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मैक्सालाइफ हॉस्पिटल में सामूहिक रोज़ा इफ्तार, डॉ. अनीस बेग बोले—पूरा हॉस्पिटल एक परिवार

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नीरज सिसौदिया, बरेली

पवित्र रमज़ान माह के अवसर पर मैक्सालाइफ हॉस्पिटल में सामूहिक रोज़ा इफ्तार का आयोजन बड़े ही सौहार्दपूर्ण माहौल में किया गया। इस अवसर पर अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, प्रशासनिक कर्मचारियों और अन्य स्टाफ ने एक साथ बैठकर रोज़ा खोला और आपसी भाईचारे, प्रेम और एकता का संदेश दिया। पूरे कार्यक्रम में परिवार जैसी आत्मीयता और अपनापन देखने को मिला।

रमज़ान का महीना मुस्लिम समुदाय के लिए बेहद पवित्र माना जाता है। इस महीने में लोग रोज़ा रखकर इबादत करते हैं और अल्लाह से दुआ मांगते हैं। साथ ही यह महीना इंसानियत, सेवा, धैर्य और दूसरों की मदद करने का भी संदेश देता है। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए मैक्सालाइफ हॉस्पिटल में यह सामूहिक इफ्तार कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें अस्पताल के सभी विभागों के लोग शामिल हुए।

इफ्तार से पहले सभी लोगों ने मिलकर दुआ की और देश में अमन-चैन, तरक्की और भाईचारे की कामना की। जैसे ही इफ्तार का समय हुआ, सभी ने एक साथ रोज़ा खोला। इस दौरान खजूर, फल, शरबत और अन्य व्यंजनों के साथ इफ्तार किया गया। पूरे कार्यक्रम में आपसी सहयोग और सम्मान की भावना साफ दिखाई दे रही थी।

इस अवसर पर अस्पताल के निदेशक डॉ. अनीस बेग ने सभी कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि मैक्सालाइफ हॉस्पिटल सिर्फ एक कार्यस्थल नहीं है, बल्कि यह एक परिवार की तरह है। यहां काम करने वाला हर व्यक्ति इस परिवार का महत्वपूर्ण सदस्य है। उन्होंने कहा कि जब सभी लोग मिलकर एक परिवार की तरह काम करते हैं, तो मरीजों को बेहतर सेवा देना और भी आसान हो जाता है।

डॉ. अनीस बेग ने कहा कि रमज़ान का महीना हमें सब्र, सेवा और आपसी मोहब्बत का पाठ पढ़ाता है। उन्होंने कहा कि रोज़ा सिर्फ भूखे-प्यासे रहने का नाम नहीं है, बल्कि यह आत्मसंयम, अनुशासन और दूसरों के प्रति संवेदनशील होने की भी सीख देता है। ऐसे अवसर हमें यह याद दिलाते हैं कि समाज में एकता और भाईचारा कितना जरूरी है।

उन्होंने अस्पताल के सभी कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि यहां का पूरा स्टाफ दिन-रात मेहनत करके मरीजों की सेवा करता है। डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, टेक्नीशियन और अन्य कर्मचारी मिलकर जिस समर्पण के साथ काम करते हैं, वह वास्तव में प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि मरीजों की सेवा करना ही हमारा सबसे बड़ा धर्म है और यही हमारे काम की असली पहचान भी है।

कार्यक्रम के दौरान अस्पताल के कर्मचारियों ने भी अपने विचार साझा किए और कहा कि इस तरह के आयोजन से आपसी रिश्ते और मजबूत होते हैं। जब सभी लोग एक साथ बैठकर इफ्तार करते हैं, तो आपसी दूरी खत्म होती है और अपनापन बढ़ता है। इससे कार्यस्थल का माहौल भी सकारात्मक और सहयोगपूर्ण बनता है।

पूरे कार्यक्रम में एकता और भाईचारे की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी। सभी कर्मचारियों ने एक-दूसरे को रमज़ान की मुबारकबाद दी और मिलकर देश में शांति, सद्भाव और खुशहाली की दुआ की।

सामूहिक रोज़ा इफ्तार का यह आयोजन न केवल धार्मिक भावना से जुड़ा था, बल्कि यह आपसी प्रेम, सम्मान और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने का भी एक सुंदर अवसर बन गया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने इस तरह के आयोजन आगे भी करते रहने की इच्छा जताई और मिलकर मरीजों की सेवा के अपने संकल्प को दोहराया।

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