नीरज सिसौदिया, बरेली
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय, रामपुर के प्रस्तावित ध्वस्तीकरण के विरोध में उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय गुरुवार को बरेली के रास्ते रामपुर पहुंचे। बरेली आगमन पर समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनका जगह-जगह गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनके समर्थन में नारेबाजी की और उन्हें फूलमालाएं पहनाकर स्वागत किया।
माता प्रसाद पांडेय के रामपुर जाने के कार्यक्रम के दौरान फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र में भी सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। फरीदपुर के रजऊ परसपुर अड्डे पर विधानसभा सीट से सपा के टिकट के प्रबल दावेदार और पूर्व ब्लॉक प्रमुख चंद्रसेन सागर ने अपने समर्थकों के साथ नेता प्रतिपक्ष का फूलमालाओं से स्वागत किया। इस दौरान माता प्रसाद पांडेय और चंद्रसेन सागर के बीच आत्मीय मुलाकात हुई।
चंद्रसेन सागर को सामने देखकर माता प्रसाद पांडेय पुराने दिनों की यादों में खो गए। उन्होंने कहा कि फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र में प्रवेश करते ही उन्हें चंद्रसेन सागर के दिवंगत बड़े भाई और क्षेत्र के पांच बार विधायक रहे स्वर्गीय डॉ. सियाराम सागर की याद आ गई। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय डॉ. सियाराम सागर के साथ उनके आत्मीय संबंध रहे हैं और उनके साथ बिताए पुराने दिनों को वह आज भी याद करते हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने चंद्रसेन सागर से व्यक्तिगत मुलाकात की इच्छा भी जाहिर की और उन्हें अलग से मिलने के लिए आमंत्रित किया। इस दौरान दोनों के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। माता प्रसाद पांडेय का यह अंदाज वहां मौजूद सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा का विषय रहा। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, फरीदपुर में चंद्रसेन सागर की सक्रियता और सपा के वरिष्ठ नेता के साथ उनकी मुलाकात को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

स्वागत कार्यक्रम के बाद माता प्रसाद पांडेय बरेली के सर्किट हाउस पहुंचे। यहां उन्होंने पत्रकारों से बातचीत की और जौहर विश्वविद्यालय के मामले को लेकर पार्टी के रुख को स्पष्ट किया। इसके बाद वह रामपुर के लिए रवाना हो गए। सपा की ओर से जौहर विश्वविद्यालय के प्रस्तावित ध्वस्तीकरण के विरोध को लेकर लगातार आवाज उठाई जा रही है। पार्टी का कहना है कि विश्वविद्यालय को बचाने के लिए वह हर स्तर पर संघर्ष करेगी।
माता प्रसाद पांडेय का रामपुर दौरा भी इसी राजनीतिक अभियान की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। अखिलेश यादव के निर्देश पर नेता प्रतिपक्ष का रामपुर पहुंचना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि समाजवादी पार्टी जौहर विश्वविद्यालय के मुद्दे को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है।
चंद्रसेन सागर ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि क्षेत्र में उच्च शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण केंद्र है और इसके खिलाफ किसी भी कार्रवाई का विरोध किया जाएगा।

वहीं, फरीदपुर में चंद्रसेन सागर की ओर से किए गए स्वागत ने स्थानीय सपा राजनीति में भी नई चर्चा को जन्म दिया है। चंद्रसेन सागर लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय हैं और आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी के टिकट के प्रमुख दावेदारों में उनका नाम लिया जा रहा है। ऐसे में सपा के प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के वरिष्ठ नेताओं के साथ उनकी बढ़ती सक्रियता को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे खास बात यह रही कि राजनीतिक चर्चा के बीच माता प्रसाद पांडेय ने फरीदपुर के पूर्व विधायक स्वर्गीय डॉ. सियाराम सागर को याद किया। पांच बार विधायक रहे डॉ. सियाराम सागर की क्षेत्र में अपनी अलग राजनीतिक पहचान रही है। उनके परिवार की राजनीतिक सक्रियता को देखते हुए चंद्रसेन सागर भी फरीदपुर की राजनीति में लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में नेता प्रतिपक्ष द्वारा पुराने संबंधों का जिक्र करना और व्यक्तिगत मुलाकात के लिए आमंत्रित करना आने वाले समय में स्थानीय सियासत के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।




