नीरज सिसौदिया, बरेली
विधानसभा चुनाव का माहौल बनते ही सर्वजन आम पार्टी ने अपनी राजनीतिक गतिविधियों को तेज कर दिया है। चुनावी बिगुल फूंकने के बाद पार्टी अब जिलेवार रणनीति पर गंभीरता से काम कर रही है। इसी कड़ी में पार्टी ने 23 फरवरी को बरेली में एक बड़े शक्ति प्रदर्शन की तैयारी की है। यह शक्ति प्रदर्शन दलितों और शोषितों के पूजनीय संत गाडगे जी महाराज की जयंती के अवसर पर किया जाएगा, जिसे पार्टी सामाजिक न्याय और संगठन विस्तार से जोड़कर देख रही है।
पार्टी की योजना के अनुसार, 23 फरवरी को बरेली शहर स्थित आईएमए हॉल में एक विशाल बूथ स्तरीय सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस सम्मेलन में जिले भर से पार्टी कार्यकर्ता, पदाधिकारी और समर्थक शामिल होंगे। इसे केवल एक जयंती समारोह नहीं, बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव की दिशा तय करने वाला अहम कार्यक्रम माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि इस सम्मेलन के जरिए संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत किया जाएगा।
इस बड़े कार्यक्रम से पहले संगठन को एकजुट करने और रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए 27 जनवरी को खिचड़ी भोज का आयोजन किया जा रहा है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयप्रकाश भास्कर ने बताया कि इस भोज में बरेली जिले की सभी नौ विधानसभा सीटों के विधानसभा अध्यक्षों को आमंत्रित किया गया है। इसके अलावा पूर्व प्रधान, वर्तमान प्रधान, पूर्व वार्ड मेंबर और जिला एवं विभिन्न कमेटियों के सभी पदाधिकारी भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।
खिचड़ी भोज को पार्टी सिर्फ एक सामाजिक कार्यक्रम के रूप में नहीं देख रही, बल्कि इसे एक अहम संगठनात्मक बैठक का रूप दिया जा रहा है। इस दौरान 23 फरवरी को होने वाले बूथ स्तरीय सम्मेलन सह संत गाडगे जी महाराज जयंती कार्यक्रम की पूरी रूपरेखा तैयार की जाएगी। कौन पदाधिकारी किस जिम्मेदारी को संभालेगा, किस-किस को भीड़ जुटाने की जिम्मेदारी दी जाएगी और किस तरह से कार्यक्रम को सफल बनाया जाएगा, इन सभी बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा होगी।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने पर खास जोर दिया जाएगा। गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचने के लिए जनसंपर्क अभियान की रणनीति भी इसी दिन तय की जाएगी। पार्टी का फोकस है कि सिर्फ चुनावी समय में नहीं, बल्कि लगातार जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को उठाया जाए। इसके लिए कार्यकर्ताओं को स्पष्ट जिम्मेदारियां दी जाएंगी।
सर्वजन आम पार्टी इस समय खासतौर पर दलित समाज और अन्य वंचित वर्गों को संगठित करने पर ध्यान दे रही है। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि दलितों और शोषितों के हक की लड़ाई सिर्फ मंचों से नहीं, बल्कि जमीन पर उतरकर लड़ी जाएगी। इसी सोच के तहत पार्टी लगातार ऐसे मुद्दों को उठा रही है, जिनसे सीधे तौर पर समाज के कमजोर वर्ग प्रभावित होते हैं।
हाल ही में नवाबगंज क्षेत्र में धोबी समाज के युवक पप्पू दिवाकर के साथ हुई बर्बरता की घटना को लेकर भी सर्वजन आम पार्टी ने सक्रिय भूमिका निभाई थी। घटना की जानकारी मिलते ही पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयप्रकाश भास्कर ने पीड़ित से मुलाकात की और उसे हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने तत्काल संबंधित क्षेत्राधिकारी से बात कर निष्पक्ष कार्रवाई और इंसाफ की मांग की थी। पार्टी के दबाव और सक्रियता का असर यह हुआ कि उसी दिन शाम को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
इस घटना के बाद जिले में यह संदेश गया कि सर्वजन आम पार्टी सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर पीड़ितों के साथ खड़ी होती है। यही कारण है कि बरेली जिले में पार्टी को दलितों और शोषितों की आवाज के रूप में देखा जाने लगा है। पार्टी के कार्यकर्ता भी इस मुद्दे को उदाहरण के तौर पर पेश कर रहे हैं कि संगठन सत्ता और प्रशासन पर दबाव बनाकर न्याय दिलाने की क्षमता रखता है।
अब पार्टी का पूरा फोकस आने वाले विधानसभा चुनाव पर है। जयप्रकाश भास्कर लगातार जिलों का दौरा कर संगठन को मजबूत करने में जुटे हुए हैं। पार्टी ने प्रदेश की लगभग 60 से अधिक विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर ली है। उम्मीदवार चयन से पहले संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि चुनाव के समय पार्टी के पास सक्रिय और भरोसेमंद कार्यकर्ताओं की मजबूत टीम हो।
इसी रणनीति के तहत जिलेवार बूथ स्तरीय सम्मेलन आयोजित करने की योजना बनाई गई है। पार्टी मानती है कि अगर बूथ स्तर पर संगठन मजबूत होगा, तभी चुनाव में बेहतर प्रदर्शन किया जा सकता है। 23 फरवरी को बरेली में होने वाला सम्मेलन इसी श्रृंखला की शुरुआत माना जा रहा है। यह सम्मेलन न सिर्फ बरेली जिले के लिए, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक संदेश देने वाला कार्यक्रम होगा।
संत गाडगे जी महाराज की जयंती को इस आयोजन के लिए चुनना भी पार्टी की सोच को दर्शाता है। संत गाडगे जी महाराज को दलितों, गरीबों और शोषितों के मसीहा के रूप में देखा जाता है। उन्होंने समाज में स्वच्छता, समानता और आत्मसम्मान का संदेश दिया। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि उनकी विचारधारा आज भी प्रासंगिक है और सर्वजन आम पार्टी उसी विचारधारा को आगे बढ़ाने का काम कर रही है।
23 फरवरी को होने वाले कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दलित समाज के लोगों के साथ-साथ अन्य वर्गों के लोगों के भी शामिल होने की उम्मीद है। पार्टी इसे केवल एक वर्ग का नहीं, बल्कि सर्व समाज का कार्यक्रम बताने की कोशिश कर रही है। संगठन का दावा है कि इस शक्ति प्रदर्शन के जरिए यह साफ संदेश जाएगा कि सर्वजन आम पार्टी अब सिर्फ एक वैकल्पिक आवाज नहीं, बल्कि एक मजबूत राजनीतिक ताकत बनने की ओर बढ़ रही है।
कुल मिलाकर, संत गाडगे जी महाराज की जयंती पर होने वाला यह कार्यक्रम सर्वजन आम पार्टी के लिए सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति तय करने का अहम पड़ाव है। खिचड़ी भोज से लेकर बूथ स्तरीय सम्मेलन तक, हर कदम संगठन को मजबूत करने और जनता से सीधे जुड़ने की दिशा में उठाया जा रहा है। अब देखना यह होगा कि यह रणनीति चुनावी मैदान में पार्टी को कितनी मजबूती दिला पाती है।

संत गाडगे जी महाराज की जयंती पर होगा सर्वजन आम पार्टी का शक्ति प्रदर्शन, 27 जनवरी को खिचड़ी भोज में बनेगी रणनीति, जुटेंगे पार्टी के पदाधिकारी, जानिये क्या-क्या होगा खास?




