नीरज सिसौदिया, बरेली
नाथ नगरी में समाजवादी पार्टी की सियासत नई करवट ले रही है। शुक्रवार का दिन इस करवट का सबसे बड़ा सबूत रहा जब सपा के जिला अध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष एक-दूसरे से बिल्कुल अलग अंदाज़ में सियासी बिसात बिछाते दिखाई दिए। जल्द ही पदमुक्त किए जाने की अटकलों के बीच सपा जिला अध्यक्ष शिवचरण कश्यप महानगर के छुटभैये नेताओं के घर पहुंचे तो वहीं महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी पार्टी के दिग्गज और वरिष्ठ नेताओं के घरों में दिखाई दिए। पूरे दिन यह चर्चा का विषय बना रहा। बता दें कि समाजवादी पार्टी के संविधान के अनुसार पार्टी का कोई भी पदाधिकारी अगर महानगर के अंतर्गत पड़ने वाले किसी भी विधानसभा क्षेत्र में रहता है तो वह पार्टी की महानगर ईकाई का पदेन सदस्य स्वत: ही बन जाता है। शमीम खां सुल्तानी जितने भी नेताओं के घर गए वो सभी दशकों से महानगर में भी रहते हैं लेकिन शिवचरण कश्यप जिन नेताओं के घर गए उनका जिले से कोई लेना-देना नहीं है। ऐसे में पार्टी नेता यह सवाल उठा रहे हैं कि जिले के अंतर्गत आने वाली सात विधानसभा सीटों को छोड़कर महानगर के नेताओं के साथ चाय पर चर्चा करके शिवचरण कश्यप क्या संदेश देना चाहते हैं? क्या वह वाकई संगठन को मजबूत करने गए थे या फिर महानगर में गुटबाजी को बढ़ावा देने? क्या बहेड़ी, भोजीपुरा, आंवला, बिथरी चैनपुर, फरीदपुर, मीरगंज और नवाबगंज में संगठन पूरी तरह मजबूत हो चुका है जो शिवचरण कश्यप उन सातों विधानसभा सीटों को छोड़कर महानगर में चाय पर चर्चा करते नजर आ रहे हैं? बहरहाल, नजर डालते हैं कि कौन सा अध्यक्ष किस नेता के घर पर चाय पर चर्चा करने गया।

सबसे पहले बात महानगर अध्यक्ष के कार्यक्रमों की करते हैं। महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी जिन नेताओं के घर गए उनका जिले से बहुत गहरा नाता रहा है और वर्तमान में वो नेता प्रदेश और राष्ट्रीय टीम का हिस्सा हैं। इनमें तीन पूर्व जिला अध्यक्ष भी शामिल हैं। शमीम खां सुल्तानी अपनी महानगर टीम के उपाध्यक्ष और बरेली कैंट विधानसभा प्रभारी राजेश मौर्य, सचिव नाजिम कुरैशी, हरिओम प्रजापति और रमीज हाशमी के साथ पूर्व राज्यसभा सांसद और पूर्व जिला अध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव के आवास पर गए। वीरपाल यादव वर्तमान में पार्टी के राष्ट्रीय सचिव हैं। साथ ही वह पूर्व जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव के आवास पर भी गए जो मौजूदा समय में प्रदेश सचिव हैं।

इसके अलावा वह पूर्व जिला अध्यक्ष अगम मौर्य और अरविंद यादव, पूर्व जिला उपाध्यक्ष, विशेष आमंत्रित, संस्थापक सदस्य के आवास पर भी गए। इसके अलावा सुल्तानी ने पूर्व ब्लॉक प्रमुख आदेश यादव गुड्डू के आवास पर भी पीडीए पर चाय पर चर्चा की। अंत में सुल्तानी की टीम वरिष्ठ पार्षद आरिफ कुरैशी के घर पहुंची।

ये मुलाकातें सियासी संदेश देने के लिहाज से अहम मानी जा रही हैं क्योंकि जिन नेताओं के यहां सुल्तानी पहुंचे, वे सभी दशकों से संगठन की मुख्यधारा में रहे हैं और प्रदेश तथा राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

वहीं, शिवचरण कश्यप की चाय पर चर्चा का दायरा अपेक्षाकृत छोटा नजर आया। जिला अध्यक्ष शिवचरण कश्यप सीबी गंज के निर्दलीय पार्षद प्रत्याशी पीताम्बर यादव के निवास पर चाय पर चर्चा में गए।

इसके अलावा युवजन सभा के पूर्व अध्यक्ष अहमद खान टीटू के आवास पर पहुंचे। उनके साथ अंबेडकर वाहिनी के सुरेंद्र सोनकर और अन्य लोग भी थे।

कश्यप की मुलाकातें उस स्तर की नहीं रहीं जैसी महानगर अध्यक्ष सुल्तानी की रहीं। यही वजह रही कि पूरे दिन यह तुलना होती रही कि सपा में संगठन मजबूत करने का असली प्रयास कौन कर रहा है और कौन अपनी राजनीतिक जमीन खोने से बचाने की कोशिश में जुटा है।

शुक्रवार की यह राजनीतिक हलचल साफ़ संदेश दे गई कि समाजवादी पार्टी में जिले और महानगर दोनों स्तरों पर घमासान जारी है। दिग्गजों से जुड़ने वाले शमीम खां सुल्तानी और छुटभैये नेताओं से संवाद साधते शिवचरण कश्यप की रणनीति न सिर्फ संगठन के भीतर चर्चा का विषय बनी है, बल्कि आने वाले समय में जिले की सियासी तस्वीर को भी बदल सकती है।





