खानकाह ए नियाजिया के हजरत जुनैदी मियां नियाजी की महफिल में जुटे शहर के दिग्गज, कांग्रेस के नवाब मुजाहिद, भाजपा के डॉ. प्रमेंद्र माहेश्वरी और सपा के संजीव सक्सेना सहित कई नेता जुटे, जानिये क्या रहा खास?
नीरज सिसौदिया, बरेली
शहर की ऐतिहासिक खानकाह ए नियाजिया के पूर्व प्रबंधक मरहूम शब्बू मियां की विरासत अब हजरत जुनैदी मियां नियाजी ने संभाल ली है। इस मौके पर जुनैदी मियां के औपचारिक परिचय को लेकर शहर के प्रतिष्ठित लोगों के लिए एक रात्रि भोज का आयोजन हाल ही में किया गया था। इस रात्रिभोज सह परिचय समारोह में शहर के कई सियासतदान जुटे। साथ ही बार एसोसिएशन के अध्यक्ष से लेकर इंडियन मेडिकल ऐसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष तक शामिल हुए।
इनमें कैंट विधानसभा सीट से पूर्व प्रत्याशी और दिग्गज कांग्रेस नेता नवाब मुजाहिद हसन खां, समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता संजीव सक्सेना सहित कई सियासतदानों की मौजूदगी चर्चा का विषय रही। सबसे चौंकाने वाली मौजूदगी आईएमए के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. प्रमेंद्र माहेश्वरी की रही लेकिन सबसे अधिक चर्चा में नवाब मुजाहिद हसन खां रहे।
समारोह में विशेष तौर पर आमंत्रित नवाब मुजाहिद इसलिए भी चर्चा के केंद्र में रहे क्योंकि इस बार वो कैंट विधानसभा सीट से उम्मीवारी की दौड़ में शामिल हो चुके हैं और खानकाह ए नियाजिया से कैंट विधानसभा सीट की एक बड़ी आबादी की आस्था जुड़ी हुई है। हालांकि, दरगाह से नवाब मुजाहिद हसन खां का रिश्ता नया नहीं है। वह दशकों से एक आम मुसलमान के तौर पर भी यहां से जुड़े रहे हैं। लेकिन कहा जाता है कि जिसे दरगाह का साथ मिल जाए मुस्लिम मतदाताओं का साथ भी उसे ही मिलता है और हाईकमान भी टिकट वितरण से पहले दरगाह के पहलू को विशेष तौर पर ध्यान में रखता है। हालांकि, यह कार्यक्रम कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि महज एक परिचय सम्मेलन था लेकिन सियासतदानों की भीड़ जुटने के कारण इसे लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी होने लगी हैं।
इसके अलावा सबसे अधिक चर्चा जिन अन्य सियासतदानों की रही उनमें हिन्दुत्व की पैरोकार पार्टी भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. प्रमेंद्र माहेश्वरी भी शामिल हैं। प्रमेंद्र माहेश्वरी पिछले विधानसभा चुनाव में कैंट विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट के प्रबल दावेदारों में से एक थे। हालांकि, ऐन वक्त पर संजीव अग्रवाल बाजी मार ले गए और विधायक बन गए। अब एक बार फिर चर्चाओं का बाजार गर्म है लेकिन प्रमेंद्र माहेश्वरी की इस कार्यक्रम में मौजूदगी कई सवाल खड़े कर रही है।
तीसरा नाम संजीव सक्सेना का है। सपा नेता संजीव सक्सेना को समाजवादी पार्टी ने मेयर पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया था। लेकिन अंतिम वक्त पर पार्टी ने निर्दलीय चुनाव लड़ रहे पूर्व मेयर डॉ. आईएस तोमर को समर्थन का ऐलान कर दिया जिसके कारण संजीव सक्सेना चुनाव नहीं लड़ सके। पिछले विधानसभा चुनाव में संजीव सक्सेना भी कैंट विधानसभा सीट से सपा के टिकट पर चुनाव लड़ना चाहते थे लेकिन ऐन वक्त पर सुप्रिया ऐरन के मैदान में उतरने के कारण संजीव सक्सेना का सपना पूरा नहीं हो सका था। बहरहाल, खानकाह ए नियाजिया के इस कार्यक्रम में दिग्गजों की मौजूदगी ने कई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
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