नीरज सिसौदिया, बरेली वो रामपुर के नवाबों का दौर था। भारत उस वक्त गुलाम था। गुलामी के उस दौर में भी बरेली धीरे-धीरे नई इबारतें लिख रही थी। रामपुर के नवाब जनसेवा में विश्वास रखते थे। उन्होंने अपने जीवनकाल में जनसेवा के कई ऐसे काम किए जिनकी मिसालें सदियों तक दी जाती रहेंगी। ऐसा ही […]

