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सियासत के साथ सेवा की मिसाल : घरों में नहीं दिलों में जगह बना रहे डॉ. जीराज सिंह यादव, सुबह से लेकर आधी रात तक पहुंच रहे पीडीए के बीच, पढ़ें कैसे सियासत की नई इबारत लिख रहे डॉ. जीराज सिंह यादव

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नीरज सिसौदिया, बरेली
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और आंवला विधानसभा सीट से पार्टी के टिकट के प्रबल दावेदार माने जा रहे डॉ. जीराज सिंह यादव इन दिनों अपने काम और व्यवहार के कारण लगातार चर्चा में बने हुए हैं। राजनीति में अक्सर नेताओं पर जनता से दूर रहने के आरोप लगते हैं, लेकिन डॉ. जीराज सिंह यादव की पहचान इसके बिल्कुल उलट बनती जा रही है। वे केवल लोगों के घरों तक नहीं, बल्कि उनके दिलों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। सेवा और सियासत को साथ लेकर चलने का जो रास्ता उन्होंने चुना है, वह उन्हें आम नेताओं से अलग पहचान दिला रहा है।
दरअसल, डॉ. जीराज सिंह यादव का समाजसेवा से रिश्ता कोई नया नहीं है। यह रिश्ता उस समय शुरू हुआ था जब उन्होंने बीएएमएस की डिग्री हासिल करने के बाद ग्रामीण इलाकों में चिकित्सा सेवा देने का संकल्प लिया। उस दौर में सिरौली और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की भारी कमी थी। गांवों के लोगों को मामूली इलाज के लिए भी शहरों का रुख करना पड़ता था। गरीब परिवारों के लिए यह बेहद कठिन स्थिति होती थी, क्योंकि उनके पास न तो पर्याप्त पैसा होता था और न ही इतनी सुविधा कि वे दूर जाकर इलाज करा सकें।
ऐसे समय में डॉ. जीराज सिंह यादव ने सिरौली जैसे पिछड़े इलाके में अपना अस्पताल शुरू किया। उनका यह कदम केवल एक निजी अस्पताल खोलने तक सीमित नहीं था, बल्कि यह ग्रामीण समाज के लिए एक नई उम्मीद की शुरुआत था। धीरे-धीरे आसपास के गांवों के लोग उनके अस्पताल आने लगे। यहां आने वाले अधिकांश मरीज गरीब और जरूरतमंद होते थे। कई बार ऐसे लोग भी आते थे जिनके पास इलाज के लिए पैसे नहीं होते थे, लेकिन डॉ. जीराज सिंह यादव ने कभी किसी को निराश नहीं लौटाया।


खासतौर पर ग्रामीण महिलाओं के लिए उनका अस्पताल किसी वरदान से कम नहीं था। प्रसव जैसी गंभीर स्थिति में अक्सर महिलाएं शहर के बड़े अस्पतालों तक नहीं पहुंच पाती थीं। ऐसे में डॉ. जीराज सिंह यादव के अस्पताल ने हजारों परिवारों को राहत दी। उन्होंने न केवल मरीजों का इलाज किया, बल्कि लोगों का भरोसा भी जीता। यही वजह है कि धीरे-धीरे उनकी लोकप्रियता बढ़ती चली गई।
समाजसेवा के साथ-साथ उनकी राजनीतिक यात्रा भी आगे बढ़ती रही। वर्ष 1992 में ही वे समाजवादी पार्टी से जुड़ चुके थे। उस समय से ही वे पार्टी की विचारधारा के साथ खड़े रहे और लगातार संगठन के लिए काम करते रहे। समाजसेवा और जनता के बीच उनकी सक्रियता को देखते हुए लोगों ने भी उन्हें भरपूर समर्थन दिया। यही कारण था कि जनता ने उन्हें पहले ब्लॉक प्रमुख बनाया और बाद में जिला पंचायत सदस्य के रूप में भी चुना।
इन पदों पर रहते हुए डॉ. जीराज सिंह यादव ने केवल औपचारिक जिम्मेदारियां नहीं निभाईं, बल्कि क्षेत्र के विकास और सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने कई गरीब परिवारों की बेटियों की शादी में मदद की और जरूरतमंद लोगों को रहने के लिए छत उपलब्ध कराने में भी सहयोग किया। इन कामों के कारण उनका जनसंपर्क लगातार मजबूत होता गया और लोगों के बीच उनकी छवि एक ऐसे नेता की बनती गई जो केवल राजनीति नहीं करता, बल्कि समाज के साथ खड़ा भी रहता है।


