नीरज सिसौदिया, बरेली
वार्ड-23 राजेंद्र नगर ए ब्लॉक में गुरुवार का दिन साफ-सफाई और सहयोग की नई कहानी लिख गया। यहां के निवासियों ने पार्षद सतीश कातिब मम्मा की अपील को गंभीरता से लेते हुए अपने घरों के बाहर बने अतिक्रमण को खुद हटाया। इस पहल ने पूरे इलाके में सकारात्मक संदेश दिया कि अगर जनता और जनप्रतिनिधि मिलकर काम करें तो किसी भी समस्या का समाधान बिना किसी प्रशासनिक दबाव के निकाला जा सकता है।

पार्षद सतीश कातिब मम्मा ने वार्डवासियों से निवेदन किया था कि अतिक्रमण हटाने से गलियां चौड़ी होंगी, यातायात सुचारू रहेगा और सफाई व्यवस्था भी बेहतर होगी। उनकी इस अपील को स्थानीय लोगों ने दिल से स्वीकार किया। सुबह से ही कई परिवार अपने घरों के बाहर बने चबूतरे, शेड और अवैध सामान को हटाने में जुट गए। महिलाओं और युवाओं ने भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मम्मा ने बताया कि रतन स्वीट्स, राजेश अरोड़ा, अमित सक्सेना, सुमित अग्रवाल, ब्वायज पीजी, दिनेश कुमार, कमलेश, रवि, राखी, अनिल कुमार, कृपाल सिंह, विनोद ओबेरॉय, आदित्य शर्मा, विजयपाल, संतोष आदि ने खुद ही नालियों से अतिक्रमण हटा लिया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अतिक्रमण के कारण सड़कों और गलियों में हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती थी। सफाईकर्मी भी सही ढंग से काम नहीं कर पाते थे। अतिक्रमण हटने के बाद अब गली-गली साफ और खुली नजर आ रही है। लोगों को उम्मीद है कि यह कदम आने वाले दिनों में पूरे क्षेत्र की सूरत बदल देगा।
इस मुहिम में सबसे खास बात यह रही कि कोई दबाव या दंड की स्थिति नहीं बनी। लोग खुद प्रेरित होकर सामने आए और एक-दूसरे का सहयोग किया। बुजुर्गों ने इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए लाभकारी कदम बताया तो वहीं युवाओं ने इसे “वार्ड की पहचान बदलने वाली पहल” करार दिया।
पार्षद सतीश कातिब मम्मा ने कहा – “मेरे लिए यह गर्व की बात है कि जनता ने मेरे निवेदन को इतनी गंभीरता से लिया। अतिक्रमण हटाने का यह सामूहिक प्रयास बताता है कि अगर हम सब मिलकर आगे बढ़ें तो किसी भी वार्ड को आदर्श वार्ड बनाया जा सकता है। मैं वार्डवासियों का दिल से आभारी हूं।”
इस स्वैच्छिक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि जब जनता और जनप्रतिनिधि एक साथ खड़े हों तो किसी भी समस्या का समाधान सहजता से किया जा सकता है। राजेंद्र नगर ए ब्लॉक का यह प्रयास अब शहर के दूसरे इलाकों के लिए भी प्रेरणा बनता जा रहा है।





