नीरज सिसौदिया, जालंधर अक्सर देखा जाता है कि चुनाव हारने के बाद सियासतदान कार्यकर्ताओं से दूरी बना लेते हैं और अगले चुनाव का इंतजार करते हैं। लेकिन जालंधर में एक ऐसी शख्सियत भी है जो चुनाव हारने के बावजूद दिलों को जीत रहे हैं। कार्यकर्ताओं से दूरी बनाने की बजाय उन्हें सहेजने में जुटे हैं। […]

