इंदौर (मध्यप्रदेश)। इंदौर में राज्य सरकार के निर्देशों के मुताबिक अलग-अलग समुदायों के धार्मिक स्थलों से 437 लाउड स्पीकर हटवाए जाने के बाद मुस्लिम समुदाय के एक प्रतिनिधिमंडल ने इस मुहिम पर सोमवार को आपत्ति व्यक्त की। प्रतिनिधिमंडल ने सवाल किया कि शहर में विवाह समारोहों के दौरान सड़कों पर ‘‘कानफोड़ू” आवाज में बजने वाले डीजे को कैसे अनुमति दी जा रही है । शहर काजी मोहम्मद इशरत अली की अगुवाई वाले प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी आशीष सिंह से मुलाकात की और धार्मिक स्थलों से लाउड स्पीकर हटवाए जाने पर एतराज जताया। मुलाकात के बाद शहर काजी ने संवाददाताओं से कहा,‘‘मंदिर हों या मस्जिद, शहर के तमाम धार्मिक स्थलों से लाउड स्पीकर हटवा दिए गए हैं। हमारी मांग है कि उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों के मुताबिक स्वीकृत ध्वनि सीमा में धार्मिक स्थलों में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को मंजूरी दी जानी चाहिए।” अली ने कहा,‘‘आम लोगों की शिकायत है कि शादियों के दौरान सड़कों पर इतनी तेज आवाज में डीजे बजते हैं कि कान फट जाएं। ऐसे में डीजे पर भी रोक लगनी चाहिए। केवल धार्मिक स्थलों में लाउड स्पीकर के इस्तेमाल को लेकर पाबंदी क्यों लगाई जा रही है?” जिलाधिकारी आशीष सिंह ने कहा कि धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटवाए जाने का कदम प्रदेश सरकार के निर्देशों पर उठाया गया है और इन निर्देशों का पालन करना सबके लिए अनिवार्य है। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशों के मुताबिक शहर में पिछले 48 घंटों के दौरान अलग-अलग समुदायों के 258 धार्मिक स्थलों से 437 ध्वनि विस्तारक यंत्र या लाउड स्पीकर हटवाए गए हैं। अधिकारी ने बताया कि धार्मिक स्थलों के प्रबंधन से जुड़े लोगों से अपील भी की गई है कि वे इन जगहों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों का आइंदा इस्तेमाल न करें।

400 से ज्यादा धार्मिक स्थलों से हटवाए गए लाउड स्पीकर, मुस्लिम समुदाय ने जताया एतराज, पढ़ें क्या है पूरा मामला?




