नीरज सिसौदिया, बरेली उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय तक यह धारणा मजबूत रही कि समाजवादी पार्टी का सबसे ठोस सामाजिक और राजनीतिक रिश्ता मुस्लिम नेतृत्व, उलेमाओं और मदरसा नेटवर्क से रहा है। टिकट वितरण से लेकर स्थानीय चुनावी समीकरणों तक, कई क्षेत्रों में मुस्लिम धर्मगुरुओं और प्रभावशाली मौलानाओं की राय को अहम माना […]

