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इंडिया टाइम 24 की खबर पर भाजपा ने लगा दी मुहर, फिर से मंडल अध्यक्ष बनाए गए राजीव कश्यप, कैंट विधानसभा के तीन मंडलों में फंसा पेच

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नीरज सिसौदिया, बरेली
भारतीय जनता पार्टी ने मंडल अध्यक्षों की सूची जारी कर दी है। बरेली में 6 मंडलों के अध्यक्ष तय कर दिए गए हैं। इसी के साथ भाजपा हाईकमान ने इंडिया टाइम 24 की खबर पर भी मुहर लगा दी है। इंडिया टाइम 24 ने 18 दिसम्बर को ही यह समाचार प्रकाशित किया था कि हरमिलाप मंडल के अध्यक्ष राजीव कश्यप को फिर से मंडल अध्यक्ष बनाया जाना तय है। आज भाजपा की जो सूची जारी हुई है उसके अनुसार राजीव कश्यप ही हरमिलाप मंडल के अध्यक्ष होंगे। वहीं कैंट विधानसभा के कुछ मंडलों में अभी भी पेच फंसा हुआ है। इनमें एक मढ़ीनाथ मंडल है तो दूसरा दीनदयाल मंडल।
भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक चुनाव अब मंडल अध्यक्ष के चरण को पार करने की राह पर हैं। सोमवार को प्रदेश भर के मंडल अध्यक्षों के नामों पर अंतिम मुहर लग गई। इसके लिए पिछले दिनों लखनऊ में एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में प्रदेश, क्षेत्रीय और जिला स्तर के चुनाव पदाधिकारी शामिल हुए थे। वैसे तो 22 दिसम्बर तक मंडल अध्यक्षों के नामों की घोषणा कर दी जानी चाहिए थी लेकिन कई दावेदार होने के कारण ऐसा नहीं हो सका। अब जिन मंडलों में पेच फंसा है उनका भी परिणाम जल्द ही जारी होने की उम्मीद जताई जा रही है। अब पूरा फोकस महानगर और जिला अध्यक्ष के चुनाव पर फोकस रहेगा।
बता दें कि भारतीय जनता पार्टी की ओर से इस बार मंडल अध्यक्ष के चयन के लिए कुछ नियम तय किए हैं। इनमें दो प्रमुख नियम यह हैं कि मंडल अध्यक्ष पद के लिए सिर्फ वही नेता योग्य माने जाएंगे जिनकी उम्र 45 वर्ष से अधिक न हो। वहीं, जो नेता लगातार दो बार मंडल अध्यक्ष रह चुका है वह भी इस पद के योग्य नहीं माना जाएगा। संगठन के नियम के अनुसार जो नेता वर्ष 2019 से लगातार मंडल अध्यक्ष है उसके कार्यकाल को भी दो बार का कार्यकाल माना जाएगा और ऐसे नेता मंडल अध्यक्ष पद के लिए आवेदन भी नहीं कर सकते हैं। इसके बावजूद बरेली के ऐसे दो नेताओं ने न सिर्फ आवेदन किया है बल्कि उन्हें मंडल अध्यक्ष बनाने के लिए उनके राजनीतिक आकाओं ने पूरी ताकत भी झोंक दी है। हालांकि कालीबाड़ी मंडल में भी मेयर उमेश गौतम और संजीव अग्रवाल के करीबियों में पेच फंसा हुआ है। शहर विधानसभा सीट के साईंनाथ मंडल से ब्रजेश प्रताप सिंह, बांके बिहारी मंडल से मोहित अरोड़ा, हरमिलाप मंडल से राजीव कश्यप, सीबी गंज से अजय मौर्य और टीबरीनाथ मंडल से महिला नेत्री शिखा मेहरोत्रा को मंडल अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं, कैंट विधानसभा सीट से एकमात्र पूर्वी मंडल से जयदीप वाल्मीकि को मंडल अध्यक्ष बनाया गया है।
इनमें पहला नाम मढ़ीनाथ के मौजूदा मंडल अध्यक्ष नरेंद्र मौर्य का है, दूसरा चेहरा दीनदयाल मंडल अध्यक्ष कन्हैया राजपूत और तीसरा कालीबाड़ी मंडल का है। इन दोनों के अध्यक्ष की घोषणा फिलहाल नहीं हुई है।
नरेंद्र मौर्य पिछले विधानसभा चुनाव में कैंट विधायक संजीव अग्रवाल के गुट का हिस्सा रहे। सूत्र बताते हैं कि विगत चुनाव में उन्होंने पार्टी से दगाबाजी की और समाजवादी पार्टी के लोकसभा प्रत्याशी का अंदरखाने साथ देने का प्रयास भी किया। इसके बाद संजीव अग्रवाल ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया। ऐसे में नरेंद्र मौर्य संजीव अग्रवाल के धुर विरोधी मेयर उमेश गौतम के खेमे में पहुंच गए। अब नरेंद्र मौर्य मंडल अध्यक्ष पद के लिए ओवरएज हो चुके हैं। लेकिन उनके नए आका उन्हें नियम विरुद्ध मंडल अध्यक्ष बनाने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। अगर आका कामयाब हो गए तो यह उनकी बड़ी जीत मानी जाएगी लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ तो नरेंद्र मौर्य का राजनीतिक भविष्य तो संकट में पड़ेगा ही, उनके राजनीतिक आका की भी फजीहत हो जाएगी।
इसी तरह कन्हैया राजपूत वर्ष 2019 से लगातार मंडल अध्यक्ष हैं। इसलिए नियमानुसार तो वह आवेदन ही नहीं कर सकते थे। वह भी मेयर उमेश गौतम के गुट के बताए जाते हैं।
तीसरा मंडल कालीबाड़ी है जहां पेच फंसा हुआ है। यहां हर्षित और नीरज रस्तोगी के बीच मामला फंसा हुआ है। नीरज रस्तोगी मेयर उमेश गौतम के खेमे के बताए जाते हैं जबकि हर्षित संजीव अग्रवाल गुट के एक नेता के करीबी हैं।
माना जा रहा है कि अब 15 जनवरी तक महानगर और जिला अध्यक्ष तय होंगे और उसके बाद प्रदेश अध्यक्ष का फैसला होगा। फरवरी में राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना जाएगा।

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