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बरेली के इतिहास में दर्ज हो गए शमीम खां सुल्तानी, सबसे अधिक समय तक लगातार महानगर अध्यक्ष रहने का बनाया रिकॉर्ड, संगठन को पहुंचाया नई ऊंचाइयों पर, पढ़ें नए रिकॉर्ड की अनकही दास्तान

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नीरज सिसौदिया, बरेली
सिर पर समाजवादी टोपी और चमकते हुए सफेद कुर्ता पायजामा की सधी हुई क्रीज, मीठी जुबान और मनमोहक मुस्कान लिए बरेली के समाजवादी पार्टी कार्यालय में एक शख्स आपको हर रोज कुछ कार्यकर्ताओं के साथ एक ठीक-ठाक सी मामूली कुर्सी पर बैठा मिलेगा। किसी नौकरीपेशा इंसान की तरह उसके दफ्तर आने का समय तो तय है लेकिन घर वापस जाने का कोई वक्त तय नहीं है। कोई भी समारोह, कोई भी आंदोलन और किसी भी नेता के स्वागत में उसकी मौजूदगी बरबस ही देखने को मिलती है। सबको साथ रखकर संगठन को बरेली महानगर में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाले इस शख्स ने अपनी इन्हीं खूबियों की बदौलत बरेली के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। जी हां, हम बात कर रहे हैं समाजवादी पार्टी के बरेली महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी की। समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक शमीम खां सुल्तानी अपने राजनीतिक कौशल और जी-तोड़ मेहनत के दम पर बरेली में सबसे अधिक समय तक लगातार समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष पद को सुशोभित करने वाले नेता बन गए हैं। उन्होंने अपने पूर्ववर्ती महानगर अध्यक्ष कदीर अहमद का रिकॉर्ड तोड़ते हुए नया रिकॉर्ड कायम किया है। 16 मार्च वर्ष 2020 को पहली बार महानगर अध्यक्ष पद पर काबिज होने वाले शमीम खां सुल्तानी चार साल से भी अधिक समय से लगातार महानगर अध्यक्ष का पद संभाल रहे हैं। इससे पहले कदीर अहमद के नाम सबसे लंबे समय तक महानगर अध्यक्ष पद पर रहने का रिकॉर्ड दर्ज है। वह छह बार समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष रहे हैं। उनका कुल कार्यकाल लगभग 15 साल का रहा है। यह पूछने पर कि क्या वह कभी लगातार चार साल से अधिक समय तक अध्यक्ष रहे, कदीर अहमद कहते हैं कि उन्हें अब इतना याद नहीं है।

शमीम खां सुल्तानी

75 वर्षीय कदीर अहमद के अलावा तीसरे नंबर पर मरहूम डॉक्टर मोहम्मद खालिद का नाम आता है। डॉ खालिद लगभग ढाई से तीन साल तक लगातार महानगर अध्यक्ष पद पर रहे थे।
बहरहाल, शमीम खां सुल्तानी का कार्यकाल बेहद चुनौतियों से भरा रहा है। सुल्तानी को महानगर की कमान उस वक्त मिली थी जब पार्टी प्रदेश की सत्ता से बाहर हो चुकी थी और लोकसभा चुनाव भी बुरी तरह हार चुकी थी। 16 मार्च 2020 को सुल्तानी महानगर अध्यक्ष बनाए गए और 22 मार्च 2020 को पूरे देश में लॉकडाउन लग गया। सुल्तानी ने इस आपदा को अवसर में बदला और कोरोना काल में दूर-दराज से आने वाले राहगीरों के संकटमोचक बने। महानगर की बेबस जनता को दो वक्त का भोजन उपलब्ध कराया और जिंदगी एवं मौत के बीच जूझ रहे लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाई। बिहार से आ रहे पड़ोसी जिले के 18-20 मजदूरों को रामपुर देहात स्थित उनके घरों तक पहुंचाने का काम किया। इसने लोगों के मन में समाजवादी पार्टी के प्रति सम्मान की भावना में इजाफा किया और महानगर ईकाई ने सफलता की नई ऊंचाइयों को छुआ।
शमीम खां सुल्तानी के कार्यकाल में एक विधानसभा और एक लोकसभा चुनाव हुए। दोनों ही चुनावों में भले ही पार्टी को जीत हासिल नहीं हुई लेकिन पार्टी ने महानगर में अब तक का सबसे बेहतर प्रदर्शन किया।
शहर विधानसभा सीट पर जहां पार्टी को अक्सर 35-40 हजार वोटों से शिकस्त झेलनी पड़ती थी और पार्टी कभी 60-70 बूथ से अधिक नहीं जीत सकी थी वहीं, इस बार पार्टी ने यहां 142 बूथों पर जीत हासिल की और 1 बूथ पर बराबर रहे। वहीं, हार का अंतर सिमटकर महज 18 हजार वोटों पर आ गया। इसी तरह कैंट विधानसभा सीट पर भी पार्टी को जहां भारी वोटों से हार मिलती आ रही थी वहीं, 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी यहां महज 3200 वोटों से ही भाजपा से पीछे रही। पार्टी ने यहां 157 बूथों पर जीत हासिल की जबकि एक बूथ पर उसे भाजपा के बराबर वोट मिले।
शमीम खां सुल्तानी के कार्यकाल में पार्टी ने नए सदस्यों को जोड़ने का भी काम किया। वर्तमान में महानगर में पार्टी के 37500 सदस्य हैं।
शमीम खां सुल्तानी मौजूदा समय में भी पार्टी के महानगर अध्यक्ष हैं। पूर्णकालिक अध्यक्ष के तौर पर यह उनका लगातार दूसरा कार्यकाल है। बीच में कुछ दिनों के लिए महानगर कमेटी भंग कर दी गई थी। उस दौरान शमीम खां सुल्तानी ने कार्यवाहक अध्यक्ष की भूमिका निभाई थी।
शमीम खां सुल्तानी ने अपनी कमेटी में जाति-धर्म को लेकर कभी कोई भेदभाव नहीं किया। 51 सदस्यीय महानगर कमेटी में उन्होंने हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी समुदायों को प्रतिनिधित्व दिया। सवर्णों के साथ ही दलितों और पिछड़ों को भी जगह दी। सबसे सराहनीय पहलू यह रहा कि इतनी वेल क्वालीफाइड कमेटी बरेली ही नहीं आसपास के किसी भी जिले में नहीं रही। महानगर कमेटी में 10 लॉ ग्रेजुएट, दो बीडीएस पास डॉक्टर, एमबीए, रिटायर्ड बैंक मैनेजर और सीए तक शामिल किए गए हैं। सुल्तानी की अध्यक्षता वाली कमेटी युवाओं और अनुभवी नेताओं का संगम रही है।
बहरहाल, शमीम खां सुल्तानी वर्तमान में भी पार्टी के महानगर अध्यक्ष हैं और अगर वह पांच साल का कार्यकाल पूरा कर लेते हैं तो उनके नाम एक और रिकॉर्ड दर्ज हो जाएगा।

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