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एक दिन, हजारों दुआएं : पोस्टरों से जमीन पर उतरी समाजवादी राजनीति, डिंपल यादव के जन्मदिन पर डॉ. अनीस बेग ने चुनी इंसानियत की राह, कंबल वितरण और खिचड़ी भोज के साथ पीडीए ने मनाया उत्सव

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नीरज सिसौदिया, बरेली
समाजवादी पार्टी की राजनीति को अगर आज तीन शब्दों में समझना हो, तो वे हैं- संवेदना, समानता और संघर्ष। सपा सांसद डिंपल यादव का जन्मदिन बरेली में इन्हीं तीन शब्दों का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया। यह कोई औपचारिक आयोजन नहीं था, बल्कि वह राजनीतिक क्षण था, जहां समाजवादी विचारधारा पोस्टरों से उतरकर जमीन पर दिखाई दी। इस आयोजन की धुरी बने समाजवादी पार्टी चिकित्सा प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष डॉ. अनीस बेग, जिन्होंने यह साफ कर दिया कि समाजवादी राजनीति अब केवल भाषणों और मंचों तक सीमित नहीं रह सकती। उन्होंने डिंपल यादव के जन्मदिन को पीडीए समाज के लिए एक उत्सव में बदलते हुए यह संदेश दिया कि अखिलेश यादव की पीडीए राजनीति अब संगठन से निकलकर जनजीवन में उतर रही है।


कुछ जन्मदिन तालियों और केक से याद रखे जाते हैं, लेकिन कुछ जन्मदिन ऐसे होते हैं जो ठंड से कांपते हाथों को कंबल की गर्माहट देकर इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाते हैं। समाजवादी पार्टी की वरिष्ठ नेता और सांसद डिंपल यादव का जन्मदिन बरेली में ठीक ऐसा ही दिन बन गया- जहां उत्सव** मंचों पर नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के बीच मनाया गया। कैंट विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट के दावेदार डॉ. अनीस बेग ने इस जन्मदिन को औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि गरीबों, असहायों और पीडीए समाज के लिए एक उत्सव में तब्दील कर दिया।
ठंड के मौसम में जब सबसे ज्यादा मार समाज के कमजोर तबकों पर पड़ती है, तब डॉ. अनीस बेग ने यह तय किया कि डिंपल यादव का जन्मदिन उन्हीं लोगों के साथ मनाया जाएगा, जिनके लिए समाजवादी राजनीति खड़ी होने का दावा करती है। इसी सोच के तहत पीडीए समाज के जरूरतमंद लोगों के बीच कंबल वितरण किया गया और खिचड़ी भोज का आयोजन हुआ। डॉ. अनीस बेग मानते हैं कि समाजवादी राजनीति का मूल ही सांझी संस्कृति है। यही वजह है कि इस आयोजन में हर वर्ग और हर समुदाय के लोग साथ नजर आए।

डिंपल यादव की लंबी उम्र की कामना करते हुए डॉ. अनीस बेग ने कहा, “डिंपल यादव राजनीति में शोर की नहीं, सुकून की आवाज़ हैं। वह सत्ता की भाषा नहीं, सेवा और संवेदना की भाषा बोलती हैं। उनका जीवन हमें सिखाता है कि राजनीति का असली मतलब इंसान के साथ खड़ा होना है।”


उनके मुताबिक, डिंपल यादव ने हमेशा नारी सम्मान, सामाजिक न्याय और जनकल्याण की राजनीति को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कभी दिखावे की राजनीति नहीं की, बल्कि शांत और मर्यादित तरीके से समाजवादी विचारधारा को आगे बढ़ाया।


कंबल पाकर बुजुर्ग महिलाओं की आंखों में राहत दिखी, मजदूरों ने ठंड से बचाव के लिए शुक्रिया अदा किया और खिचड़ी भोज के दौरान लोगों ने साथ भोजन किया। कोई भेद नहीं, कोई ऊंच-नीच नहीं, बस इंसानियत। डॉ. अनीस बेग भावुक होकर कहते हैं, “इन जरूरतमंद लोगों के चेहरों पर जो मुस्कान है, वही डिंपल यादव के जन्मदिन का असली अर्थ है।”


इस आयोजन का सबसे मजबूत संदेश रहा पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज के बीच किया गया सेवा कार्य। डॉ. अनीस बेग ने साफ शब्दों में कहा, “हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव लगातार पीडीए की बात करते हैं। आज डिंपल यादव के जन्मदिन पर हमने उसी पीडीए समाज के लोगों के बीच कंबल वितरण और खिचड़ी भोज किया है। यह केवल प्रतीक नहीं, हमारी विचारधारा है।”
उन्होंने कहा कि पीडीए समाज ही आज सबसे ज्यादा महंगाई, बेरोजगारी और ठंड जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसे में समाजवादी पार्टी की जिम्मेदारी बनती है कि वह सिर्फ भाषण न दे, बल्कि जमीन पर खड़ी दिखे।


डॉ. अनीस बेग ने डिंपल यादव के व्यक्तित्व की सराहना करते हुए कहा, “डिंपल यादव महिला राजनीति की गरिमा हैं। उन्होंने यह साबित किया है कि राजनीति में ताकत ऊंची आवाज़ से नहीं, बल्कि शालीनता और संवेदनशीलता से आती है।” उनका कहना है कि डिंपल यादव ने हर परिस्थिति में समाजवादी मूल्यों को थामे रखा और हमेशा गरीब, महिलाओं और कमजोर वर्गों के पक्ष में खड़ी रहीं।
डिंपल यादव का जन्मदिन कोई एक दिन की घटना नहीं थी। यह उस निरंतर सेवा राजनीति का हिस्सा था, जिसे डॉ. अनीस बेग बरेली में आगे बढ़ा रहे हैं। पूरी सर्दियों में वे कंबल, जैकेट और टोपी वितरण अभियान चला चुके हैं। खासतौर पर कैंट विधानसभा क्षेत्र में उनकी सक्रियता ने उन्हें जनता के बीच भरोसेमंद चेहरा बना दिया है।


डॉ. अनीस बेग ने कहा, “समाजवाद का मतलब है बराबरी। जब सब एक साथ आते हैं, तब राजनीति नहीं, इंसानियत बोलती है।” इस सेवा आयोजन में महिला सभा की महानगर अध्यक्ष स्मिता यादव, समाजसेवी सौरभ खन्ना, जिला अध्यक्ष शिवचरण कश्यप, सरताज अंसारी, हुरिया रहमान, वीना गौतम, सूरज यादव, उपेन्द्र यादव, कुलदीप वाल्मीकि, प्रदीप वाल्मीकि, पंकज वाल्मीकि, नीरज वाल्मीकि, विजय चौहान और आदित्य कश्यप सहित बड़ी संख्या में समाजवादी कार्यकर्ता और समाजसेवी मौजूद रहे।
इस अवसर पर डॉक्टर अनीस बेग की ओर से केक भी काटा गया। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल होने पर सौरभ खन्ना, स्मिता यादव सहित अन्य सभी नेताओं का शुक्रिया भी अदा किया।

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