साल 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी उनकी लोकप्रियता की झलक देखने को मिली। उस समय समाजवादी पार्टी ने आंवला विधानसभा सीट से डॉ. जीराज सिंह यादव की जगह आरके शर्मा को टिकट दे दिया था। लेकिन जनता ने इस फैसले को पूरी तरह स्वीकार नहीं किया। चुनाव में आरके शर्मा को मुस्लिम वोट तो मिले, लेकिन अन्य जातियों खास तौर पर पिछड़ों और दलितों का समर्थन उन्हें नहीं मिल सका और उन्हें हार का सामना करना पड़ा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि उस समय डॉ. जीराज सिंह यादव को टिकट मिलता तो परिणाम अलग हो सकते थे।
हालांकि इस घटना के बावजूद डॉ. जीराज सिंह यादव ने पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा में कोई कमी नहीं आने दी। उन्होंने लोकसभा चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार को जिताने के लिए पूरी ताकत लगा दी। क्षेत्र में लगातार जनसंपर्क किया और कार्यकर्ताओं को एकजुट किया। उनके प्रयासों का ही नतीजा रहा कि कई वर्षों बाद आंवला लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी को जीत हासिल हुई।
डॉ. जीराज सिंह यादव की लोकप्रियता का एक बड़ा कारण यह भी है कि वे जनता के बीच रहने में विश्वास रखते हैं। उनके लिए दिन और रात का कोई विशेष मतलब नहीं होता। जब भी किसी कार्यक्रम या सामाजिक आयोजन की सूचना मिलती है, वे वहां पहुंचने की कोशिश करते हैं। हाल ही में इसका एक उदाहरण तब देखने को मिला जब वे दिनभर के व्यस्त कार्यक्रमों के बाद रात करीब दस बजे आंवला विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत किनोना पहुंचे।


किनोना में सागर समाज की ओर से श्री बुद्ध कथा का आयोजन किया जा रहा था। इस कार्यक्रम में पहुंचकर डॉ. जीराज सिंह यादव ने भगवान बुद्ध और बाबा साहेब अंबेडकर के चरणों में पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। उनके वहां पहुंचते ही कार्यक्रम में मौजूद लोगों का उत्साह बढ़ गया। बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों ने हाथ उठाकर भगवान से प्रार्थना की कि इस बार समाजवादी पार्टी से आंवला विधानसभा सीट का टिकट डॉ. जीराज सिंह यादव को मिले। साथ ही उन्होंने यह संकल्प भी लिया कि यदि उन्हें टिकट मिलता है तो वे उन्हें भारी बहुमत से चुनाव जिताने का प्रयास करेंगे। यह दृश्य साफ तौर पर दिखाता है कि क्षेत्र में उनके प्रति लोगों का लगाव कितना गहरा है।
दरअसल, यह समर्थन किसी एक दिन की मेहनत का परिणाम नहीं है। यह उन वर्षों की सेवा और समर्पण का नतीजा है जो डॉ. जीराज सिंह यादव ने समाज के लिए दिए हैं। उन्होंने राजनीति को केवल सत्ता हासिल करने का माध्यम नहीं बनाया, बल्कि इसे समाज की सेवा का जरिया माना। यही वजह है कि आज लोग उन्हें केवल एक नेता के रूप में नहीं, बल्कि अपने परिवार के सदस्य की तरह देखते हैं।


कुल मिलाकर देखा जाए तो डॉ. जीराज सिंह यादव की राजनीति का आधार केवल चुनावी गणित नहीं है, बल्कि समाजसेवा और जनसंपर्क की मजबूत जमीन है। यही कारण है कि वे लोगों के घरों में नहीं, बल्कि उनके दिलों में जगह बनाते नजर आ रहे हैं। आने वाले समय में आंवला विधानसभा की राजनीति में उनका यह जनाधार किस रूप में सामने आता है, यह देखना दिलचस्प होगा।

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