यूपी

धोबी समाज के बेटे अंकित के परिवार को 50 लाख मुआवजा दे सरकार, बदायूं में मारे गए अंकित के परिजनों से मिले सर्वजन आम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, सरकार को घेरा, कहा-धोबी समाज से है अंकित इसलिए सरकार नहीं दे रही न्याय, पढ़ें क्या है पूरा मामला?

Share now
नीरज सिसौदिया, बरेली
बदायूं जिले के उझानी थाना क्षेत्र में एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ट्रॉली की चपेट में आकर बरेली जिले के फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पड़ते भुता थाने के भगवानपुर गांव निवासी अंकित दिवाकर की मौत पर धोबी समाज के दिग्गज नेता और सर्व जन आम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयप्रकाश भास्कर ने गहरा आक्रोश जताया है। उन्होंने अंकित की मौत को पुलिस-प्रशासन की लापरवाही का नतीजा करार देते हुए पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपए की मुआवजा राशि दिए जाने की मांग की है। साथ ही अंकित को इंसाफ दिलाने के लिए आखिरी सांस तक लड़ाई लड़ने का भरोसा उनके परिजनों को दिलाया। भास्कर शनिवार को भगवानपुर स्थित अंकित के घर गए और उनके पिता नरेंद्र दिवाकर एवं अन्य परिजनों से मुलाकात की।
 भास्कर ने कहा कि नरेंद्र दिवाकर एक गरीब मजदूर हैं। वह धोबी समाज से आते हैं इसलिए उनकी आवाज सरकार नहीं सुन रही है। अभी तक सरकार की ओर से उनकी ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। अंकित उनका इकलौता बेटा था। उसकी एक बहन भी है। अंकित की मौत से यह परिवाह तबाह हो गया है। अगर यही घटना किसी सवर्ण के साथ हुई होती तो आज सरकार उसके द्वार पर खड़ी होती लेकिन अंकित एक गरीब धोबी दलित परिवार का बेटा था इसलिए उसके परिवार की सुध नहीं ली जा रही है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र दिवाकर की दयनीय स्थिति को देखते हुए हम सरकार से मांग करते हैं कि उन्हें 50 लाख रुपए मुआवजा दिया जाए ताकि यह परिवार अपनी बेटी की शादी कर सके और अपना बाकी जीवन सम्मानजनक तरीके से गुजार सके।
 उन्होंने कहा कि धोबी समाज पर अत्याचार और उपेक्षा का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी बदायूं जिले के थाना दातागंज क्षेत्र के एक गांव में धोबी समाज की ही एक नाबालिग लड़की के साथ गांव के ही चार लड़कों ने गैंगरेप की कोशिश की थी। किसी तरीके से लड़की अपना बचाव करके उनके चंगुल से भाग निकली। उसके परिजनों ने बाराई चौकी में इसकी तहरीर भी दी लेकिन दारोगा जी आरोपियों को गिरफ्तार करने की जगह उल्टा पीड़िता पर ही समझौता करने का दबाव बनाने लगे। कई दिन बीतने के बावजूद पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया था। भास्कर ने जब परिजनों से मुलाकार कर पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) को घटना के बारे में बताया तब जाकर उन्होंने मुकदमा करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि अंकित दिवाकर और उनके परिवार को हर हाल में न्याय दिलाया जाएगा।
 अंकित के परिवार से मिलने वालों में जयप्रकाश भास्कर व अन्य मौजूद थे।
Facebook Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *