नीरज सिसौदिया, बरेली
फूलन देवी का नाम भारतीय इतिहास में एक ऐसी वीरांगना के रूप में दर्ज है जिसने अपने जीवन में असंख्य चुनौतियों का सामना किया और समाज के वंचित वर्गों के लिए आवाज उठाई। उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गांव बेहमई में एक गरीब मल्लाह परिवार में जन्मी फूलन देवी की जिंदगी संघर्षों से भरी थी। लेकिन उनके हौसले और साहस ने उन्हें एक ऐसी नेत्री के तौर पर स्थापित कर दिया जिसने अपने समाज और महिलाओं के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी। वर्ष 2001 में 25 जुलाई के दिन फूलन देवी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस बार उनकी 25 वीं पुण्यतिथि है। इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता पूर्व ब्लॉक प्रमुख और समाजवादी बाबा साहेब अंबेडकर वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव चंद्रसेन सागर फरीदपुर सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पड़ने वाले 19 गांवों में विशेष श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन करने जा रहे हैं। ये सभी गांव पिछड़े वर्ग के लोगों के हैं।

इन आयोजनों के संबंध में पूछे जाने पर चंद्रसेन सागर बताते हैं, ‘फूलन देवी के जीवन की कहानी आंसू और दर्द से भरी है, लेकिन उसमें एक अनोखी ताकत और वीरता भी है। कम उम्र में विवाह, अत्याचार, और समाज की कठोरता का सामना करते हुए भी उन्होंने हार नहीं मानी। अत्याचारों ने उन्हें दस्यु सुंदरी बनने को मजबूर कर दिया था लेकिन उनके दिल में गरीबों और दलितों के लिए एक गहरी सहानुभूति थी।’

चंद्रसेन सागर आगे बताते हैं, “फूलनदोवी के संघर्षों ने उन्हें एक प्रतीक बना दिया – एक प्रतीक जो बताता है कि चाहे परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, एक व्यक्ति अपने दृढ़ संकल्प से सब कुछ बदल सकता है। फूलन देवी ने अपने जीवन में यह साबित किया कि एक वंचित पृष्ठभूमि से आने वाली महिला भी समाज में अपनी पहचान बना सकती है और बदलाव ला सकती है।”
फूलनदेवी के राजनीतिक सफर पर प्रकाश डालते हुए चंद्रसेन सागर बताते हैं, ‘वर्ष 1996 में फूलन देवी ने समाजवादी पार्टी के टिकट पर मिर्जापुर से लोकसभा चुनाव जीता और सांसद बनीं। उनकी राजनीति में महिलाओं के अधिकारों और दलितों के उत्थान के लिए काम करना प्रमुख था। फूलन देवी की वीरता ने उन्हें इतिहास के पन्नों में अमर कर दिया, जहां उनके संघर्षों की कहानी हर पीढ़ी को साहस और दृढ़ता की प्रेरणा देती रहेगी।”

- उन्होंने कहा कि 25 जुलाई 2001 को उनकी दुखद हत्या ने उनके जीवन की कहानी को और भी भावपूर्ण बना दिया, लेकिन उनकी विरासत आज भी जीवित है। फूलनदेवी की कहानी एक ऐसी वीरांगना की कहानी है, जो संघर्षों के बावजूद एक उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ी, और पिछड़ों एवं दलित समाज के लिए एक नई दिशा दिखाई।”

उन्होंने कहा कि फूलन देवी की इस 25वीं पुण्यतिथि पर फरीदपुर विधान सभा क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों में दिनांक 25 जुलाई को उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए जाएंगे। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से पूर्व ब्लॉक प्रमुख एवं राष्ट्रीय सचिव समाजवादी बाबा साहेब अंबेडकर वाहिनी चंद्रसेन सागर, प्रदेश सचिव पिछड़ा वर्ग समाजवादी पार्टी धनपाल सिंह यादव, प्रदेश सचिव यादव मजदूर सभा उत्तर प्रदेश सचिन यादव, तथा समाजवादी पार्टी के अन्य नेतागण शामिल होंगे।
इन गांवों में आयोजित होंगे श्रद्धांजलि कार्यक्रम
बहादुरपुर: सुबह 8 बजे
भदपुरा : सुबह 8:30 बजे
कुठला : सुबह 9 बजे
जिगिनिया सादिक अली : सुबह 9:30 बजे
मटानिया : सुबह 10 बजे
नगरिया कलां : सुबह 10:30 बजे
खललपुर : सुबह 11 बजे
कपूरपुर : सुबह 12:00 बजे
मैनी : दोपहर 12:30 बजे
भगवानपुर फुलवा: दोपहर 1:00 बजे
गुलपुरा : दोपहर 1:30 बजे
बिलौआ : दोपहर 2:00 बजे
बिधौली : दोपहर 2:30 बजे
मरोड़ा : दोपहर 3:00 बजे
डभौरा : दोपहर 3:30 बजे
डडिया होतराम : दोपहर 4:00 बजे
महेशपुर : शाम 4:30 बजे
मैकपुर : शाम 5 बजे





