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डीएनए पर भिड़े योगी और अखिलेश, योगी बोले- बांटने वाले काटने और कटवाने का कर रहे इंतजाम, पढ़ें किसने क्या कहा?

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नीरज सिसौदिया, नई दिल्ली

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव वीरवार को डीएनए को लेकर भिड़ गए। दोनों की जुबानी जंग खूब चर्चा में रही। योगी ने कहा कि कुछ लोग सामाजिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न और सामाजिक एकता को तोड़कर, आपको बांटकर फिर काटने व कटवाने का इंतजाम कर रहे हैं। रामायण मेला समिति द्वारा रामकथा पाकर् में आयोजित 43वें रामायण मेला का गुरुवार को शुभारंभ करते हुये उन्होने कहा कि 500 वर्ष पहले बाबर के सिपहसालार ने अयोध्या, संभल में जो कृत्य किया था और जो काम आज बांग्लादेश में हो रहा है, तीनों की प्रकृति-डीएनए एक जैसा है। कोई मानता है कि यह बांग्लादेश में हो रहा है तो गलतफहमी में न रहे। यहां भी बांटने वाले तत्व पहले से खड़े हैं। वे सामाजिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न और सामाजिक एकता को तोड़कर, आपको बांटकर फिर काटने व कटवाने का इंतजाम भी कर रहे हैं। उन्होने कहा ‘‘ बांटने वाले बहुत सारे लोग ऐसे हैं, जिन्होंने दुनिया के कई देशों में प्रॉपटर्ी खरीद रखी है। य़हां संकट आएगा तो वे वहां भाग जाएंगे और मरने वाले मरते रहेंगे, लेकिन हम प्रभु के आदर्शों से प्रेरणा लेकर उसके अनुरूप खुद को तैयार करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’के निर्माण में योगदान देंगे।” मुख्यमंत्री ने रामायण मेला समिति को आश्वस्त किया कि अयोध्या में कुछ नया लेकर आइए, सरकार सदा आपके साथ है। उन्होंने रामायण पर शोध की आवश्यकता पर बल दिया। अयोध्या धाम को पुरातन गौरव प्राप्त हो। इसके लिए सरकार नित कार्य कर रही है। योगी ने कहा कि भगवान राम ने पूरे भारत व समाज को जोड़ने का कार्य किया। जोड़ने के कार्य को हमने महत्व दिया होता और सामाजिक विद्वेष-समाज को तोड़ने की दुश्मनों की रणनीति को सफल नहीं होने देते तो देश कभी गुलाम नहीं होता और न ही तीर्थ अपवित्र होते। मुठ्ठी भर आक्रांताओं को भारत के वीर योद्धा रौंद डालते, लेकिन आपसी एकता में बाधा पैदा करने वाले सफल रहे। उन्हीं के जींस आज भी जाति के नाम पर राजनीति करने वाले सामाजिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होने कहा कि अयोध्या ने हजारों वर्षों से विश्व कल्याण की मानवता का मार्ग प्रशस्त किया है। अयोध्या दुनिया के लिए मार्गदर्शक है। यहां कोई युद्ध करने का दुस्साहस नहीं कर सकता। राग-द्वेष से मुक्त अयोध्या दुनिया में चल रहे द्वंद्व के समाधान की भूमि है। प्रभु कृपा से अयोध्या धाम आज आध्यात्मिक व सांस्कृतिक रूप से वैश्विक नगरी के रूप में फिर से नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है। जनवरी में पीएम नरेंद्र मोदी के करकमलों से 500 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद प्रभु फिर से राम मंदिर में विराजमान हुए हैं। 22 जनवरी को आयोजन अयोध्या में था, लेकिन उत्सव पूरा देश-दुनिया में मनाया जा रहा था।
वहीं, योगी आदित्यनाथ के डीएनए वाले बयान पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि वह अपने डीएनए की जांच करवाने के लिए तैयार हैं बशर्ते मुख्यमंत्री भी अपने डीएनए की जांच कराएं। योगी ने अयोध्या में रामायण मेले के उद्घाटन के बाद विपक्षी दलों पर समाज को बांटने का आरोप लगाया और कहा कि अयोध्या व संभल में मुगल शासक बाबर की सेना ने जो किया और आज जो बांग्लादेश में हो रहा है, उसका डीएनए एक ही है। अखिलेश ने कानपुर में संवाददाताओं से कहा, “मुझे नहीं पता कि मुख्यमंत्री कितना विज्ञान जानते हैं और उन्होंने कितनी बायोलॉजी पढ़ी है लेकिन मैं उनसे अनुरोध करना चाहता हूं कि उन्हें डीएनए के बारे में बात नहीं करनी चाहिए।” उन्होंने कहा, “आपके (मीडिया) जरिए मैं यह पूरी जिम्मेदारी के साथ कह रहा हूं कि उन्हें डीएनए के बारे में बात नहीं करनी चाहिए। अगर वह डीएनए के बारे में बात करते हैं तो मैं डीएनए टेस्ट कराने के लिए तैयार हूं और मुख्यमंत्री को भी अपना डीएनए टेस्ट कराना चाहिए।” अखिलेश ने कहा, “डीएनए की बात करना उन्हें (मुख्यमंत्री योगी को) शोभा नहीं देती। एक संत, भगवा वस्त्र धारण किए एक योगी होने के नाते उन्हें डीएनए के बारे में बात नहीं करनी चाहिए।” अखिलेश यहां एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे थे।

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