नीरज सिसौदिया, बरेली
बरेली जिले के नवाबगंज विधानसभा क्षेत्र में दलित युवक पप्पू दिवाकर के साथ हुई बर्बर घटना ने जिले की सियासत को गरमा दिया है। अपने ही पैसे वापस मांगने पर युवक के साथ अमानवीय व्यवहार किए जाने की खबर फैलते ही सामाजिक और राजनीतिक हलकों में आक्रोश फैल गया। इसी बीच सर्वजन आम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयप्रकाश भास्कर का पीड़ित परिवार से मिलने नवाबगंज पहुंचना पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश बन गया।
ग्राम गुरसौली, थाना बहेड़ी निवासी पप्पू दिवाकर ने आरोप लगाया है कि उसने अपने चार लाख पचास हजार रुपये वापस मांगे, जिसके बाद उसके साथ न केवल मारपीट की गई बल्कि अपमानजनक और अमानवीय व्यवहार भी किया गया। उसकी आधी मूंछ मुंडवा दी गई और आधा सिर मुंडवा दिया गया। मारपीट की गई। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय स्तर पर विरोध शुरू हो गया, लेकिन मामला तब सुर्खियों में आया जब सर्वजन आम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयप्रकाश भास्कर स्वयं पीड़ित के घर पहुंच गए।

पार्टी के जिला अध्यक्ष कालीचरण दिवाकर ने बताया कि जयप्रकाश भास्कर की यह यात्रा केवल सहानुभूति जताने तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने इसे दलित स्वाभिमान और संवैधानिक अधिकारों से जोड़ते हुए प्रशासन को खुली चेतावनी दे डाली। उन्होंने साफ कहा कि यह मामला किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि उस व्यवस्था का आईना है जिसमें दलितों की आवाज दबाने की कोशिश की जाती है। भास्कर ने कहा कि जब कोई दलित अपने ही मेहनत के पैसे मांगने पर अपमानित होता है, तो यह केवल अपराध नहीं बल्कि सामाजिक अन्याय की पराकाष्ठा है।
पीड़ित परिवार से मुलाकात के दौरान जयप्रकाश भास्कर ने प्रशासनिक अधिकारियों पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि दोषियों के खिलाफ तत्काल और कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेगी। उनके साथ पहुंचे कार्यकर्ताओं ने ‘दलित अत्याचार बंद करो’ और ‘न्याय दो’ के नारे लगाकर माहौल को और उग्र बना दिया।
भास्कर ने प्रशासन से चार प्रमुख मांगें रखीं- दोषियों पर एससी/एसटी एक्ट सहित कड़ी धाराएं लगाई जाएं, पीड़ित को सुरक्षा दी जाए, परिवार को उचित मुआवजा मिले और किसी भी आरोपी को राजनीतिक संरक्षण न दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि अक्सर ऐसे मामलों में प्रभावशाली लोग बच निकलते हैं, लेकिन इस बार पार्टी चुप नहीं बैठेगी।
जयप्रकाश भास्कर का यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि सर्वजन आम पार्टी हाल के दिनों में खुद को दलितों और वंचितों की आवाज़ के रूप में स्थापित करने में लगी है। बरेली जैसे जिले में, जहां जातीय समीकरण हमेशा से राजनीति का आधार रहे हैं, वहां इस तरह की सक्रियता पार्टी के लिए एक बड़े विस्तार की रणनीति मानी जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि भास्कर का सीधे गांव में पहुंचना दलित समाज के लिए मनोबल बढ़ाने वाला कदम है। कई ग्रामीणों ने खुलकर कहा कि बड़े नेता अक्सर ऐसे मामलों में केवल बयान देते हैं, लेकिन यहां राष्ट्रीय अध्यक्ष खुद पीड़ित के दरवाजे तक पहुंचे। जयप्रकाश भास्कर इस घटना को सामाजिक न्याय के बड़े एजेंडे में बदलने की कोशिश कर रहे हैं। उनका आक्रामक रुख यह दर्शाता है कि पार्टी अब दलित मुद्दों पर केवल प्रतीकात्मक राजनीति नहीं बल्कि सीधी लड़ाई के मूड में हैं।
नवाबगंज की यह घटना अब केवल एक आपराधिक मामला नहीं रह गई है, बल्कि दलित अस्मिता और राजनीतिक हस्तक्षेप का बड़ा उदाहरण बनती जा रही है। जयप्रकाश भास्कर ने जाते-जाते कहा कि जब तक पप्पू दिवाकर को न्याय नहीं मिलेगा, सर्वजन आम पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा—चाहे इसके लिए कितनी भी बड़ी लड़ाई क्यों न लड़नी पड़े।





