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जमीन पर बैठकर पढ़ते थे, छू लिया आसमां, अब ‘शिक्षा के दीये की बाती’ बने अनीस बेग और इसवा के डॉक्टर, जानिये कैसे?

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नीरज सिसौदिया, बरेली
बरेली जिले की मीरगंज तहसील का एक छोटा सा गांव है पंढेरा। दशकों पहले इस गांव का एक मासूम जब स्कूल जाता था तो तख्ती के साथ बैठने के लिए फट्टा (लकड़ी का एक सामान जिसका अक्सर लोग गांव देहात में बैठने के लिए इस्तेमाल करते हैं) भी साथ ले जाता था। उस वक्त शायद उस मासूम ने यह सोचा भी नहीं होगा कि एक दिन वो अपने इस छोटे से गांव का नाम रोशन करेगा। उसने शायद कल्पना भी नहीं की होगी कि एक दिन बरेली महानगर में सबसे अधिक स्पेशियलिस्ट डॉक्टर और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं वाला अस्पताल उसका अपना होगा और उसकी गिनती शहर की जानी-मानी हस्तियों में होगी। लेकिन एक लगन ही थी जिसने गांव के उस मासूम को आज सफलता के आसमान पर किसी सितारे की मानिंद बिठा दिया। यह शख्सियत है समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता, बरेली के जाने-माने चाइल्ड स्पेशियलिस्ट और मैक्स लाइफ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल एंड फहमी आईवीएफ सेंटर के डायरेक्टर कम ओनर डॉ. अनीस बेग की। अनीस बेग ने शिक्षा की उन दुश्वारियों को बेहद करीब से देखा और झेला है जो एक गरीब या बेबस होनहार की उम्मीदों की राह में आड़े आती है। इन्हीं दुश्वारियों ने जन्म दिया इनटैलेक्चुअल सोशल वेलफेयर एसोसिएशन (इसवा) को। डॉ. अनीस बेग की कहानी यह बताती है कि मजबूत इरादों और लगन से कोई गरीब मासूम भी सपनों की उड़ान भरकर बुलंदियों के आसमान की मंजिल पा सकता है। सिर्फ अनीस बेग ही नहीं, इसवा के अध्यक्ष डॉ. मोहम्मद फाजिल, नव निर्वाचित अध्यक्ष डॉ. अय्यूब अंसारी और डॉ. फिरासत अंसारी भी उस दौर से गुजरे हैं जब तख्तियां लेकर स्कूल जाना उनकी मजबूरी हुआ करती थी।
यही वजह है कि लगभग एक साल पहले महज बीस लोगों के साथ शुरू हुए इसवा के सफर में आज पांच सौ से भी अधिक लोग जुड़ चुके हैं। इस संस्था का मकसद शिक्षा की अलग जगाना और बेबस मासूमों को सपनों की मंजिल तक पहुंचाना है। अपने इसी मकसद को लेकर संगठन की ओर से लगातार कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। पिछले रविवार को भी संस्था की ओर से बरेली के आईएमए सभागार में एक एजुकेशनल कांफ्रेंस का आयोजन किया गया था। इस समारोह में इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व जज जस्टिस मियां सैयद वाइज ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। साथ ही खुसरो फाउंडेशन, दिल्ली के संयोजक डॉ. हफीजुर्रहमान वक्ता एवं गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में शिक्षा एवं न्यायिक क्षेत्र की हस्तियों के साथ ही समाजसेवा से जुड़े लोगों और विद्यार्थियों की भी उपस्थिति रही। पूरे बरेली मंडल के लोग इस समारोह के गवाह बने। इस दौरान नीट में सफलता हासिल करने वाले मेधावियों और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।

यहां देखें वीडियो???

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इस कार्यक्रम में समाज के प्रतिष्ठित लोगों से गरीब और जरूरतमंद लोगों की शिक्षा के लिए आगे कदम बढ़ाने की अपील की गई। वक्ताओं ने कहा कि अगर एक परिवार एक गरीब बच्चे को शैक्षिक तौर पर गोद ले ले तो देश में शिक्षा का स्तर बहुत सुधर सकता है। मुख्य अतिथि जस्टिस वाइज ने लोगों से शिक्षा को समाजसेवा का साधन बनाने का आह्वान किया।

समारोह को संबोधित करते डॉ. अनीस बेग।

इसवा अध्यक्ष डॉ. मोहम्मद फाजिल, सचिव डॉ. शकील अंजुम, डिप्टी सीएमओ डॉ. लईक अंसारी, डॉ. यामीन अंसारी सहित अन्य ने इसवा के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसका मकसद लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक कराना, बेबस जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा दिलाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
बहरहाल, शिक्षा के क्षेत्र में इसवा के ये डॉक्टर सेवा और समर्पण की नई इबारत लिख रहे हैं। जरूरतमंदों की तकदीर संवारने का ये सफर बरेली ही नहीं पूरे देश के प्रतिष्ठित लोगों के लिए भी प्रेरणादायक है।

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