नीरज सिसौदिया, जालंधर
शहर में अवैध बिल्डिंगों के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले आरटीआई एक्टिविस्ट रविंदर पाल सिंह चड्ढा ने नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच को चोरों की उपाधि दी है. चड्ढा ने बताया कि लगभग दो साल से भी अधिक समय पहले उन्होंने नगर निगम को अरमान हॉस्पिटल अवैध रूप से संचालित होने की लिखित शिकायत देते हुए इसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी. आज दो साल से भी अधिक समय हो चुका है लेकिन नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच के चोर और भ्रष्ट अधिकारियों ने इसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की. उन्होंने बताया कि इसके बाद उन्होंने चंडीगढ़ में भी इसकी शिकायत की लेकिन वहां से भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई. उन्होंने कहा कि फुटबॉल चौक के पास आदर्श नगर में अरमान हास्पिटल अवैध रूप से संचालित किया जा रहा है. इसी तरह जोशी हॉस्पिटल भी अवैध रूप से चलाया जा रहा. इसके खिलाफ भी रिश्वतखोर निगम अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे. उन्होंने कहा कि नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच को ताला लगा देना चाहिए. जब अवैध बिल्डिंगों के खिलाफ कोई कार्रवाई करनी ही नहीं है तो फिर अफसरों को मोटी तनख्वाह देने का क्या फायदा? यह जनता के टैक्स के पैसे की बर्बादी है. उन्होंने कहा कि शहर में बिना कंप्लीशन सर्टिफिकेट के संचालित किए जा रहे दस नामी अस्पतालों की सूची उन्होंने लगभग दो साल पहले नगर निगम के भ्रष्ट अधिकारियों को सौंपते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखित शिकायत दी थी लेकिन निगम अधिकारियों ने आज तक कोई कार्रवाई नहीं की. अब इनके खिलाफ न्यायालय में याचिका दायर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. वहीं, कांग्रेस पार्षद गुल्लू की ट्रांसपोर्ट नगर में बन रही अवैध बिल्डिंग के खिलाफ स्टे लेने के लिए भी स्थानीय न्यायालय की शरण में गया हूं.

फाइलों में दब गईं रविंदर पाल सिंह चड्ढा की शिकायतें, बोले- अरमान हॉस्पिटल से रिश्वत की मोटी रकम ली है बिल्डिंग ब्रांच के चोर अधिकारियों और चोरों के सरदार ने




