नीरज सिसौदिया, बरेली
फरीदपुर विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी के टिकट के लिए कई नाम चर्चा में हैं, लेकिन पूर्व ब्लॉक प्रमुख चंद्रसेन सागर की पिछले लगभग दो वर्षों की गतिविधियों को एक साथ देखा जाए तो उनकी तैयारी का दायरा केवल टिकट मांगने तक सीमित नहीं दिखाई देता। गांवों में PDA पंचायतें, विधानसभा क्षेत्र के बूथों पर संगठन खड़ा करने की कोशिश, मतदाता सूची और SIR से जुड़े काम, छात्रों के सम्मान का अभियान, 112 गांवों में विकास विजन पहुंचाना, समाजवादी संदेश रथ, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के स्वागत और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रम—इन सबको जोड़ने पर उनकी सक्रियता का एक विस्तृत राजनीतिक – संगठनात्मक मॉडल सामने आता है।
चंद्रसेन सागर की अब तक की गतिविधियों को क्रम से देखें तो उनकी तैयारी के कई अलग-अलग स्तर दिखाई देते हैं।

सबसे पहले बूथ को संगठन की बुनियाद बनाने पर जोर, हर बूथ अध्यक्ष के घर जाकर लगवाई नेम प्लेट
चंद्रसेन सागर ने फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र के बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने को अपनी गतिविधियों का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया। उनके मुताबिक पार्टी के निर्देश पर उन्होंने 410 बूथों पर बूथ लेवल एजेंट यानी बीएलए नियुक्त करने की दिशा में काम किया। इससे पहले जब विधानसभा क्षेत्र में 363 बूथ थे, तब लगभग 300 बूथों पर बीएलए नियुक्त किए जाने की बात उन्होंने पार्टी की बैठक में रखी थी। बाद में बूथों की संख्या बढ़कर 410 होने के साथ शेष बूथों पर भी काम आगे बढ़ाया गया।
इस अभियान की खास बात यह बताई गई कि बीएलए की नियुक्ति के बाद उनके घरों पर नाम पट्टिका लगवाई गई, उन्हें परिचय पत्र और पार्टी का लेटर पैड उपलब्ध कराया गया। यानी बूथ कार्यकर्ता को केवल सूची में नामित करने के बजाय उसकी संगठनात्मक पहचान को भी सामने लाने का प्रयास किया गया।

410 बूथों की मतदाता सूचियों पर काम और बूथवार जातिगत गणना भी करा चुके हैं चंद्रसेन सागर
सपा की फरीदपुर विधानसभा की समीक्षा बैठक में चंद्रसेन सागर ने बताया था कि पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर विधानसभा के सभी 410 बूथों की मतदाता सूची उपलब्ध कराई गई। उन्होंने यह भी बताया था कि बूथों पर जातिगत आंकड़ों के संकलन का काम चल रहा है और उस समय लगभग 200 बूथों का काम पूरा हो चुका था। अब वह सभी बूथों पर जातिगत गणना का काम पूरा कर चुके हैं और इसकी पूरी डिटेल भी पार्टी नेतृत्व को भेज चुके हैं।
यह गतिविधि इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि चुनावी राजनीति में बूथ स्तर का मतदाता डेटा केवल चुनाव के समय भीड़ जुटाने से अलग काम करता है। इससे पार्टी को प्रत्येक बूथ की सामाजिक और संगठनात्मक स्थिति समझने में मदद मिल सकती है।

SIR के काम में सक्रिय भागीदारी ने बनाया सबसे अलग
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान भी चंद्रसेन सागर और उनकी टीम की सक्रियता सामने आई। उनके द्वारा विधानसभा क्षेत्र में SIR से संबंधित काम किए जाने की जानकारी भी दी गई है। इसका मतलब यह है कि उनका फोकस केवल राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित करने तक नहीं, बल्कि मतदाता सूची से जुड़े संगठनात्मक काम तक भी रहा। जबकि टिकट के अन्य दावेदारों ने एसआईआर के काम में कोई अहम भूमिका नहीं निभाई। एक दावेदार ने तो यहां तक कहा कि परिवार में किसी के बीमार होने की वजह से वह एसआईआर के काम में कोई योगदान नहीं दे सकीं।
गांव-गांव जाकर कीं पीडीए पंचायतें
चंद्रसेन सागर की गतिविधियों का दूसरा बड़ा आधार PDA पंचायतें रही हैं। फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में लगातार PDA पंचायतों का आयोजन किया गया। 26 सितंबर को ग्राम रसूइया में हुई PDA पंचायत में भी उन्होंने कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों को संबोधित किया।

