नीरज सिसौदिया, बरेली
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में अभी समय जरूर है, लेकिन बरेली कैंट विधानसभा सीट पर राजनीतिक गतिविधियों की आहट तेज होने लगी है। भारतीय जनता पार्टी के मौजूदा विधायक संजीव अग्रवाल के नेतृत्व में आयोजित बूथ अध्यक्ष सम्मेलन को इसी लिहाज से देखा जा रहा है। पंडित राधेश्याम स्मृति भवन स्थित स्मार्ट सिटी ऑडिटोरियम में हुए इस सम्मेलन में जिस तरह बूथ स्तर के संगठन को केंद्र में रखा गया, उससे साफ संकेत मिल रहा है कि भाजपा ने आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर जमीन पर अपनी गतिविधियां तेज करनी शुरू कर दी हैं।

राजनीतिक हलकों में इस कार्यक्रम को संजीव अग्रवाल के लिए 2027 के चुनावी अभियान का शुरुआती बिगुल भी माना जा रहा है।
बरेली कैंट सीट पर संजीव अग्रवाल मौजूदा विधायक हैं और आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा की ओर से एक बार फिर उनकी उम्मीदवारी स्वाभाविक मानी जा रही है। मौजूदा विधायक के नेतृत्व में बूथ अध्यक्षों का सम्मेलन आयोजित होना उनके संगठनात्मक प्रभाव और चुनावी सक्रियता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में यह आयोजन केवल एक सामान्य संगठनात्मक बैठक तक सीमित नहीं दिखता, बल्कि इसे 2027 की चुनावी रणनीति की शुरुआती तैयारी के रूप में भी देखा जा रहा है।

सम्मेलन का सबसे महत्वपूर्ण पहलू बूथ संगठन को मजबूत करने पर दिया गया जोर रहा। भाजपा की चुनावी रणनीति में बूथ स्तर की सक्रियता हमेशा से अहम रही है। पार्टी का मानना है कि चुनावी जीत की वास्तविक नींव बूथ पर तैयार होती है और इसी स्तर पर मतदाताओं से सीधा संपर्क संगठन को मजबूती देता है।

कार्यक्रम में संगठन की सुदृढ़ नींव, बूथ स्तर पर संगठनात्मक मजबूती और आने वाले संगठनात्मक कार्यक्रमों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। सम्मेलन में बड़ी संख्या में बूथ अध्यक्षों और पार्टी कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने यह संकेत दिया कि कैंट विधानसभा क्षेत्र में भाजपा संगठन चुनावी मोड में आने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
संजीव अग्रवाल के लिए भी बूथ अध्यक्ष सम्मेलन का महत्व इसलिए अधिक है क्योंकि किसी भी विधानसभा क्षेत्र में मौजूदा विधायक की राजनीतिक ताकत का आकलन केवल उनके व्यक्तिगत जनाधार से नहीं, बल्कि बूथ स्तर पर संगठन के साथ उनके तालमेल से भी किया जाता है। यदि 2027 में भाजपा उन्हें दोबारा मैदान में उतारती है तो यही बूथ नेटवर्क उनके चुनाव अभियान की रीढ़ बन सकता है।
संजीव अग्रवाल के लिए क्यों अहम है सम्मेलन?
बरेली कैंट विधानसभा क्षेत्र भाजपा के लिए महत्वपूर्ण सीटों में शामिल है। ऐसे में संजीव अग्रवाल का बूथ अध्यक्षों के साथ सीधे संवाद और संगठनात्मक कार्यक्रम की अगुवाई करना राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है। यह सम्मेलन उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच यह संदेश देने का माध्यम भी बना है कि वह अगले विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए सक्रिय हैं।
संगठन के स्तर पर बूथ अध्यक्षों को सक्रिय करना उनके लिए दोहरी भूमिका निभा सकता है। एक ओर इससे पार्टी की चुनावी मशीनरी मजबूत होगी, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र में विधायक के रूप में उनकी राजनीतिक पकड़ को भी मजबूती मिली है।

बड़े नेताओं की मौजूदगी ने बढ़ाया महत्व
सम्मेलन में विधान परिषद सदस्य रजनीकांत माहेश्वरी मुख्य अतिथि और क्षेत्रीय अध्यक्ष पूरनलाल लोधी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। दोनों नेताओं की मौजूदगी ने कार्यक्रम के राजनीतिक महत्व को बढ़ाया।
रजनीकांत माहेश्वरी ने बूथ अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन करते हुए संगठन को और मजबूत बनाने का आह्वान किया। वहीं पूरनलाल लोधी ने बूथ अध्यक्षों को पार्टी की रीढ़ बताते हुए कहा कि बूथ स्तर की सक्रियता ही संगठन की सबसे बड़ी ताकत है। उनके इस संदेश को आगामी चुनावों की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
भाजपा की राजनीति में बूथ अध्यक्षों की भूमिका केवल चुनाव के समय मतदाताओं को मतदान केंद्र तक पहुंचाने तक सीमित नहीं रहती। पार्टी संगठन इन कार्यकर्ताओं के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को घर-घर पहुंचाने, मतदाताओं से संपर्क बनाए रखने और स्थानीय स्तर पर राजनीतिक माहौल को समझने की कोशिश करता है। लिहाजा 2027 से काफी पहले बूथ सम्मेलन आयोजित करना संगठनात्मक दृष्टि से बड़ा रणनीतिक कदम माना जा सकता है।

2027 के लिए अभी से जमीन तैयार करने की कोशिश
संजीव अग्रवाल ने सम्मेलन में कहा कि भाजपा का प्रत्येक बूथ अध्यक्ष और समर्पित कार्यकर्ता संगठन की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कार्यकर्ताओं के परिश्रम, समर्पण और सेवा भावना को संगठन की सफलता का आधार बताया। साथ ही सम्मेलन को सफल बनाने वाले बूथ अध्यक्षों, पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का आभार जताया।
राजनीतिक विश्लेषकों की नजर से देखें तो संजीव अग्रवाल के नेतृत्व में हुआ यह सम्मेलन आने वाले समय की राजनीतिक दिशा का संकेत दे सकता है। 2027 के विधानसभा चुनाव अभी लगभग 6 माह शेष हैं, लेकिन भाजपा के लिए संगठन को समय रहते सक्रिय करना महत्वपूर्ण होगा। बरेली कैंट में बूथ अध्यक्ष सम्मेलन के जरिए संजीव अग्रवाल ने न केवल पार्टी संगठन के साथ अपनी सक्रियता प्रदर्शित की, बल्कि संभावित चुनावी मुकाबले से पहले कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की कोशिश भी की है।

यही वजह है कि इस कार्यक्रम को बरेली कैंट में 2027 के चुनावी अभियान की शुरुआती दस्तक और संजीव अग्रवाल के लिए संभावित चुनावी बिगुल के रूप में देखा जा रहा है। अब आने वाले महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि भाजपा संगठन कैंट विधानसभा क्षेत्र में इसी तरह के और कितने कार्यक्रम आयोजित करता है और संजीव अग्रवाल की सक्रियता किस तरह आगे बढ़ती है।




