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मिट गईं दूरियां… आंवला में वीरपाल सिंह यादव ने एक मंच पर साधे सियासी समीकरण, विरोधियों की उम्मीदों पर फिरा पानी, महिपाल सिंह यादव और डॉ. जीराज सिंह यादव की मौजूदगी में दिया एकजुटता का संदेश, देवेंद्र यादव की उम्मीदवारी पर भी खुलकर रखी बात; समर्थकों के बीच भेदभाव न करने और जिला पंचायत चुनाव में सबको साथ लेकर चलने का भरोसा देकर वीरपाल ने दिखाई संगठन को जोड़ने की रणनीति

नीरज सिसौदिया, बरेली समाजवादी पार्टी की बरेली की सियासत में पूर्व राज्यसभा सांसद वीरपाल सिंह यादव का रविवार को आंवला में आयोजित बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन कई मायनों में महत्वपूर्ण रहा। सम्मेलन में उन्होंने सिर्फ कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारी का संदेश नहीं दिया, बल्कि उन सियासी चर्चाओं का भी जवाब दिया, जिनमें आंवला सीट को लेकर […]

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 10 मार्च को इफको गेस्ट हाउस में लिखी गई थी आंवला विधानसभा सीट की पटकथा,  शिवपाल के एक सवाल पर बरेली के प्रमुख दलित नेता और पूर्व ब्लॉक प्रमुख ने दिया था “वीरपाल फॉर्मूला’, अब अखिलेश ने एक तीर से साधे कई निशाने, पढ़ें पूर्व सांसद वीरपाल सिंह को आंवला प्रभारी बनने के पीछे की कहानी

नीरज सिसौदिया, बरेली उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने बरेली जिले में अपनी सियासी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। रविवार को पार्टी ने बिथरी चैनपुर और आंवला विधानसभा सीटों पर प्रभारी घोषित कर दिए। बिथरी चैनपुर की जिम्मेदारी पूर्व भाजपा सांसद धर्मेंद्र कश्यप की बेटी कीर्ति कश्यप को सौंपी […]

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बिथरी चैनपुर विधानसभा सीट : 2017 में सपा सरकार के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी और 53 हजार वोट लेने वाले बसपा विधायक वीरेंद्र सिंह ने सपा के वीरपाल सिंह की हार में निभाई थी बड़ी भूमिका, अब न वीरेंद्र सिंह रहे न उनके जैसा नेता है बसपा के पास, वीरपाल सिंह के पुत्र डॉ. देवेंद्र लिख सकते हैं एकतरफा जीत की इबारत, जानिये कैसे?

नीरज सिसौदिया, बरेली उत्तर प्रदेश की राजनीति में कुछ विधानसभा सीटें ऐसी होती हैं, जिनका असर केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उनके परिणाम पूरे इलाके की राजनीतिक दिशा तय करते हैं। बरेली जिले की बिथरी चैनपुर विधानसभा सीट भी ऐसी ही सीट मानी जाती है। रोहिलखंड की राजनीति में इस सीट का […]