कुरुक्षेत्र (ओहरी )जय जवान-जय किसान का नारा देने वाले देश हिंदुस्तान में किसानों की हालत अत्यंत दयनीय हो चुकी है। जिसके कारण समाज पर गहरा असर पड़ रहा है। ऐसे में कलाकार अपनी अदाकारी से समाज को एक नई दिशा देकर वास्तविकता से परिचित करवाते हैं। ये कहना था लाडवा विधायक डा. पवन सैनी का। वे मल्टी आर्ट कल्चरल सेंटर की भरतमुनि रंगशाला में कार्यक्रम के दौरान दर्शकों को सम्बोंधित कर रहे थे। मौका था मैक्सवेल आई फिल्मस् द्वारा निर्मित लघुफिल्म बंजर की स्क्रिनिंग का। स्थानीय फिल्ममेकर रेविन पंजेटा के लेखन व निर्देशन में तैयार लघुफिल्म बंजर का पोस्टर मुख्यअतिथि डा. पवन सैनी द्वारा रिलिज किया गया। इस मौके पर हरियाणा कला परिषद् के उपाध्यक्ष सुदेश शर्मा विशेष रुप से उपस्थित रहे।
किसानों की दयनीय हालत को बयां करते हुए फिल्म में दिखाया गया कि एक किसान अपनी फसल की उचित कीमत के लिए के एक आढ़ती के पास जाता है। लेकिन वहां उसकी पत्नी की इज्जत का सौदा कर लिया जाता है। जिसके कारण किसान और उसकी पत्नी दोनों आत्महत्या कर लेते हैं। किसान का बेटा अपने मां-बाप की मौत का बदला लेने की ठान लेता है। और अपने मां-बाप की मौत के जिम्मेदार सभी लोगों को मौत के घाट उतार देता है। बदले की आग में जलते हुए बेटा दयाल खुद को भी नहीं बचा पाता और दुश्मनों की गोली का शिकार हो जाता है। फिल्म के अंत में राज खुलता है कि दयाल किसानों के हित के लिए काम करता था और अमीरों तथा मुनाफाखोंरो को सबक सिखाने के लिए लूट-खसोट करता था। इस प्रकार फिल्म के माध्यम से निदेशक रेविन पंजेटा ने बहुत से पहलूओं को खोलने की कोशिश की। जहां एक ओर फिल्म की कहानी रोचक थी वहीं फिल्म में काम करने वाले मुख्य कलाकार युवराज धिमान, विनोद यादव, प्रदीप ढाण्डा, पारुल कौशिक, विकास शर्मा, रणधीर कुण्डू, राजेश्वरी, सुलतान अली, सुनील पलवल मनीष, बंसी लाल कटारिया तथा रेविन पंजेटा की अदाकारी भी काबिले तारीफ रही। फिल्म के बाद दर्शकों से खचाखच भरे सभागार में देर तक तालियों की गडग़ड़ाहट सुनाई देती रही। हरियाणा कला परिषद् के उपाध्यक्ष सुदेश शर्मा ने भी कलाकारों को बधाई देते हुए भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। अंत में रेविन पंजेटा ने सभी कलाकारों से रुबरु करवाते हुए अतिथियों का धन्यवाद किया।

किसानों की दयनीय हालत को बयां कर गई फिल्म बंजर




