नीरज सिसौदिया, बरेली
बरेली में लंबे समय से उठ रही चौपला-बदायूं रोड रेल अंडरपास की मांग अब और तेज होती दिखाई दे रही है। सोमवार को चौपला बदायूं रोड रेल अंडरपास संघर्ष समिति के पदाधिकारी समाजवादी पार्टी के पूर्व प्रत्याशी और संघर्ष समिति के संयोजक राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में मुरादाबाद स्थित डीआरएम कार्यालय पहुंचे। समिति के सदस्यों ने रेलवे अधिकारियों से मुलाकात कर जल्द अंडरपास निर्माण की मांग उठाई और लोगों को हो रही परेशानियों से अवगत कराया।
जानकारी के अनुसार 11 मई 2026 को सुबह करीब 8 बजे संघर्ष समिति के सदस्य बस द्वारा बरेली से मुरादाबाद के लिए रवाना हुए। वहां पहुंचकर उन्होंने एडीआरएम पारितोष से मुलाकात की। इस दौरान समिति की ओर से चौपला पुल क्षेत्र की स्थिति, लगातार लगने वाले जाम और रेलवे पुल बंद होने की समस्या को विस्तार से बताया गया। समिति के सदस्यों ने कहा कि चौपला पुल पर हर समय भारी ट्रैफिक दबाव बना रहता है और जब भी पुल बंद होता है, लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ता है।

राजेश अग्रवाल ने अधिकारियों से कहा कि चौपला पुल अक्सर मरम्मत और अन्य तकनीकी कारणों से बंद कर दिया जाता है। उन्होंने बताया कि अब फिर से पुल लगभग 50 दिनों के लिए बंद होने की संभावना जताई जा रही है। ऐसी स्थिति में शहरवासियों के सामने आवागमन की गंभीर समस्या खड़ी हो जाती है। उन्होंने कहा कि अगर चौपला-बदायूं रोड पर रेल अंडरपास बना दिया जाए तो लोगों को एक वैकल्पिक मार्ग मिल जाएगा और ट्रैफिक का दबाव भी काफी कम हो जाएगा।
संघर्ष समिति ने रेलवे अधिकारियों को बताया कि अंडरपास बनने से न सिर्फ बरेली शहर के लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि बदायूं रोड से आने-जाने वाले हजारों वाहन चालकों को भी फायदा होगा। समिति के सदस्यों ने कहा कि लंबे समय से जनता इस मांग को उठा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

एडीआरएम पारितोष ने समिति के सदस्यों की बात ध्यान से सुनी और आश्वासन दिया कि इंजीनियरिंग विभाग से इस पूरे मामले को दिखवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि रेलवे की तकनीकी टीम मौके का निरीक्षण करेगी और जो भी संभव होगा, उस दिशा में कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान डीआरएम विनीता श्रीवास्तव हरिद्वार दौरे पर थीं। राजेश अग्रवाल ने फोन पर उनसे भी बातचीत की। डीआरएम ने समिति को अपने कार्यालय में आकर मिलने के लिए कहा और भरोसा दिलाया कि मामले को गंभीरता से देखा जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर समिति दोबारा भी आ सकती है और रेलवे विभाग इस प्रस्ताव का परीक्षण करेगा।

राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह सिर्फ एक सड़क या अंडरपास का मुद्दा नहीं है, बल्कि लाखों लोगों की सुविधा और सुरक्षा से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि शहर के विकास के लिए वैकल्पिक मार्गों का होना बेहद जरूरी है। अगर समय रहते अंडरपास का निर्माण नहीं कराया गया तो आने वाले दिनों में ट्रैफिक समस्या और अधिक गंभीर हो सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि संघर्ष समिति लगातार जनता की आवाज को मजबूती से उठा रही है और जब तक अंडरपास निर्माण को स्वीकृति नहीं मिल जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। समिति के सदस्य भी पूरे जोश के साथ इस अभियान में जुटे हुए हैं।
मुरादाबाद पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में संघर्ष समिति के प्रमुख सदस्य प्रदीप गुप्ता, नमनदीप सिंह, अरुण शर्मा, नंदन मनराल, छवि, अरुण अग्निहोत्री, देवांश, अरविंद सैमुअल, अमित जायसवाल, दिनेश शर्मा, श्याम कुमार, ऋषि मिश्रा, गुलशन, पंकज सिंह, सागर, जहूर, अतुल भारती, तस्लीम, सचिन, लवेश और रूबी सहित कई लोग मौजूद रहे। समिति के सदस्यों ने कहा कि यह लड़ाई आम जनता की सुविधा के लिए लड़ी जा रही है और शहर के लोग लगातार इस मांग का समर्थन कर रहे हैं।




