नीरज सिसौदिया, बरेली
वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सर्वजन आम पार्टी ने अभी से अपनी तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी इस बार बड़े मंचों और रैलियों के बजाय जमीनी स्तर पर उतरकर राजनीति करने की रणनीति अपना रही है, जिसे पार्टी ने नाम दिया है ‘स्ट्रीट पॉलिटिक्स’। इस रणनीति के तहत राष्ट्रीय अध्यक्ष जयप्रकाश भास्कर खुद छोटे-छोटे इलाकों में जाकर संगठन को मजबूत करने में जुट गए हैं। पार्टी का साफ मानना है कि जब तक गांव-गांव और गली-गली में संगठन मजबूत नहीं होगा, तब तक चुनावी लड़ाई प्रभावी तरीके से नहीं लड़ी जा सकती।
जयप्रकाश भास्कर ने बताया कि फिलहाल पार्टी का फोकस फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र पर है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण यहां की सामाजिक संरचना है। फरीदपुर के ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में दलित, पिछड़ा वर्ग और मुस्लिम मतदाता रहते हैं। यह सामाजिक संयोजन ही फरीदपुर की राजनीति की दिशा तय करता है। भास्कर का मानना है कि यदि इन वर्गों को एक साझा मंच पर लाया जाए और उनकी समस्याओं को गंभीरता से उठाया जाए, तो फरीदपुर में राजनीतिक बदलाव संभव है।
पहले चरण में सर्वजन आम पार्टी ने करीब दर्जनभर गांवों और इलाकों को चुना है। इनमें ब्रह्मपुर, खमरिया, अहिरोला, बंजरिया, गिरधरपुर, काकड़ाकलां, कुआं रामपुर, रसूलपुर वाहनपुर, काकड़ा खुर्द, अर्जुनपुर, महमूदापुर, बरखेड़ा, शेखापुर, इटौरिया जलालपुर, बुधौली और शहबाजपुर शामिल हैं। इन क्षेत्रों में पार्टी विशेष रूप से धोबी समाज के साथ-साथ अन्य पिछड़े वर्गों और अल्पसंख्यकों को संगठित करने पर जोर दे रही है।
जयप्रकाश भास्कर के मुताबिक, इन इलाकों में पार्टी के कार्यकर्ता बूथ स्तर तक संगठन को खड़ा करने में लगे हुए हैं। हर गांव और हर बूथ पर ऐसे लोगों को जोड़ा जा रहा है, जो स्थानीय समस्याओं को समझते हैं और जनता के बीच भरोसे के साथ अपनी बात रख सकते हैं। खास तौर पर युवाओं को पार्टी से जोड़ने की कोशिश की जा रही है, ताकि संगठन को नई ऊर्जा मिल सके और लंबे समय तक मजबूत आधार तैयार हो।
सर्वजन आम पार्टी का कहना है कि उसकी राजनीति केवल चुनाव जीतने तक सीमित नहीं है। पार्टी इन गांवों में जाकर लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सड़क, बिजली, पानी और सरकारी योजनाओं जैसे मुद्दों पर लोगों से सीधा संवाद किया जा रहा है। इन दौरों के दौरान गांव-गांव की समस्याओं की एक विस्तृत सूची भी तैयार की जाएगी।
जयप्रकाश भास्कर ने स्पष्ट किया कि इन्हीं समस्याओं के आधार पर फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र के लिए अलग से एक घोषणापत्र तैयार किया जाएगा। इस घोषणापत्र में केवल वादे ही नहीं होंगे, बल्कि यह भी बताया जाएगा कि समस्याओं का समाधान कैसे किया जाएगा। पार्टी का दावा है कि वह खोखले नारों के बजाय ठोस और व्यावहारिक योजनाओं के साथ जनता के बीच जाएगी।
भास्कर का कहना है कि फरीदपुर के ग्रामीण इलाके लंबे समय से विकास की दौड़ में पीछे छूटे हुए हैं। सड़कें खराब हैं, स्वास्थ्य सुविधाएं कमजोर हैं और युवाओं के पास रोजगार के अवसर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अब तक जो भी सरकारें आईं, उन्होंने इन इलाकों को केवल चुनाव के समय याद किया। सर्वजन आम पार्टी इस सोच को बदलना चाहती है।
उन्होंने यह भी साफ किया कि पार्टी विधानसभा चुनाव का इंतजार नहीं कर रही है। अभी से जनसंपर्क और जनसंवाद शुरू करने का मकसद यही है कि जनता के बीच भरोसा कायम किया जाए। भास्कर के शब्दों में, “हमारा लक्ष्य सिर्फ सत्ता पाना नहीं है, बल्कि समस्याओं का स्थायी समाधान करना है। अगर जनता को लगेगा कि कोई पार्टी सच में उनकी बात सुन रही है, तो वही असली राजनीति होगी।”
इस बीच राष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक मोर्चे पर भी बड़ी चर्चा देखने को मिल रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वित्त वर्ष 2025-26 में देश की आर्थिक वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रहने के अनुमान पर प्रतिक्रिया दी है। नई दिल्ली से जारी एक बयान में प्रधानमंत्री ने कहा कि राजग सरकार की निवेश नीतियों के चलते भारत की ‘सुधारों की एक्सप्रेस’ तेजी से आगे बढ़ रही है।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि भारत की सुधार एक्सप्रेस लगातार रफ्तार पकड़ रही है। यह व्यापक निवेश प्रोत्साहन और मांग आधारित नीतियों का नतीजा है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की ओर से जारी पहले अग्रिम अनुमान के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में जीडीपी वृद्धि दर 7.3 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।
यह आंकड़ा भारतीय रिजर्व बैंक के अनुमान के अनुरूप है और सरकार के शुरुआती अनुमान 6.3 से 6.8 प्रतिशत से बेहतर माना जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि चाहे बुनियादी ढांचा हो, विनिर्माण को बढ़ावा देना हो, डिजिटल सार्वजनिक उत्पाद हों या कारोबार करने में आसानी, सरकार हर मोर्चे पर काम कर रही है, ताकि एक समृद्ध भारत का सपना साकार किया जा सके।
एक तरफ जहां राष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक विकास को लेकर सरकार आशावादी है, वहीं दूसरी ओर फरीदपुर जैसे क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर राजनीतिक हलचल तेज हो रही है। सर्वजन आम पार्टी की ‘स्ट्रीट पॉलिटिक्स’ इसी बात का संकेत है कि अब छोटे दल भी जमीनी राजनीति के जरिए अपनी जगह बनाने की कोशिश में जुट गए हैं। आने वाले समय में यह रणनीति कितना असर दिखाती है, यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन इतना तय है कि फरीदपुर की राजनीति में हलचल शुरू हो चुकी है।