उन्होंने पंचायत में कहा कि समय आ गया है कि सभी लोग मिलकर अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाएं, तभी PDA समाज के लोगों का भला हो सकता है। वहीं पंचायत में किसानों की समस्याओं पर भी चर्चा हुई और जंगली गायों से फसलों को बचाने के लिए रात-रातभर खेतों की रखवाली करने की समस्या उठाई गई।
इससे उनकी PDA राजनीति केवल भाषण के स्तर पर नहीं बल्कि गांवों में पंचायत के माध्यम से स्थानीय समस्याओं को राजनीतिक संवाद से जोड़ने की कोशिश के रूप में भी सामने आती है।
PDA पंचायतों के साथ चंद्रसेन सागर ने विधानसभा क्षेत्र के गांवों में PDA रथ चलाने का भी काम किया। फरीदपुर से टिकट के किसी भी अन्य दावेदार ने अब तक ऐसा नहीं किया है। उद्देश्य पार्टी की सामाजिक न्याय से जुड़ी राजनीतिक लाइन को गांवों तक ले जाना और ग्रामीण स्तर पर संवाद बढ़ाना रहा।
इस तरह पंचायत और रथ दोनों को साथ रखकर देखें तो यह केवल एक-दो बड़े कार्यक्रमों के बजाय लगातार गांवों तक पहुंच बनाने वाली गतिविधि रही।

112 गांवों तक विकास का विजन पहुंचाने की कोशिश
चंद्रसेन सागर ने फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र के 112 गांवों में अपने विकास विजन से जुड़े बैनर और होर्डिंग लगवाए। इनमें मजदूरों के मेहनताने से लेकर बेटियों के रोजगार में आरक्षण सहित विभिन्न मुद्दों को शामिल किया गया था।
राजनीतिक दृष्टि से इसका महत्व इसलिए है क्योंकि आम तौर पर संभावित प्रत्याशी चुनाव नजदीक आने पर वादों का खाका सामने रखते हैं, जबकि यहां चुनाव से काफी पहले गांवों में विजन को प्रचारित करने की कोशिश दिखाई दी।
सैकड़़ों विद्यार्थियों तक पहुंचा सम्मान अभियान
चंद्रसेन सागर की राजनीतिक गतिविधियों में सबसे बड़ा जनसंपर्क अभियान छात्रों के सम्मान से जुड़ा रहा। अप्रैल-मई 2026 में शुरू किए गए इस अभियान में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं पास करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।

शुरुआती चरण में फतेहगंज पूर्वी, भिटौरा, सलेमपुर और टिशुआ में 385 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। बाद में अभियान का विस्तार हुआ और करीब 800 विद्यार्थियों के सम्मान की जानकारी सामने आई।
इस अभियान की खास बात यह रही कि केवल टॉपर्स को ही नहीं, बल्कि परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करने पर जोर दिया गया। मेडल, प्रमाणपत्र और उपहार देकर विद्यार्थियों तथा उनके परिवारों से संवाद किया गया।

बाद में सुकटिया, सिंघावारी और गोटिया क्षेत्र में 55 मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान भी किया गया। उन्होंने कुल 800 से भी अधिक बच्चों को पदक, उपहार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। वहां शिक्षा को सामाजिक बदलाव और युवाओं की भूमिका से जोड़कर PDA तथा सामाजिक न्याय के मुद्दे पर संवाद किया गया।
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी और समाजवादी संदेश रथ यात्रा
चंद्रसेन सागर की गतिविधियां फरीदपुर तक सीमित नहीं रहीं। 31 अगस्त को समाजवादी संदेश यात्रा के रथ को लखनऊ में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने हरी झंडी दिखाई। इस यात्रा को इटावा, जसवंतनगर, कन्नौज और फर्रुखाबाद होते हुए आगे बढ़ाया गया। चंद्रसेन सागर इस पूरी राजनीतिक पहल में सक्रिय रूप से जुड़े रहे।
इसके बाद 22 सितंबर को शिवपाल सिंह यादव के बदायूं दौरे के दौरान फरीदपुर के सैकड़ों कार्यकर्ता चंद्रसेन सागर की अगुवाई में दातागंज के पास गंगा एक्सप्रेसवे पर पहुंचे और उनका स्वागत किया। स्वागत के बाद कार्यकर्ता उनके काफिले के साथ बदायूं तक गए। इस कार्यक्रम की तस्वीरें शिवपाल सिंह यादव और सांसद आदित्य यादव ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से भी साझा कीं।

