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सरकारी अन्ना यूनिवर्सिटी में इंजीनियरिंग की छात्रा का यौन उत्पीड़न, भड़के छात्र, मंत्री बचाव में उतरे, जानिए क्या है पूरा मामला?

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चेन्नई। तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में सरकारी अन्ना यूनिवर्सिटी परिसर में एक छात्रा के साथ दो लोगों द्वारा यौन उत्पीड़न का मामला सामने आने से बुधवार को तनाव फैल गया। राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री गोवाई चेझियान ने कहा कि पुलिस जांच कर रही है और दोषियों को जल्द ही न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि डीएमके शासन में त्वरित कारर्वाई की जा रही है और दोषियों को जल्द ही न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि इस तरह की घटना को दोबारा होने से रोकने के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर उचित निर्णय लिए जाएंगे। तमिल में सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए मंत्री ने कहा ‘‘ गुइंडी के इंजीनियरिंग कॉलेज की एक छात्रा ने यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।” पीएमके समेत कुछ राजनीतिक दलों द्वारा इस घटना की निंदा किए जाने का जिक्र करते हुए श्री चेझियान ने कहा ‘‘ जो लोग इस घटना का राजनीतिकरण करना चाहते हैं, जिसमें एक छात्रा को पीड़ति बनाया गया है, उन्हें ध्यान देना चाहिए कि पिछली (अन्नाद्रमुक) सरकार के दौरान पोलाची यौन उत्पीड़न की घटना में पीड़ति तत्कालीन शासकों के दबाव के कारण पुलिस में शिकायत दर्ज कराने से भी डरते थे।” द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सरकार के तहत त्वरित कारर्वाई की जा रही है। बहुत जल्द दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। मंत्री ने कहा कि ऐसी घटना दोबारा न हो । इसके लिए विश्वविद्यालय स्तर पर उचित निर्णय लिए जाएंगे। जो लोग इस घटना का राजनीतिकरण करना चाहते हैं, जिसमें एक छात्रा को पीड़ति बनाया गया है, उन्हें ध्यान देना चाहिए कि पिछली सरकार के दौरान पोलाची यौन उत्पीड़न की घटना में पीड़ति तत्कालीन शासकों के दबाव के कारण पुलिस में शिकायत दर्ज कराने से भी डरते थे। श्री चेझियान ने कहा कि इस तरह की घटना को दोबारा होने से रोकने के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर उचित निर्णय लिए जाएंगे। इस बीच घटना की कड़ी निंदा करते हुए पीएमके संस्थापक डॉ. एस. रामदास ने एक छात्रा को धमकी देने के बाद दो लोगों द्वारा उसका यौन उत्पीड़न किए जाने की खबरों पर दुख और दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शहर के बीचों-बीच स्थित विश्व प्रसिद्ध अन्ना विश्वविद्यालय परिसर में इस तरह की घटना की कड़ी निंदा की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना दिखाती है कि राज्य में कानून और व्यवस्था की स्थिति कितनी खराब हो गई है। उन्होंने कहा कि द्रविड़ मॉडल द्रमुक शासन में दोषियों को छोड़कर किसी के लिए कोई सुरक्षा नहीं है। इस बात को पुष्ट करने के लिए डॉ. रामदास ने हाल की घटनाओं पर भी प्रकाश डाला, जिनमें चेन्नई के कलैगनार सेंटेनरी सुपर-स्पेशलिटी अस्पताल में डॉक्टर पर हमला, तिरुनेलवेली जिला न्यायालय के सामने एक हत्या के आरोपी की हत्या, हाल ही में तंजावुर में एक स्कूल कक्षा के अंदर एक शिक्षक की हत्या शामिल है। उन्होंने कहा कि सरकार कह रही है कि अन्ना विश्वविद्यालय परिसर में हजारों छात्र पढ़ रहे हैं और सभी प्रवेश बिंदुओं पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि अगर यह सच है, तो कैसे मानव जैसे जानवर सुरक्षा को चकमा देकर परिसर में घुस सकते हैं और एक छात्रा का यौन उत्पीड़न कर सकते हैं। द्रमुक सरकार पर राज्य में कानून और व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कोई कदम नहीं उठाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि लोग तमिलनाडु में हो रही घटनाओं को देख रहे हैं और वे उचित समय पर द्रमुक सरकार को उचित सबक सिखाएंगे।

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