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पहले ही इम्तिहान में मार लिया मैदान, छा गए हसीव खान, पहली बार किसी बीएलए सम्मेलन में एक मंच पर नजर आए दो-दो पूर्व सांसद, अगड़े, पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक सबने मिलकर सजाया मंच, नंबर-1 सपा विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष साबित हुए हसीव खान, जानिये कैसे?

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नीरज सिसौदिया, बरेली

समाजवादी पार्टी के शहर विधानसभा क्षेत्र में रविवार को आयोजित बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) सम्मेलन ने बरेली की राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ दिया। होटल डिप्लोमेट में हुए इस ऐतिहासिक सम्मेलन ने न सिर्फ संगठन की ताकत दिखाई, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि शहर विधानसभा क्षेत्र में समाजवादी पार्टी पूरी तरह एकजुट है। इस सम्मेलन के नायक बनकर उभरे शहर विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष हसीव खान, जिन्होंने अपने पहले ही बड़े संगठनात्मक इम्तिहान में ऐसा प्रदर्शन किया कि पार्टी के भीतर और बाहर हर कोई उनकी तारीफ करता नजर आया।

समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी की अध्यक्षता और शहर विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष हसीव खान के संयोजन में रविवार को होटल डिप्लोमेट में ऐतिहासिक बूथ लेवल एजेंट सम्मेलन का आयोजन किया गया। बरेली जिले की नौ विधानसभा सीटों में से किसी भी सीट पर इतना शानदार आयोजन देखने को अब तक नहीं मिला जितना शहर विधानसभा क्षेत्र का रहा और इस सफल आयोजन का पूरा श्रेय जाता है शहर विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष हसीव खान को। यह सम्मेलन एक साथ कई बड़े संदेश देकर गया। इनमें सबसे बड़ा संदेश पार्टी की एकजुटता का था।


यह पहला ऐसा बीएलए सम्मेलन सह प्रशिक्षण शिविर था जिसमें समाजवादी पार्टी के दो दिग्गज और पूर्व सांसद एक मंच पर थे। इनमें पहला नाम है राज्यसभा के पूर्व सदस्य और सपा के पूर्व जिला अध्यक्ष वीरपाल सिंह का और दूसरा नाम है बरेली लोकसभा सीट से पूर्व सांसद और सपा के पूर्व लोकसभा सदस्य प्रवीण सिंह ऐरन का। दो दिग्गजों के सानिध्य में आयोजित इस सम्मेलन ने कार्यकर्ताओं में और बीएलए में दोगुने उत्साह का संचार किया।

 

समारोह को संबोधित करते हसीव खान

इन दोनों नेताओं की मौजूदगी ने सम्मेलन की गरिमा और महत्व को कई गुना बढ़ा दिया। कार्यकर्ताओं और बीएलए में इससे जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। दोनों नेताओं ने न सिर्फ संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया, बल्कि यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी नेतृत्व शहर विधानसभा क्षेत्र को लेकर पूरी तरह गंभीर है।


इस सम्मेलन का मंच भी बड़े ही करीने से सजाया गया था। इसमें अगड़े, पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक सबको जगह दी गई। अगड़ी जाति के प्रवीण सिंह ऐरन, गौरव सकेसना, पिछड़ों में खुद मुख्य अतिथि एवं पार्टी के राष्ट्रीय सचिव वीरपाल सिंह यादव, शेर सिंह गंगवार, अल्पसंख्यकों में शमीम खां सुल्तानी, मोहम्मद कलीमुद्दीन और दलितों में बाबा साहेब अंबेडकर वाहिनी के रणवीर सिंह जाटव सहित अन्य नेता मौजूद थे।


यह सिर्फ एक मंच नहीं था बल्कि उस पीडीए का संदेश भी था जो समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव अक्सर अपने मंच से दिया करते हैं। अखिलेश यादव अक्सर कहते हैं कि पीडीए में ए का मतलब सिर्फ अल्पसंख्यक ही नहीं है बल्कि अगड़े भी हैं। यह मंच उसकी सार्थकता का प्रमाण दे रहा था। यही वजह रही कि नेता हो या कार्यकर्ता सबने इस कार्यक्रम की भूरि-भूरि प्रशंसा की।


इस आयोजन का दूसरा पहलू और भी शानदार रहा। यहां खुले तौर पर विधानसभा के टिकट के दावेदार न सिर्फ एक साथ मंच साझा करते दिखाई दिए बल्कि एक-दूसरे की प्रशंसा करते भी नजर आए। इस दौरान हसीव खान का वो वक्तव्य बेहद सराहनीय रहा जिसमें उन्होंने मंच से कहा कि पार्टी चाहे गौरव सक्सेना को टिकट दे या मोहम्मद कलीमुद्दीन को उम्मीदवार बनाए वह उसी तत्परता से पार्टी को चुनाव लड़ाएंगे जिस तत्परता से वो खुद उम्मीदवार बनने पर चुनाव लड़ेंगे। वहीं, गौरव सक्सेना ने भी मंच से खुले दिल से हसीव खान की सराहना करते हुए कहा कि “आज के इस कार्यक्रम के असली दूल्हा तो हसीव खान हैं जिनकी वजह से इतना शानदार आयोजन किया गया।”


इस आयोजन को सफल बनाने में हसीव खान ने मुख्य भूमिका तो निभाई ही, साथ ही बीएलए बनाने में भी बतौर विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष उनका अहम योगदान रहा। हसीव खान बताते हैं, “इस आयोजन में मेरी भूमिका तो बहुत छोटी है, मैंने तो सिर्फ कार्यक्रम को बेहतर बनाने का प्रयास किया है, असली भूमिका तो उन लोगों की जिन्होंने दिन-रात मेहनत करके बीएलए बनाए हैं।” शायद यही वजह रही कि हसीव खान ने इस कार्यक्रम में बीएलए के साथ ही उन लोगों को भी विशेष रूप से सम्मानित किया जिन्होंने बीएलए बनाने में अहम भूमिका निभाई। इनमें पार्टी पदाधिकारियों से लेकर पार्षद तक सभी शामिल रहे।


बीएलए प्रभारी वीरपाल सिंह यादव को चांदी का मुकुट पहनाकर हसीव खान से स्पष्ट रूप से यह संदेश दिया कि इसी मुकुट की तरह आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी भी चमकेगी और शहर विधानसभा सीट के 400 से भी अधिक बूथों पर पार्टी ऐतिहासिक जीत हासिल करेगी।


इस कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि बरेली जिले की नौ विधानसभा सीटों में से अगर कोई सीट गुटबाजी से कोसों दूर है तो वह शहर विधानसभा सीट है।
अगर पार्टी की यह एकजुटता यूं ही बरकरार रही और पार्टी नेता आपस में न लड़कर भाजपा से लड़ेंगे तो यहां के नतीजे नया इतिहास भी लिख सकते हैं।


कार्यक्रम में उपस्थित लगभग 700-800 लोगों की भीड़ यह साफ संदेश दे रही थी कि अबकी बार कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
बहरहाल, विधानसभा के पहले ही इम्तिहान में हसीव खान ने मैदान मार लिया है लेकिन मंजिल अभी दूर है।

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