यह घटनाक्रम चंद्रसेन सागर की स्थानीय संगठनात्मक गतिविधि को पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण प्रसंग रहा।
प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल के कार्यक्रम को लेकर सक्रियता
15 जुलाई को सपा प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल के फरीदपुर दौरे के दौरान भी चंद्रसेन सागर की सक्रियता चर्चा में रही। प्रदेश अध्यक्ष के दौरे को लेकर संगठन और संभावित दावेदारों की जमीनी सक्रियता पर नजर होने की चर्चा पहले से थी।

इस कार्यक्रम में चंद्रसेन सागर बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ पहुंचे और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं तथा पार्टी संगठन के साथ अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। पूरे आयोजन में सबसे अधिक समर्थक चंद्रसेन सागर के ही थे। चंद्रसेन सागर ने अपने समर्थकों की अलग पहचान के लिए उनके गले में आईकार्ड पहनाए थे। जिससे यह स्पष्ट हो गया कि सबसे ज्यादा समर्थक चंद्रसेन सागर के ही थे न कि टिकट के किसी अन्य दावेदार के।
पार्टी नेताओं की जयंती, पुण्यतिथि, जन्मदिन और संगठनात्मक कार्यक्रम
चंद्रसेन सागर की गतिविधियों में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के जन्मदिन मनाने और उनके प्रति संगठनात्मक जुड़ाव प्रदर्शित करने वाले कार्यक्रम भी शामिल रहे। यह गतिविधि उनके लिए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और स्थानीय कार्यकर्ताओं के बीच निरंतर राजनीतिक संपर्क बनाए रखने का एक माध्यम रही।

वह स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव और फूलनदेवी की जयंती-पुण्यतिथि से लेकर अखिलेश यादव, शिवपाल यादव और आदित्य यादव जैसे नेताओं के जन्मदिन पर जनसेवा करना नहीं भूलते।
PDA को केवल चुनावी नारे के बजाय संगठनात्मक मुद्दा बनाने की कोशिश
समाजवादी बाबा साहेब अंबेडकर वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव के रूप में चंद्रसेन सागर लगातार PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों के बीच संवाद पर जोर देते रहे हैं। उनकी पंचायतों में सामाजिक न्याय, किसानों की समस्या, युवाओं की शिक्षा और ग्रामीण मुद्दों को जोड़ा गया।
इसका एक उदाहरण छात्रों के सम्मान कार्यक्रम में भी दिखाई दिया, जहां उन्होंने शिक्षा को सामाजिक बदलाव का माध्यम बताते हुए PDA की राजनीतिक अवधारणा से जोड़ा।
निराश्रितों के लिए आश्रय गृह की पहल
राजनीतिक गतिविधियों से अलग चंद्रसेन सागर ने फरीदपुर तहसील क्षेत्र में निराश्रित और असहाय लोगों के लिए आश्रय गृह की पहल भी की। ‘शिवपाल सिंह यादव निराश्रित व असहाय आश्रय गृह’ का शिलान्यास किया गया। साथ ही महिलाओं के लिए डिंपल यादव के नाम से महिला कल्याण भवन बनाने की योजना सामने रखी गई।

