी खड़े होकर कार्यक्रम सुनते नजर आए। नई पार्टी होने के बावजूद इतनी बड़ी भीड़ जुटना अपने आप में राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया।

अपने मुख्य संबोधन में जयप्रकाश भास्कर ने संत गाडगे महाराज के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज की सेवा में लगा दिया। संत गाडगे महाराज ने शिक्षा, स्वच्छता, समानता और आत्मसम्मान का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि संत गाडगे महाराज ने यह साबित किया कि सच्ची भक्ति और सच्चा धर्म समाज की सेवा में ही है। उन्होंने खुद झाड़ू उठाकर समाज को स्वच्छता का महत्व समझाया और लोगों को अज्ञानता के अंधकार से बाहर निकालने का काम किया।

जयप्रकाश भास्कर ने कहा कि संत गाडगे महाराज का जीवन आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि आज के समय में जब समाज कई तरह की समस्याओं से जूझ रहा है, तब संत गाडगे महाराज के विचार और भी ज्यादा जरूरी हो जाते हैं। शिक्षा के बिना समाज आगे नहीं बढ़ सकता और संगठन के बिना समाज अपनी ताकत नहीं पहचान सकता। इसी वजह से संत गाडगे महाराज ने शिक्षा और संगठन पर विशेष जोर दिया था।

अपने भाषण में राष्ट्रीय अध्यक्ष ने धोबी समाज और दलित समाज की राजनीतिक स्थिति पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक दलित समाज में मजबूत नेतृत्व की कमी रही है, जिससे समाज की आवाज राजनीति में कमजोर पड़ गई। उन्होंने कहा कि जब तक समाज का अपना नेतृत्व मजबूत नहीं होगा, तब तक उसकी समस्याओं का सही समाधान नहीं हो सकता। इसी कमी को दूर करने के उद्देश्य से सर्वजन आम पार्टी का गठन किया गया है।

उन्होंने कहा कि सर्वजन आम पार्टी किसी एक जाति या वर्ग की पार्टी नहीं है, बल्कि यह सभी समाजों को साथ लेकर चलने वाली पार्टी है। पार्टी का लक्ष्य है कि समाज के उन वर्गों को राजनीति में आगे लाया जाए, जिन्हें अब तक अवसर नहीं मिला। उन्होंने कहा कि पार्टी का मुख्य उद्देश्य सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि समाज को राजनीतिक रूप से जागरूक करना और उसकी भागीदारी को मजबूत करना है।

जयप्रकाश भास्कर ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि युवा आगे आएं और नेतृत्व संभालें। उन्होंने कहा कि राजनीति केवल कुछ खास लोगों की जागीर नहीं है। यह हर नागरिक का अधिकार है। जब तक युवा राजनीति में नहीं आएंगे, तब तक समाज की दिशा और दशा नहीं बदलेगी। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे पढ़ें, समझें, संगठित हों और अपने अधिकारों के लिए खड़े हों।

उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सर्वजन आम पार्टी का तेजी से विस्तार हो रहा है। पार्टी के कार्यकर्ता गांव-गांव और मोहल्लों में जाकर लोगों को जोड़ रहे हैं। लोग पार्टी की नीतियों से प्रभावित होकर इससे जुड़ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि आने वाले चुनावों में पार्टी मजबूती से मैदान में उतरेगी और दलित समाज की राजनीतिक भागीदारी को और मजबूत करेगी।

कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने जयप्रकाश भास्कर के भाषण का तालियों के साथ स्वागत किया। कई लोगों ने कहा कि लंबे समय बाद उन्हें ऐसा मंच मिला है, जहां उनकी समस्याओं और भावनाओं को खुलकर रखा गया। महिलाओं और युवाओं की भागीदारी भी इस कार्यक्रम में विशेष रूप से देखने को मिली। महिलाओं ने कहा कि वे भी समाज के साथ-साथ राजनीति में अपनी भूमिका निभाना चाहती हैं।

कार्यक्रम के दौरान संत गाडगे महाराज के जीवन से जुड़े विचारों को दोहराया गया। वक्ताओं ने कहा कि संत गाडगे महाराज ने कभी जाति और भेदभाव को नहीं माना। उन्होंने हमेशा समाज को जोड़ने का काम किया। उनका संदेश था कि सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। अगर समाज सेवा के रास्ते पर चलेगा, तो खुद-ब-खुद विकास की राह खुल जाएगी।

इस मौके पर कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और पार्टी पदाधिकारियों ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि बरेली में दलित समाज अब अपनी ताकत पहचान रहा है। पहले लोग बिखरे हुए थे, लेकिन अब वे एक मंच पर इकट्ठा हो रहे हैं। यही एकता आगे चलकर उन्हें राजनीतिक रूप से मजबूत बनाएगी।

कार्यक्रम में ओ.पी. भास्कर, संजय गुप्ता, उपेंद्र कुमार, आशीष दिवाकर, मनोज कुमार भास्कर, कपिल चौधरी, रामऔतार, राजेंद्र दिवाकर, शेर सिंह सागर, रामपाल दिवाकर, दिनेश कुमार, रघुवीर सिंह, बहादुर सिंह, चेतराम, चंपतराम, महीपाल, लाईक, विजेंद्र सिंह, प्रेमपाल, अशोक कुमार, रामलाल, अशोक कुमार प्रजापति, मेघूलाल, अल्लोहर, अब्दुल लतीफ, राजीव कुमार दिवाकर, अरविंद कुमार दिवाकर सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

अंत में जिला अध्यक्ष कालीचरण दिवाकर ने सभी अतिथियों, कार्यकर्ताओं और मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि आगे भी इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि संत गाडगे महाराज के विचारों को जन-जन तक पहुंचाया जा सके।

कुल मिलाकर यह आयोजन बरेली में दलित राजनीति के नए दौर की शुरुआत के संकेत देता नजर आया। संत गाडगे महाराज की जयंती पर हुए इस शक्ति प्रदर्शन ने यह दिखा दिया कि दलित समाज अब संगठित होकर अपनी आवाज बुलंद करने के लिए तैयार है। यह कार्यक्रम आने वाले समय में जिले की राजनीति को किस दिशा में ले जाएगा, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

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