यूपी

नगर निगम की वेबसाइट ठप होने पर भड़के पार्षद राजेश अग्रवाल, नगर आयुक्त से की शिकायत, सौंपा ज्ञापन

नीरज सिसौदिया, बरेली

नगर निगम की गृहकर वेबसाइट में लगातार आ रही तकनीकी दिक्कतों को लेकर मंगलवार को पार्षद राजेश अग्रवाल ने नगर आयुक्त से मुलाकात कर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 शुरू हुए लगभग डेढ़ माह बीत चुका है, लेकिन नगर निगम की ऑनलाइन गृहकर व्यवस्था अब तक सुचारु रूप से शुरू नहीं हो सकी है। इसके चलते शहर के हजारों करदाताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

राजेश अग्रवाल ने नगर आयुक्त को दिए ज्ञापन में कहा कि नगर निगम की वेबसाइट लंबे समय से ठीक तरीके से काम नहीं कर रही है। ऑनलाइन बिल जमा न होने की वजह से नागरिक समय पर गृहकर नहीं भर पा रहे हैं। इससे जहां लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, वहीं नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन भुगतान न हो पाने के कारण करदाताओं को 1 प्रतिशत की अतिरिक्त हानि हो रही है, जिससे लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है।

पार्षद ने यह भी आरोप लगाया कि केवल गृहकर वेबसाइट ही नहीं, बल्कि म्यूटेशन से जुड़ी ऑनलाइन व्यवस्था भी पिछले कई वर्षों से ठीक तरह से काम नहीं कर रही है। उनका कहना था कि म्यूटेशन प्रक्रिया में तकनीकी बाधाओं की वजह से लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जब ऑनलाइन व्यवस्था पारदर्शी और सरल होनी चाहिए थी, तब लोगों को मजबूरी में बिचौलियों और कर्मचारियों पर निर्भर होना पड़ रहा है।

राजेश अग्रवाल ने नगर निगम के प्रॉपर्टी टैक्स सॉफ्टवेयर को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम हर साल नया सॉफ्टवेयर लागू कर देता है, जिससे पुराने रिकॉर्ड और गड़बड़ियों को छिपाने की कोशिश की जाती है। उन्होंने कहा कि बार-बार सॉफ्टवेयर बदलना सामान्य प्रक्रिया नहीं लगती, बल्कि यह बड़े भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की मांग भी उन्होंने नगर आयुक्त से की।

उन्होंने कहा कि नगर निगम को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर हर वर्ष नया सॉफ्टवेयर लागू करने की आवश्यकता क्यों पड़ती है और पुराने सिस्टम में क्या कमियां थीं। पार्षद का कहना था कि यदि समय रहते इस मामले पर ध्यान नहीं दिया गया तो जनता का भरोसा नगर निगम की ऑनलाइन सेवाओं से पूरी तरह खत्म हो जाएगा।

राजेश अग्रवाल ने गृहकर में मिलने वाली 10 प्रतिशत छूट को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने मांग की कि जब तक नगर निगम की वेबसाइट पूरी तरह चालू नहीं हो जाती और ऑनलाइन बिल जमा होना शुरू नहीं हो जाता, तब तक 10 प्रतिशत छूट की समय सीमा को प्रभावी न माना जाए। उनका कहना था कि तकनीकी खामियों की वजह से यदि कोई करदाता समय पर भुगतान नहीं कर पा रहा है तो उसके अधिकारों का हनन नहीं होना चाहिए।

उन्होंने नगर आयुक्त से मांग की कि वेबसाइट और ऑनलाइन भुगतान प्रणाली को तत्काल दुरुस्त कराया जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके। साथ ही म्यूटेशन व्यवस्था को भी पारदर्शी और सुचारु बनाया जाए।

इस दौरान ज्ञापन देने वालों में अरुण शर्मा, कैलाश शर्मा, रवि शर्मा, नावेद बेग, बॉबी अग्रवाल, सचिन सिंह, पंकज कुमार, दिव्यांश भारद्वाज, शिवम और पंकज श्रीवास्तव सहित कई लोग मौजूद रहे। नगर निगम की ऑनलाइन व्यवस्थाओं को लेकर उठे इस मुद्दे ने अब शहर में नई चर्चा शुरू कर दी है और लोग भी नगर निगम से जल्द समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।

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