नीरज सिसौदिया, बरेली
बरेली जिले की फरीदपुर विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी ने चुनावी तैयारी तेज कर दी है। बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के लिए सपा ने पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) चौपाल शुरू की है। इस अभियान के तहत समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व ब्लॉक प्रमुख और फरीदपुर सीट से टिकट के प्रबल दावेदार चन्द्र सेन सागर ने सोमवार को क्षेत्र के कई गांवों का दौरा किया।
इस दौरान उन्होंने बूथ प्रभारी, सेक्टर प्रभारी और जोन प्रभारी के घर जाकर न केवल चौपाल की बल्कि उन्हें समाजवादी पार्टी का पहचान पत्र गले में पहनाकर सम्मानित किया और नाम पट्टिका उनके घरों पर लगवाई। इस पहल को स्थानीय स्तर पर संगठन की मजबूती का प्रतीक माना जा रहा है।

चन्द्र सेन सागर ने सोमवार को ग्राम बरूआ हुसैनपुर से अभियान की शुरुआत की। यहां उन्होंने बूथ प्रभारी ठाकुर बलवीर सिंह से मुलाकात कर चौपाल की। इसके बाद वे ग्राम नगीरामपुर पहुंचे जहां बूथ प्रभारी चन्द्र पाल सिंह पाल से मिले।
यात्रा का अगला पड़ाव ग्राम भावनपुर न्यमतुल्ला रहा जहां ओमकार जाटव के घर पीडीए चौपाल हुई। इसी तरह ग्राम भगवानपुर ई जेहि में गेंदनलाल सागर, ग्राम मैकपुर कलां में तौले राम दिवाकर, ग्राम मुड़िया में डॉ. नन्हकू लाल और ग्राम लाडपुर में आकाश यादव व सेक्टर प्रभारी निकलेश यादव के यहां चौपाल आयोजित की गई।
इसके अलावा ग्राम कल्याणपुर में जोन प्रभारी इमादुल हसन, सेक्टर प्रभारी सुरेंद्र कुमार सागर और शाहिद हुसैन से मुलाकात हुई। ग्राम मलुआ में पंडित प्रमोद कुमार, ग्राम गणेशखेड़ा में ठाकुर नरेंद्र प्रताप सिंह और ग्राम रिछा में राम प्रकाश मौर्य के घर पहुंचकर संगठन की ताकत को और मजबूत करने का संदेश दिया गया।

प्रत्येक चौपाल में चन्द्र सेन सागर ने बूथ और सेक्टर प्रभारियों के घरों पर नाम पट्टिका लगवाई और उन्हें समाजवादी पार्टी का पहचान पत्र गले में पहनाकर सम्मानित किया। पहचान पत्र पर प्रभारी का नाम, पता और मोबाइल नंबर अंकित था।
उन्होंने कहा कि यह पहचान पत्र न केवल संगठनात्मक मजबूती का प्रतीक है बल्कि यह भी दिखाता है कि पार्टी अपने हर कार्यकर्ता को सम्मान देती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि यह पहचान पत्र उनके लिए जिम्मेदारी का प्रतीक है और आने वाले चुनाव में इन्हीं के कंधों पर सपा की जीत की नींव रखी जाएगी।

चौपाल के दौरान कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। गांवों में लोगों ने चन्द्र सेन सागर का गर्मजोशी से स्वागत किया और जगह-जगह उन्हें फूलमालाओं से सम्मानित किया। चौपालों में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे और उन्होंने अपनी समस्याएं व सुझाव रखे।
ग्रामीणों ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार में विकास की कई योजनाएं शुरू हुई थीं, लेकिन मौजूदा सरकार में उपेक्षा हो रही है। उन्होंने सपा की नीतियों पर भरोसा जताया और कहा कि अगर पार्टी सत्ता में आती है तो आम जनता की समस्याओं का समाधान होगा।

फरीदपुर विधानसभा सीट से चन्द्र सेन सागर समाजवादी पार्टी के टिकट के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। पूर्व ब्लॉक प्रमुख के रूप में उनकी जमीनी पकड़ और संगठनात्मक सक्रियता ने उन्हें स्थानीय राजनीति में मजबूत पहचान दी है।

उनकी यह चौपाल केवल संगठनात्मक गतिविधि नहीं बल्कि एक तरह से चुनावी संदेश भी है कि सपा फरीदपुर में मजबूती से उतरने जा रही है। गांव-गांव जाकर कार्यकर्ताओं का सम्मान करना और पहचान पत्र देना यह दिखाता है कि पार्टी बूथ स्तर तक अपने नेटवर्क को मजबूत करना चाहती है।

फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र सामाजिक दृष्टि से बेहद दिलचस्प है। यहां ओबीसी, दलित और मुस्लिम वोटरों की संख्या अच्छी खासी है। यही कारण है कि समाजवादी पार्टी ने पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के एजेंडे को यहां प्रमुखता से लागू किया है।
बीजेपी ने पिछली बार यह सीट जीती थी और सपा दूसरे नंबर पर रही थी। लेकिन इस बार समीकरण बदलने की उम्मीद है। कांग्रेस और बसपा की सक्रियता कमज़ोर पड़ रही है, जबकि राजद का असर यहां नगण्य है। ऐसे में मुकाबला सीधा भाजपा और सपा के बीच दिखाई देता है।

बीजेपी इस सीट को अपने लिए सुरक्षित मानती रही है लेकिन चन्द्र सेन सागर की सक्रियता ने उसकी चिंता बढ़ा दी है। भाजपा जहां मोदी-योगी सरकार के विकास कार्यों को मुद्दा बना रही है, वहीं सपा पीडीए और स्थानीय मुद्दों के सहारे जमीन मजबूत करने में जुटी है।
गांव-गांव चौपाल और बूथ स्तर पर सक्रियता यह संकेत देती है कि सपा ने रणनीति बदल ली है और वह भाजपा को कड़ी टक्कर देने की तैयारी में है।

सपा की रणनीति साफ है— बूथ मजबूत, चुनाव मजबूत। पार्टी का मानना है कि बूथ और सेक्टर प्रभारी यदि सक्रिय रहेंगे तो चुनाव में किसी भी पार्टी को चुनौती दी जा सकती है। इसी सोच के तहत चन्द्र सेन सागर ने गांव-गांव जाकर कार्यकर्ताओं को जोड़ा और उन्हें पहचान पत्र सौंपकर संगठन की रीढ़ के रूप में मान्यता दी।
चन्द्र सेन सागर ने चौपालों में कहा— “बूथ प्रभारी ही असली योद्धा हैं। आप ही लोग समाजवादी विचारधारा को जनता तक पहुंचाते हैं। आने वाले चुनाव में फरीदपुर से समाजवादी पार्टी की जीत आपके बूथ की मजबूती पर निर्भर है।”
फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र में चन्द्र सेन सागर की यह चौपाल सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं बल्कि आगामी चुनाव की जमीन तैयार करने की कोशिश है। बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सम्मानित करने और संगठन को पहचान देने की यह पहल भाजपा के लिए चुनौती साबित हो सकती है।

साफ है कि फरीदपुर की सियासत इस बार बेहद दिलचस्प होगी। जहां भाजपा सत्ता के कामकाज और हिंदुत्व की राजनीति पर चुनाव लड़ेगी, वहीं समाजवादी पार्टी पीडीए, स्थानीय मुद्दों और संगठन की मजबूती के सहारे मैदान में उतरेगी। चन्द्र सेन सागर की सक्रियता ने साफ कर दिया है कि सपा इस सीट को हर हाल में जीतने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती।





