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इनसाइड स्टोरी : बरेली के सपाइयों को अखिलेश यादव ने दी बूस्टर डोज, किसी को प्यार तो किसी को फटकार, छाए रहे इं. अनीस अहमद और राजेश अग्रवाल, पढ़ें लखनऊ बैठक की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट

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नीरज सिसौदिया, बरेली
लोकसभा चुनाव के बाद लखनऊ में पहली बार समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हाल ही में एक समीक्षा बैठक बुलाई। इसमें बरेली संसदीय सीट पर पार्टी की हार के कारणों की समीक्षा की गई। इस दौरान सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने बरेली जिले के सपा के विधायकों, पूर्व सांसद, पूर्व विधायकों, जिला एवं महानगर अध्यक्षों, पार्टी पदाधिकारियों और वरिष्ठ नेताओं को बूस्टर डोज भी दिया। इस पूरी बैठक में मुख्य रूप से दो चेहरे छाए रहे जिनकी चर्चा बैठक के बाद भी जोर-शोर से हो रही है। इनमें पहला नाम समाजवादी अल्पसंख्यक सभा के प्रदेश अध्यक्ष इंजीनियर अनीस अहमद खां का है जबकि दूसरा चेहरा बरेली शहर विधानसभा सीट से पूर्व प्रत्याशी राजेश अग्रवाल का है।
समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी ने बताया कि बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इंजीनियर अनीस अहमद खां को रामपुर संसदीय सीट पर पार्टी की जीत के लिए बधाई दी। हमने अध्यक्ष को लोकसभा चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन के बारे में जानकारी दी।

सूत्रों ने बताया कि अखिलेश यादव ने इंजीनियर अनीस अहमद खां के काम की सराहना करते हुए आगामी विधानसभा चुनाव के लिए बरेली कैंट विधानसभा सीट से इंजीनियर अनीस अहमद खां के नाम पर बैठक में उपस्थित नेताओं से राय मांगी। इस पर बड़ी संख्या में नेताओं ने अपना हाथ उठाकर इंजीनियर अनीस अहमद खां का समर्थन किया।

उन्होंने बताया कि राजेश अग्रवाल ने बैठक में महानगर की दोनों सीटों के बारे में बारीकी से बताया। इसमें विधानसभा वार बूथों पर पार्टी की स्थिति और जातीय समीकरणों के बारे में बताया गया।
वहीं, सूत्रों ने बताया कि पार्टी अध्यक्ष ने जिला एवं महानगर अध्यक्षों से लोकसभा चुनाव में मिली हार के कारण के बारे में पूछा। उन्होंने कश्यप नेता से कश्यप वोट न मिलने और कायस्थ नेता से कायस्थ वोट न मिलने की वजह भी पूछी जिसका कोई संतोषजनक जवाब उक्त नेता नहीं दे सके।
सूत्र यह भी बताते हैं कि जब इंजीनियर अनीस अहमद खां को भावी उम्मीदवार बनाए जाने पर रायशुमारी की जा रही थी तो कुछ लोगों ने इसका विरोध करते हुए अपनी दावेदारी भी पेश की लेकिन अखिलेश यादव ने उनकी टिकट की दावेदारी को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें सरकार बनाने में जी-जान से जुटने को कहा और सरकार बनने पर उन नेताओं को सरकार में एडजस्ट करने का आश्वासन भी दिया। एक पार्षद ने यह कहकर अपनी दावेदारी पेश की थी कि वह छह-सात बार के पार्षद हैं और भाजपा ने आठ बार के सांसद संतोष गंगवार को गवर्नर बना दिया है। इस पर अखिलेश यादव ने मजाकिया लहजे में उन पार्षद से कहा कि आप सरकार बनवाइये हम आपको गवर्नर बना देंगे।
वहीं, एक निशानेबाज ब्राह्मण नेता ने जब अपनी दावेदारी ठोकी तो अखिलेश यादव ने यह कहकर नेताजी की बोलती बंद कर दी कि ‘आपका तो सचेतक ही चेतक बनकर भाग गया था।’
सूत्र बताते हैं कि अखिलेश यादव ने बैठक में सभी नेताओं से आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पूरी ताकत से अभी से जुट जाने का आह्वान किया।
साथ ही बरेली जिले के मौजूदा विधायकों को यह भी भरोसा दिलाया कि आगामी विधानसभा चुनाव में बरेली जिले के किसी भी मौजूदा विधायक का टिकट नहीं काटा जाएगा। इससे स्पष्ट है कि भोजीपुरा से शहजिल इस्लाम और बहेड़ी से अता उर रहमान ही 2027 में भी सपा के उम्मीदवार होंगे।
बताया जाता है कि एक पूर्व मंत्री से अखिलेश ने हंसी-मजाक में यह भी पूछ डाला कि बताइये आप कब तक अपनी विधानसभा सीट हारते रहेंगे।


बैठक में पूर्व राज्यसभा सांसद वीरपाल सिंह यादव, पूर्व मंत्री एवं भोजीपुरा विधायक शहजिल इस्लाम, पूर्व मंत्री एवं बहेड़ी विधायक अता उर रहमान, पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार, पूर्व विधायक विजयपाल सिंह, जिला अध्यक्ष शिवचरण कश्यप, पूर्व जिला अध्यक्ष अगम मौर्य, शुभलेश यादव, कदीर अहमद, अरविंद यादव, अब्दुल कय्यूम खां उर्फ मुन्ना, शमीम अहमद, गौरव सक्सेना सहित अन्य पार्टी पदाधिकारी एवं वरिष्ठ नेता उपस्थित थे।

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