यूपी

पानी संकट पर मम्मा की पहल से हरकत में आया नगर निगम, नगर आयुक्त ने किया मौके का निरीक्षण, सुबह से ठप रही जलापूर्ति, टंकी पर जुटे रहे लोग; ऑटोमेशन व्यवस्था पर उठे सवाल

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नीरज सिसौदिया, बरेली

बरेली के इंदिरा नगर क्षेत्र में शुक्रवार सुबह पेयजल आपूर्ति बाधित होने के बाद स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह से पानी न आने पर क्षेत्रीय लोगों में नाराजगी बढ़ती गई और बड़ी संख्या में लोग श्री बांके बिहारी धर्मशाला के पीछे स्थित पानी की टंकी परिसर में एकत्र हो गए। मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ भाजपा पार्षद एवं बरेली शहर विधानसभा सीट से भाजपा टिकट के प्रबल दावेदार सतीश चंद्र सक्सेना कातिब उर्फ ‘मम्मा’ ने अधिकारियों से लगातार संपर्क किया, जिसके बाद नगर निगम प्रशासन सक्रिय हुआ और नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य स्वयं मौके पर पहुंचे।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह करीब 6:11 बजे से क्षेत्र में पानी की आपूर्ति बंद थी। समस्या की जानकारी मिलते ही पार्षद सतीश चंद्र सक्सेना ने ऑटोमेशन व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों से संपर्क करना शुरू किया। उन्होंने सबसे पहले ऑटोमेशन से जुड़े विनय कुमार दीक्षित को फोन कर समस्या से अवगत कराया। हालांकि काफी समय बीत जाने के बावजूद जब जलापूर्ति बहाल नहीं हुई तो उन्होंने दोबारा संपर्क किया।

बताया गया कि इसके बाद ऑटोमेशन व्यवस्था से जुड़े ऑपरेटर सनी ठाकुर का फोन आया। बातचीत के दौरान जलापूर्ति की समस्या को लेकर दोनों पक्षों में तीखी चर्चा हुई। पार्षद मम्मा का आरोप है कि समस्या के समाधान के बजाय उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने मामले की जानकारी सीधे नगर आयुक्त को दी और क्षेत्र में बढ़ रही पेयजल समस्या से अवगत कराया।

टंकी परिसर में पानी का इंतजार करती रही जनता

जल संकट की स्थिति ऐसी थी कि बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी पानी की टंकी के पास पहुंच गए और आपूर्ति बहाल होने का इंतजार करने लगे। क्षेत्रवासियों का कहना था कि गर्मी के मौसम में सुबह के समय पानी न मिलना सबसे बड़ी परेशानी बन जाता है। घरेलू कार्यों से लेकर पीने के पानी तक के लिए लोग परेशान रहे।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर आयुक्त ने तत्काल संज्ञान लिया और सुबह लगभग 7:45 बजे स्वयं मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्थानीय निवासियों से बातचीत की और उनकी शिकायतें सुनीं। पार्षद सतीश चंद्र सक्सेना ‘मम्मा’ ने भी नगर आयुक्त को क्षेत्र में लगातार आ रही जलापूर्ति संबंधी समस्याओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

ऑटोमेशन व्यवस्था पर जताई नाराजगी

निरीक्षण के दौरान पार्षद मम्मा ने नगर आयुक्त को बताया कि जलापूर्ति व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रही ऑटोमेशन कंपनी द्वारा कई कार्य सीधे निगरानी में करने के बजाय निजी व्यक्तियों के माध्यम से कराए जा रहे हैं। उनका आरोप था कि इससे जवाबदेही प्रभावित हो रही है और जनता को बार-बार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

सूत्रों के अनुसार नगर आयुक्त ने भी मौके पर ऑटोमेशन व्यवस्था को लेकर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से फोन पर वार्ता कर जलापूर्ति व्यवस्था में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद नगर आयुक्त डीडीपुरम स्थित ऑटोमेशन कार्यालय भी पहुंचे, जहां उन्होंने व्यवस्था की समीक्षा की।

इस दौरान जलकल विभाग के अभियंता सुमित भी मौके पर पहुंचे। निरीक्षण के समय पंप ऑपरेटर अवधेश ने बताया कि उनकी ड्यूटी जनगणना कार्य में लगाई गई है। इस पर अभियंता ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता की मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाएगी और जनगणना ड्यूटी के साथ-साथ सुबह-शाम पंप संचालन की जिम्मेदारी भी निभानी होगी ताकि जलापूर्ति बाधित न हो।

अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। साथ ही जलापूर्ति व्यवस्था की निगरानी और जवाबदेही भी सुनिश्चित की जाएगी।

जनरेटर से भी होगी जलापूर्ति

निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने यह भी निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण पानी की समस्या उत्पन्न होती है, वहां उपलब्ध 125 केवीए जनरेटर का उपयोग कर जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होनी चाहिए और नागरिकों को नियमित रूप से पानी उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

क्षेत्रवासियों ने जताया आभार

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पार्षद सतीश चंद्र सक्सेना ‘मम्मा’ अधिकारियों से संपर्क नहीं करते तो समस्या लंबे समय तक बनी रह सकती थी। नगर आयुक्त के मौके पर पहुंचने और तत्काल निरीक्षण करने से लोगों को राहत की उम्मीद जगी है।

इस दौरान क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक और निवासी सुबह से मौके पर मौजूद रहे। इनमें कुशल पाल सिंह, दीपक शर्मा, शिवम मलिक, जीतू डोरा, दिनेश, ओपी यादव, अमित, कृष्ण अग्रवाल, पवन अरोड़ा, पवन राजा एडवोकेट, विशाल कपूर और पुष्कर सक्सेना सहित कई स्थानीय लोग शामिल रहे।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। वहीं पार्षद सतीश चंद्र सक्सेना ‘मम्मा’ ने कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान के लिए वह लगातार संघर्ष करते रहेंगे और किसी भी अधिकारी या एजेंसी की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इंदिरा नगर और आसपास के क्षेत्रों में जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे।

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