नीरज सिसौदिया, जालंधर ‘देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर क्रांतिकारियों की शहदतों से प्रेरणा लेने के लिए आज के इस कार्यक्रम ‘वाक ए थान’ का आयोजन किया गया । 23 मार्च 1931 को सरदार भगत सिंह, राजगुरु तथा सुखदेव ने हँसते हँसते फांसी का फंदा चूम लिया ताकि नवजवानों […]

