यूपी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के रसोई गैस आपूर्ति के दावों की पोल खोल रही मंडावली की वर्मा गैस एजेंसी, बुकिंग के 6 दिन बाद भी बुजुर्ग दंपति को नहीं मिला रसोई गैस सिलेंडर, जानिये सरकार के झूठे दावों का सच

Share now

नई दिल्ली/चंद्र विहार। राजधानी दिल्ली के चंद्र विहार इलाके में इंडियन ऑयल की वर्मा गैस एजेंसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के रसोई गैस आपूर्ति के दावों की पोल खोल रही है। प्रधानमंत्री यह दावा करते नहीं थक रहे कि रसोई गैस की कोई कमी नहीं है और वहीं एक बुजुर्ग दंपति को गैस बुकिंग के छह दिन बाद भी सिलेंडर नहीं मिलने से उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि समय पर गैस आपूर्ति न होने से रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है, जबकि एजेंसी की ओर से केवल आश्वासन दिया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, चंद्र विहार निवासी आरती गुप्ता ने 25 मार्च को उपभोक्ता संख्या m-3204 के माध्यम से घरेलू गैस सिलेंडर बुक कराया था। सामान्यतः बुकिंग के दो से तीन दिन के भीतर सिलेंडर घर पहुंच जाना चाहिए, लेकिन पांच दिन बीत जाने के बाद भी डिलीवरी नहीं हुई। जब परिवार ने एजेंसी से संपर्क किया तो बताया गया कि “सप्लाई नहीं आ रही है, दस दिन बाद गैस उपलब्ध होगी।” इस जवाब ने परिवार की चिंता और बढ़ा दी।

पीड़ित परिवार में बुजुर्ग दंपति होने के कारण स्थिति और गंभीर हो गई है। उम्रदराज होने की वजह से वे बार-बार एजेंसी के चक्कर लगाने में असमर्थ हैं। परिवार का कहना है कि गैस खत्म होने के कारण खाना बनाने से लेकर चाय-पानी तक की दिक्कतें खड़ी हो गई हैं। पड़ोसियों की मदद से किसी तरह काम चलाया जा रहा है, लेकिन यह व्यवस्था लंबे समय तक संभव नहीं है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि आसपास की अन्य गैस एजेंसियों पर इस तरह की देरी देखने को नहीं मिल रही। ऐसे में वर्मा गैस एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है। लोगों का आरोप है कि एजेंसी उपभोक्ताओं को स्पष्ट जानकारी देने के बजाय टालमटोल कर रही है। कई बार फोन करने पर भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

मामले को लेकर पीड़ित परिवार ने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन और संबंधित अधिकारियों तक शिकायत पहुंचाने की कोशिश की। इतना ही नहीं, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी से भी मदद की गुहार लगाई गई, लेकिन खबर लिखे जाने तक कोई समाधान नहीं निकल सका। एजेंसी से संपर्क करने के लिए संवाददाता द्वारा भी प्रयास किया गया, लेकिन संबंधित फोन नंबर बंद मिले। इससे एजेंसी की जवाबदेही पर और भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

सरकार की ओर से गैस आपूर्ति को सामान्य और पारदर्शी बनाए रखने के दावे किए जाते हैं। खासकर उज्ज्वला योजना और घरेलू गैस उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा देने की बात लगातार कही जाती रही है। ऐसे में राजधानी जैसे बड़े शहर में एक बुजुर्ग दंपति को पांच दिन बाद भी सिलेंडर न मिलना व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर करता है।

उज्ज्वला योजना के दिल्ली प्रदेश चेयरमैन राजकुमार ढिल्लो ने कहा कि नियमों के अनुसार बुकिंग के तीन दिन के भीतर गैस सिलेंडर की डिलीवरी हो जानी चाहिए। यदि ऐसा नहीं होता है तो संबंधित गैस एजेंसी के खिलाफ शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से मामले की तत्काल जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

स्थानीय निवासियों ने भी प्रशासन से मांग की है कि गैस एजेंसी की कार्यप्रणाली की जांच की जाए और प्रभावित उपभोक्ताओं को जल्द राहत दी जाए। लोगों का कहना है कि घरेलू गैस जैसी बुनियादी जरूरत में लापरवाही किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए।

फिलहाल बुजुर्ग दंपति को जल्द गैस सिलेंडर मिलने का इंतजार है, लेकिन इस घटना ने राजधानी में गैस आपूर्ति व्यवस्था की सच्चाई को एक बार फिर सामने ला दिया है। अगर समय रहते सुधार नहीं हुआ तो उपभोक्ताओं का भरोसा एजेंसियों से उठना तय है।

Facebook Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *