नीरज सिसौदिया, बरेली
बरेली सिटी के रहपुरा चौधरी स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय का मंगलवार का दिन बच्चों के लिए यादगार बन गया। यहां शिक्षा और समाजसेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला। स्थानीय समाजसेवियों की पहल पर आयोजित सम्मान समारोह में विद्यालय के 21 होनहार और अनुशासित बच्चों को सम्मानित किया गया। समाजवादी पार्टी के विधानसभा अध्यक्ष हसीव खान, इंजीनियर अब्दुल हफीज, आशिक हुसैन समेत अन्य समाजसेवियों की इस पहल का मकसद बच्चों का मनोबल बढ़ाना और उनकी मेहनत को सलाम करना था। ये समाजसेवी पिछले काफी समय से विद्यालय को आगे बढ़ाने में सहयोग करते आ रहे हैं।

हसीव खान और स्कूल के प्रधानाचार्य हरीश बाबू शर्मा ने बताया कि सम्मान पाने वाले बच्चों में वे छात्र-छात्राएं शामिल थे जो पूरे वर्ष वेल ड्रेस्ड होकर स्कूल आते रहे और हाल ही में स्वतंत्रता दिवस पर शानदार प्रस्तुतियां देकर सभी का दिल जीत लिया। इन बच्चों को स्टेशनरी और शैक्षिक सामग्री भेंट की गई। सम्मानित छात्रों में बबिता राठौर, रिफ़ा, सिमरन, नेहा देवी, शबा, सौरभ, कशिश, कहकशां, मंजू, नदीश सहित 21 बच्चे प्रमुख रूप से शामिल रहे।

समाजवादी पार्टी बरेली शहर विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष हसीब खान ने बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि शिक्षा ही बच्चों का असली हथियार है। उन्होंने कहा कि, “हमारा लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। यह सरकारी स्कूल अब पूरे क्षेत्र में उदाहरण बन चुका है और हम इसे और आगे ले जाने के लिए प्रयासरत रहेंगे।”

इस अवसर पर समाजसेवियों की पूरी टीम मौजूद रही। इनमें इंजीनियर अब्दुल हफीज खान उर्फ कप्तान साहब, पूर्व पार्षद आशिक हुसैन, पार्षद प्रत्याशी राशिद खान, रिजवान नेताजी, लालका भाई, हाजी शकील, अशरफी, जाहिद भाई, पीसीओ वाले, अब्दुल वाजिद, इमरान ठेकेदार, गुड्डू भाई, शाहिद खान उर्फ मामा, तौकीर खान, रिंकू सिंह, नीरज गुप्ता और जीतू पंडित विशेष रूप से शामिल रहे।

इन सभी समाजसेवियों ने बच्चों को सम्मानित किया और विद्यालय को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया। रहपुरा चौधरी विद्यालय का यह कार्यक्रम न सिर्फ़ बच्चों के लिए अविस्मरणीय रहा, बल्कि इसने यह भी साबित किया कि जब समाज शिक्षा को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी उठाता है, तो किसी भी सरकारी स्कूल की तस्वीर बदल सकती है।
हसीव खान और उनकी पूरी टीम की यह पहल आने वाली पीढ़ी को न केवल पढ़ाई के लिए प्रेरित करती है, बल्कि उन्हें अनुशासन, संस्कार और पर्यावरण संरक्षण का भी पाठ पढ़ाती है।

विद्यालय का कायाकल्प – 50 से 219 बच्चों तक का सफर
विद्यालय के प्रधानाचार्य हरीश बाबू शर्मा ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2023 के सत्र से इस विद्यालय की कमान संभाली थी। उस समय विद्यालय की हालत बेहद खराब थी और यहां केवल 50 बच्चे पढ़ाई कर रहे थे। लेकिन समाजसेवी हसीब खान और उनकी टीम के लगातार सहयोग से विद्यालय की सूरत बदल गई।

अब यहां 219 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। साफ़-सफ़ाई, अनुशासन, सांस्कृतिक गतिविधियों और बेहतर पढ़ाई के चलते यह विद्यालय अब क्षेत्र का आदर्श स्कूल बन चुका है।

पौधरोपण से दिया पर्यावरण का संदेश
सम्मान समारोह के बाद समाजसेवियों ने विद्यालय परिसर में पौधरोपण किया। बच्चों को संदेश दिया गया कि जैसे वे पढ़ाई में मेहनत करते हैं, वैसे ही इन पौधों की देखभाल भी करें।

समाजसेवियों ने कहा कि शिक्षा और पर्यावरण दोनों ही बच्चों के भविष्य की नींव हैं। एक ओर शिक्षा उन्हें जीवन में आगे बढ़ाती है, वहीं पेड़-पौधे उनका जीवन सुरक्षित और स्वस्थ रखते हैं।

उत्साह से भरे बच्चे और अभिभावक
समारोह में सम्मान पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से चमक उठे। वहीं अभिभावकों ने भी विद्यालय और समाजसेवियों की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों को पढ़ाई में बेहतर करने और अनुशासन बनाए रखने के लिए प्रेरित करते हैं।