इस पहल ने उनकी गतिविधियों को सामाजिक सरोकार से जोड़ने का प्रयास किया है। खास बात यह है कि इसे केवल भविष्य की राजनीतिक घोषणा के रूप में नहीं बल्कि जमीन पर शुरू किए गए काम के रूप में प्रस्तुत किया गया।
किसानों के मुद्दों को पंचायतों के जरिए उठाया
26 सितंबर की रसूइया पंचायत में किसानों की समस्या प्रमुखता से सामने आई। पंचायत में किसानों की फसलों को जंगली गायों से होने वाले नुकसान और रात में खेतों की रखवाली करने की समस्या उठाई गई।
फरीदपुर जैसे ग्रामीण और कृषि आधारित क्षेत्र में इस तरह के स्थानीय मुद्दों को PDA पंचायतों में शामिल करना चंद्रसेन सागर की गांव-केंद्रित राजनीति का एक और पहलू है।
दो बार ब्लॉक प्रमुख रहने का स्थानीय संगठनात्मक अनुभव
चंद्रसेन सागर का राजनीतिक आधार केवल मौजूदा चुनावी गतिविधियों पर नहीं टिका है। वह दो बार भुता के ब्लॉक प्रमुख रह चुके हैं और लंबे समय से फरीदपुर क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय हैं। वह स्वर्गीय सियाराम सागर के छोटे भाई भी हैं, जो फरीदपुर से पांच बार विधायक रहे।
इस पृष्ठभूमि को उनके वर्तमान संगठनात्मक अभियान के साथ जोड़कर देखने पर उनकी दावेदारी में राजनीतिक अनुभव और वर्तमान सक्रियता दोनों तत्व दिखाई देते हैं।
जून में हुई सपा की बूथ समीक्षा बैठक में चंद्रसेन सागर ने अपने बूथ संबंधी कार्यों का विस्तृत ब्यौरा पार्टी नेताओं के सामने रखा था। उन्होंने बूथ स्तर की तैयारियों की रिपोर्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव तक भेज दी है।
यह बात उनकी रणनीति के एक महत्वपूर्ण पहलू की ओर संकेत करती है—स्थानीय स्तर पर किए गए काम को केवल समर्थकों तक सीमित रखने के बजाय पार्टी संगठन के सामने दस्तावेजी रूप में प्रस्तुत करना।
चंद्रसेन सागर की अब तक की गतिविधियों का सबसे बड़ा पैटर्न उनकी निरंतरता है। अप्रैल में छात्रों के सम्मान से शुरू हुआ अभियान मई में व्यापक हुआ। इसके साथ बूथ संगठन, मतदाता सूची, PDA पंचायतें, गांवों में विकास विजन, वरिष्ठ नेताओं के कार्यक्रम, समाजवादी संदेश यात्रा, आदित्य यादव का ग्रामीण दौरा, शिवपाल यादव का स्वागत और सामाजिक परियोजनाएं जुड़ती चली गईं। यानी उनकी गतिविधियों को अलग-अलग कार्यक्रमों के बजाय एक लंबे राजनीतिक संपर्क अभियान के रूप में देखा जा सकता है।
फरीदपुर में दावेदारी का आधार अब केवल राजनीतिक पहचान नहीं
फरीदपुर में समाजवादी पार्टी के टिकट का अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व को करना है। लेकिन सितंबर 2026 तक उपलब्ध गतिविधियों को देखें तो चंद्रसेन सागर ने अपनी दावेदारी के साथ संगठनात्मक काम और जनसंपर्क का एक बड़ा रिकॉर्ड जोड़ने की कोशिश की है।
410 बूथों पर संगठन खड़ा करने की कवायद से लेकर मतदाता सूची और SIR के काम तक, गांव-गांव PDA पंचायतों से लेकर PDA रथ तक, 112 गांवों में विकास विजन से लेकर छात्रों के सम्मान अभियान तक और शिवपाल सिंह यादव, आदित्य यादव तथा श्यामलाल पाल जैसे वरिष्ठ नेताओं के कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी से लेकर निराश्रितों के आश्रय गृह जैसी सामाजिक पहल तक—उनकी गतिविधियों का दायरा लगातार बढ़ा है।
यही वजह है कि फरीदपुर की सपा राजनीति में चंद्रसेन सागर की दावेदारी अब केवल पारिवारिक राजनीतिक पृष्ठभूमि या पूर्व ब्लॉक प्रमुख के रूप में उनकी पहचान तक सीमित नहीं है। वह संगठन, सामाजिक संपर्क, युवा संवाद, PDA राजनीति और वरिष्ठ नेतृत्व के साथ सक्रिय राजनीतिक जुड़ाव को एक साथ सामने रख रहे हैं।




